भारत और पाकिस्तान, यानी वो पड़ोसी देश जो न सिर्फ सरहद पर लड़ते हैं बल्कि मैदान पर भी इनके बीच कड़ा मुकाबला होता है। क्रिकेट ग्राउंड पर दोनों टीमों के बीच उत्साह अपने चरम पर होता है। दुनियाभर के फैंस बेसब्री से इनके मुकाबले का इंतजार करते है। ऐसा ही एक मैच 1999 में खेला गया था, जो हमेशा-हमेशा के लिए इतिहास में दर्ज हो गया। चेन्नई की सरजमीं पर खेले गए उस टेस्ट को आजतक याद रखा जाता है। रोमांच की सारी पराकाष्ठा पार कर चुके इस मैच में सिर्फ 12 रन से जीत-हार का फैसला हुआ।
जब पाकिस्तान के सामने अकेले खड़े थे सचिन, मुश्ताक को करना पड़ा था अल्लाह का शुक्रिया
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271 रन का पीछा कर रही टीम इंडिया भले ही वो मैच हार गई, लेकिन फैंस के दिलो-ओ-दिमाग पर सचिन तेंदुलकर की वो बेहतरीन पारी आजतक चस्पा है। एक वक्त लग रहा था कि पाकिस्तान आसानी से वह मैच जीत जाएगा, क्योंकि भारत की आधी टीम महज 82 रन पर आउट हो चुकी थी। सौरव-राहुल-लक्ष्मण-अजहर सरीखे दिग्गज पवेलियन लौट चुके थे, लेकिन मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अंगद की तरह पिच पर अपने पैर जमाए हुए थे, उन्होंने नयन मोंगिया के साथ मिलकर न सिर्फ टीम को संकट से उबारा बल्कि जीत की खुशबू भी दिलाई।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम अनिल कुंबले के फिरकी में फंस गई। जंबो ने छह विकेट लेकर पाक टीम की कमर तोड़ दी। 238 रन पर पड़ोसियों को समेटने के बाद भारत की पहली पारी भी 254 रन पर ऑलआउट हो गई। एक बार फिर चेन्नई की धीमी पिच पर स्पिनर्स का जादू चला। सकलैन मुश्ताक ने जहां पंजा मारा तो शाहिद अफरीदी को भी तीन विकेट मिले। इस लो स्कोरिंग मैच में 16 रन से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 286 रन बनाए, इस तरह मेजबानों को 271 रन का लक्ष्य मिला।
पहली पारी में टीम को ठोस शुरुआत देने वाली वीवीएस लक्ष्मण और सदगोपन रमेश की जोड़ी इस बार फेल रही। छह रन पर दोनों सलामी बल्लेबाजी आउट हो चुके थे। तीसरे क्रम पर आए राहुल द्रविड़ भी सिर्फ 10 रन बनाकर विपक्षी कप्तान वसीम अकरम की बेहतरीन गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। इस बीच सचिन जरूर एक छोर संभाले हुए थे, लेकिन दूसरी तरफ से विकेटों का सिलसिला जारी रहा। कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन (7) और सौरव गांगुली (2) सकलैन मुश्ताक का शिकार बने।
सचिन के विकेट के किस्से को याद करते हुए मुश्ताक ने कहा कि उस दिन अल्लाह मेरे साथ था। इस मैच में नयन मोंगिया ने 52 रन बनाकर सचिन का साथ दिया। भारत को जीत के लिए केवल 17 रन की जरूरत थी। तभी सकलैन मुश्ताक ने सचिन को आउट कर दिया। तेंदुलकर बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे थे, उनके खेल ने टीम इंडिया के लिए बार फिर जीत के दरवाजे खोल दिए थे। सचिन ने 136 रन की पारी खेली। अंत में भारत 12 रन से हार गया।