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Harbhajan-Kohli: क्या आसान प्रारूप होने की वजह से वनडे खेलते हैं कोहली? हरभजन ने मांजरेकर के दावे की खोली पोल
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 16 Jan 2026 02:48 PM IST
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सार
मांजरेकर के इस बयान पर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था। जहां कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया था, वहीं कई पूर्व क्रिकेटर समेत फैंस ने मांजरेकर की जमकर आलोचना की थी।
कोहली, हरभजन और मांजरेकर
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने संजय मांजरेकर पर निशाना साधा है। उन्होंने मांजरेकर के उन दावों पर बात की है जिसमें उन्होंने कहा था कि विराट कोहली सिर्फ वनडे में इसलिए खेल रहे हैं क्योंकि यह टेस्ट की तुलना में आसान प्रारूप है, जबकि उनके समकक्ष (जो रूट, केन विलियम्सन और स्टीव स्मिथ) टेस्ट में अपनी धाक जमाने में लगे हैं।
मांजरेकर के इस बयान पर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था। जहां कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया था, वहीं कई पूर्व क्रिकेटर समेत फैंस ने मांजरेकर की जमकर आलोचना की थी। अब इस मामले में हरभजन सिंह भी कूद पड़े हैं और उन्होंने विराट कोहली का समर्थन किया है।
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मांजरेकर के इस बयान पर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया था। जहां कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया था, वहीं कई पूर्व क्रिकेटर समेत फैंस ने मांजरेकर की जमकर आलोचना की थी। अब इस मामले में हरभजन सिंह भी कूद पड़े हैं और उन्होंने विराट कोहली का समर्थन किया है।
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संजय मांजरेकर ने कोहली को लेकर छेड़ी बहस
हाल ही में संजय मांजरेकर ने एक बहस छेड़ दी, जब उन्होंने कहा कि विराट कोहली ने टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज के लिए सबसे आसान फॉर्मेट चुना। अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में मांजरेकर ने कहा, 'अगर विराट कोहली क्रिकेट से ही संन्यास ले लेते, सभी फॉर्मेट से, तो ठीक था, लेकिन उन्होंने वनडे क्रिकेट खेलना चुना, इस बात ने मुझे और ज्यादा निराश किया, क्योंकि यह फॉर्मेट टॉप-ऑर्डर बैटर के लिए सबसे आसान है। असली परीक्षा टेस्ट क्रिकेट में होती है और टी20 क्रिकेट में अलग तरह की चुनौतियां हैं।'
हाल ही में संजय मांजरेकर ने एक बहस छेड़ दी, जब उन्होंने कहा कि विराट कोहली ने टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज के लिए सबसे आसान फॉर्मेट चुना। अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में मांजरेकर ने कहा, 'अगर विराट कोहली क्रिकेट से ही संन्यास ले लेते, सभी फॉर्मेट से, तो ठीक था, लेकिन उन्होंने वनडे क्रिकेट खेलना चुना, इस बात ने मुझे और ज्यादा निराश किया, क्योंकि यह फॉर्मेट टॉप-ऑर्डर बैटर के लिए सबसे आसान है। असली परीक्षा टेस्ट क्रिकेट में होती है और टी20 क्रिकेट में अलग तरह की चुनौतियां हैं।'
हरभजन सिंह ने मांजरेकर के तर्क को खारिज किया
हालांकि हरभजन सिंह ने इस तर्क को पूरी तरह खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट में सफलता को फॉर्मेट के आधार पर नहीं बांटा जा सकता। एक कार्यक्रम के दौरान, जैसा कि स्पोर्टस्टार ने रिपोर्ट किया, पूर्व ऑफ-स्पिनर ने कहा कि ध्यान प्रदर्शन और प्रभाव पर होना चाहिए, न कि फॉर्मेट पर।
हरभजन ने कहा, 'अगर किसी भी फॉर्मेट में रन बनाना इतना आसान होता, तो हर कोई बना लेता। हमें बस इस बात का आनंद लेना चाहिए कि खिलाड़ी क्या कर रहे हैं। वे अच्छा खेल रहे हैं, मैच जिता रहे हैं, रन बना रहे हैं, विकेट ले रहे हैं, बस वही मायने रखता है। यह कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन सा खिलाड़ी कौन सा फॉर्मेट खेलता है। विराट एक फॉर्मेट खेले या सभी खेलें, वे भारत के लिए बड़े मैच विनर रहे हैं।'
हालांकि हरभजन सिंह ने इस तर्क को पूरी तरह खारिज कर दिया और जोर देकर कहा कि इंटरनेशनल क्रिकेट में सफलता को फॉर्मेट के आधार पर नहीं बांटा जा सकता। एक कार्यक्रम के दौरान, जैसा कि स्पोर्टस्टार ने रिपोर्ट किया, पूर्व ऑफ-स्पिनर ने कहा कि ध्यान प्रदर्शन और प्रभाव पर होना चाहिए, न कि फॉर्मेट पर।
हरभजन ने कहा, 'अगर किसी भी फॉर्मेट में रन बनाना इतना आसान होता, तो हर कोई बना लेता। हमें बस इस बात का आनंद लेना चाहिए कि खिलाड़ी क्या कर रहे हैं। वे अच्छा खेल रहे हैं, मैच जिता रहे हैं, रन बना रहे हैं, विकेट ले रहे हैं, बस वही मायने रखता है। यह कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन सा खिलाड़ी कौन सा फॉर्मेट खेलता है। विराट एक फॉर्मेट खेले या सभी खेलें, वे भारत के लिए बड़े मैच विनर रहे हैं।'
'कोहली आंकड़ों से आगे जाकर प्रेरित करते हैं'
हरभजन सिंह ने यह भी कहा कि कोहली का प्रभाव सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी को प्रेरित करते हैं। उन्होंने आगे कहा, 'ये खिलाड़ी अगली पीढ़ी को प्रेरित करते हैं। मांजरेकर की अपनी सोच है। मेरे नजरिए से विराट और ऐसे खिलाड़ी इस खेल को आगे ले जाने में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं।'
हरभजन सिंह ने यह भी कहा कि कोहली का प्रभाव सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी को प्रेरित करते हैं। उन्होंने आगे कहा, 'ये खिलाड़ी अगली पीढ़ी को प्रेरित करते हैं। मांजरेकर की अपनी सोच है। मेरे नजरिए से विराट और ऐसे खिलाड़ी इस खेल को आगे ले जाने में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं।'
कोहली का टेस्ट संन्यास और वर्तमान फॉर्म
विराट कोहली पिछले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। उन्होंने टेस्ट में शानदार करियर के साथ 29 शतक जमाए और विदेशों में कई अहम जीत दिलाईं। टेस्ट के बाद भी वे वनडे में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं और 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक भारत के लिए खेलने की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं। हरभजन ने कहा कि कोहली का टेस्ट का दर्जा आज भी जस का तस है। उन्होंने कहा, 'विराट एक अविश्वसनीय खिलाड़ी हैं। आज भी अगर वे टेस्ट क्रिकेट खेलें, तो हमारे लिए वही मुख्य खिलाड़ी होंगे।'
विराट कोहली पिछले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। उन्होंने टेस्ट में शानदार करियर के साथ 29 शतक जमाए और विदेशों में कई अहम जीत दिलाईं। टेस्ट के बाद भी वे वनडे में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं और 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक भारत के लिए खेलने की इच्छा व्यक्त कर चुके हैं। हरभजन ने कहा कि कोहली का टेस्ट का दर्जा आज भी जस का तस है। उन्होंने कहा, 'विराट एक अविश्वसनीय खिलाड़ी हैं। आज भी अगर वे टेस्ट क्रिकेट खेलें, तो हमारे लिए वही मुख्य खिलाड़ी होंगे।'
कोहली का ताजा प्रदर्शन
कोहली का हालिया फॉर्म भी यह साबित करता है। उन्होंने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में 93 रन बनाए। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 135, 102 और नाबाद 65 रन बनाए थे।फॉर्मेट और लंबी पारी खेलने को लेकर बहस जारी है, लेकिन हरभजन सिंह का रुख यह बताता है कि महानता फॉर्मेट से नहीं, प्रभाव से मापी जाती है।
कोहली का हालिया फॉर्म भी यह साबित करता है। उन्होंने रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में 93 रन बनाए। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 135, 102 और नाबाद 65 रन बनाए थे।फॉर्मेट और लंबी पारी खेलने को लेकर बहस जारी है, लेकिन हरभजन सिंह का रुख यह बताता है कि महानता फॉर्मेट से नहीं, प्रभाव से मापी जाती है।