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Women's T20 World Cup: किस तरह दीप्ति शर्मा को पाकिस्तान के खिलाफ मिली सफलता? भारतीय ऑलराउंडर ने किया खुलासा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बर्मिंघम
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 15 Jun 2026 02:08 PM IST
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सार
भारतीय महिला टीम की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पाकिस्तान के खिलाफ टी20 विश्व कप के मुकाबले में दमदार प्रदर्शन किया। दीप्ति ने अब बताया है कि किस तरह वह सफलता हासिल करने में सफल रहीं।
दीप्ति शर्मा
- फोटो : IANS
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विस्तार
पाकिस्तान के खिलाफ महिला टी20 विश्व कप के मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करने वाली दीप्ति शर्मा ने सफलता का मंत्र बताया है। भारतीय टीम ने महिला टी20 विश्व कप 2026 का आगाज जीत के साथ किया। बर्मिंघम में खेले गए मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 64 रनों से हराया। दीप्ति शर्मा ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट झटके और टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
मैनेजमेंट ने दिया था स्पष्ट संदेश
दीप्ति ने बताया कि टीम मैनेजमेंट की तरफ से संदेश साफ था कि गेंदबाजी करते हुए पिछले ओवर में क्या हुआ उसे अगले ओवर में याद नहीं रखना है। दीप्ति ने कहा, किसी एक पल को चुनना मुश्किल है क्योंकि इस मैच में मैं जो कुछ भी कर पाई, वह खास था, लेकिन मैं पांच विकेट लेने को चुनूंगी। आईसीसी टूर्नामेंट में पांच विकेट लेना और अपनी टीम के लिए मैच जीतना बहुत बड़ी बात है। जब पहला ड्रिंक्स ब्रेक हुआ, तो चर्चा थोड़ी बेहतर करने की थी क्योंकि हम जानते हैं कि हमारी टीम में कितने काबिल खिलाड़ी हैं।
उन्होंने आगे कहा, भले ही आप एक ओवर में रन दे दें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि आपको अगले ओवर में वापसी करने का मौका मिलेगा। हर कोई सकारात्मक रहेगा और यही मैसेज हर गेंदबाज को दिया गया। सभी को मैसेज दिया गया कि अगले ओवर में वे क्या बेहतर कर सकते हैं, इस पर फोकस करें और पिछले ओवर में जो हुआ उसे भूल जाएं।
दीप्ति ने बताया कि टीम मैनेजमेंट की तरफ से संदेश साफ था कि गेंदबाजी करते हुए पिछले ओवर में क्या हुआ उसे अगले ओवर में याद नहीं रखना है। दीप्ति ने कहा, किसी एक पल को चुनना मुश्किल है क्योंकि इस मैच में मैं जो कुछ भी कर पाई, वह खास था, लेकिन मैं पांच विकेट लेने को चुनूंगी। आईसीसी टूर्नामेंट में पांच विकेट लेना और अपनी टीम के लिए मैच जीतना बहुत बड़ी बात है। जब पहला ड्रिंक्स ब्रेक हुआ, तो चर्चा थोड़ी बेहतर करने की थी क्योंकि हम जानते हैं कि हमारी टीम में कितने काबिल खिलाड़ी हैं।
उन्होंने आगे कहा, भले ही आप एक ओवर में रन दे दें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि आपको अगले ओवर में वापसी करने का मौका मिलेगा। हर कोई सकारात्मक रहेगा और यही मैसेज हर गेंदबाज को दिया गया। सभी को मैसेज दिया गया कि अगले ओवर में वे क्या बेहतर कर सकते हैं, इस पर फोकस करें और पिछले ओवर में जो हुआ उसे भूल जाएं।
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दीप्ति ने किया महिला टी20 विश्व कप का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
दीप्ति का प्रदर्शन महिला टी20 विश्व कप में किसी भारतीय खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यही नहीं यह टूर्नामेंट में कुल मिलाकर तीसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। दीप्ति ने पिछले साल वनडे विश्व कप में भारत को खिताब दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दीप्ति ने कहा, मुझे दबाव वाली परिस्थितियां और आईसीसी टूर्नामेंट में खेलना पसंद हैं। मुझे ऐसा लगता है कि मैंने वहीं से फिर से शुरुआत की है जहां मैंने खत्म किया था, इसलिए अच्छा लग रहा है। मैं अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं और अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल करने की कोशिश करती हूं। इससे मुझे काफी मदद मिलती रही है। बस मुझे आगे बढ़ते रहना है, रुकना नहीं है और दिन-प्रतिदिन अपने खेल में सुधार करते रहना है।
दीप्ति का प्रदर्शन महिला टी20 विश्व कप में किसी भारतीय खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यही नहीं यह टूर्नामेंट में कुल मिलाकर तीसरा सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है। दीप्ति ने पिछले साल वनडे विश्व कप में भारत को खिताब दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दीप्ति ने कहा, मुझे दबाव वाली परिस्थितियां और आईसीसी टूर्नामेंट में खेलना पसंद हैं। मुझे ऐसा लगता है कि मैंने वहीं से फिर से शुरुआत की है जहां मैंने खत्म किया था, इसलिए अच्छा लग रहा है। मैं अपनी प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं और अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल करने की कोशिश करती हूं। इससे मुझे काफी मदद मिलती रही है। बस मुझे आगे बढ़ते रहना है, रुकना नहीं है और दिन-प्रतिदिन अपने खेल में सुधार करते रहना है।
यह 28 वर्षीय खिलाड़ी उस भारतीय टीम का भी हिस्सा थी जो 2017 में यहां वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी। तब से लेकर अब तक के अपने सफर के बारे में दीप्ति ने कहा, जब आप युवा दीप्ति और अब की अनुभवी दीप्ति पर गौर करते हैं तो बहुत अच्छा लगता है। पुराने मैचों विशेषकर 2017 विश्व कप से मैंने बहुत कुछ सीखा। मैं हर मैच से सीखती हूं। मैं हमेशा अपनी गलतियों का आकलन करती हूं और इस पर ध्यान देती हूं कि मैं कहां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हूं। मैं नियमित रूप से आविष्कार साल्वी सर से इस बारे में बात करती हूं, जिससे मुझे काफी मदद मिलती है। प्रत्येक मैच से कुछ ना कुछ सीखने को मिलता है और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप जीत रहे हैं या नहीं।