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राहुल द्रविड़ आज की क्रिकेट में फिट नहीं बैठते, क्यों किया उन्होंने ऐसा दावा?
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rohit Ojha
Updated Tue, 09 Jun 2020 04:24 PM IST
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राहुल द्रविड़
- फोटो : ट्विटर
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अपने जमाने के दिग्गज बल्लेबाज और भारतीय क्रिकेट टीम की 'दीवार' कहलाए जाने वाले राहुल द्रविड़ को यह स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं कि वह जिस तरह से धीमी बल्लेबाजी करते थे उसे देखते उनके लिए आज की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बने रहना मुश्किल होता, लेकिन इसके साथ ही उनका मानना है कि रक्षात्मक तकनीकी का अस्तित्व बना रहेगा भले ही इसका महत्व कम होता जा रहा है।
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चेतेश्वर पुजारा
- फोटो : pti
द्रविड़ ने कहा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बल्लेबाजों ने एकदिवसीय क्रिकेट में नए प्रतिमान स्थापित कर दिए हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में चेतेश्वर पुजारा जैसे बल्लेबाज की हमेशा जरूरत रहेगी। जहां तक उनकी खुद की बात है तो उन्हें रक्षात्मक कहलाने में गुरेज नहीं क्योंकि वह शुरू से ही टेस्ट खिलाड़ी बनना चाहते थे।
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rahul dravid
द्रविड़ ने पूर्व भारतीय खिलाड़ी संजय मांजरेकर के साथ ईएसपीएनक्रिकइन्फो वीडियोकास्ट में कहा, 'अगर इसका मतलब लंबे समय तक क्रीज पर बने रहना या गेंदबाजों को थकाना या मुश्किल परिस्थितियों में नई गेंद की चमक खत्म करना है ताकि बाद में खेलना आसान हो सके तो मैं ऐसा करता था।'
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राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग
बकौल राहुल, 'मैं इसे अपनी भूमिका के तौर पर देखता था और मुझे इस पर गर्व है। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं वीरेंद्र सहवाग के जैसे बल्लेबाजी नहीं करना चाहता था या उस तरह से शॉट नहीं खेलना चाहता था, लेकिन हो सकता है कि मेरा कौशल अलग तरह का हो। मेरा कौशल प्रतिबद्धता और एकाग्रता से जुड़ा था और मैंने इस पर काम किया।'
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राहुल द्रविड़
- फोटो : सोशल मीडिया
इस पूर्व कप्तान ने इसके साथ ही कहा कि वह 300 से अधिक वन-डे में खेले जिसका मतलब है कि उनकी भूमिका केवल विकेट बचाए रखने तक ही सीमित नहीं थी। द्रविड़ ने कहा, 'निश्चित तौर पर मैं जिस तरह से बल्लेबाजी करता था अगर आज के दिनों में वैसी बल्लेबाजी करता तो मैं (टीम में) टिक नहीं पाता। आज का स्ट्राइक रेट देखो। वन-डे क्रिकेट में मेरा स्ट्राइक रेट सचिन (तेंदुलकर) या वीरू (सहवाग) जैसा नहीं था, लेकिन तब हम उसी तरह से क्रिकेट खेला करते थे।'
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