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Ganguly-Dhoni: 'जो अच्छा है उसको टीम में लाओ, वरना खत्म हो जाएगा', धोनी को लेकर दादा का यह किस्सा जीत लेगा दिल
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 19 May 2026 10:44 AM IST
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सार
गांगुली के मुताबिक, जिस क्रिकेटर में टैलेंट है, उसको टीम इंडिया में मौका देने के लिए इंतजार नहीं करना चाहिए। उसे जल्द से जल्द टीम में शामिल किया जाना चाहिए और उसके टैलेंट को बेहतर बनाने में मदद करनी चाहिए।
गांगुली और धोनी
- फोटो : ANI
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विस्तार
आईपीएल 2026 का रोमांच फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है। इस सीजन कई युवा खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से सुर्खियां बटोरीं। अब उन्हें भारतीय टीम में शामिल करने को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। इनमें वैभव सूर्यवंशी, प्रियांश आर्य जैसे युवा शामिल हैं। हालांकि, एक दौर था जब आईपीएल नहीं हुआ करता था और तब चयनकर्ता या कोच या फिर कप्तान खुद स्टेडियम जाकर भारत के घरेलू टूर्नामेंट के मैच देखा करते थे, ताकि सही खिलाड़ी को सही समय पर मौका दिया जा सके। भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भी उन कप्तानों में शामिल थे, जो स्टेडियम जाकर खुद खिलाड़ी को परखते थे। इसी तरह उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को भी टीम में शामिल किया था। इसी की कहानी उन्होंने राज शमानी के पॉडकास्ट में कही है। उन्होंने बताया कि कैसे धोनी को उन्होंने टीम में लाने में कोई देरी नहीं की।
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धोनी को दादा ने कैसे स्काउट किया?
पॉडकास्ट में जब गांगुली से पूछा गया कि धोनी को टीम मैनेजमेंट ने कैसे स्काउट किया? तो गांगुली ने बताया- मैं एमएस धोनी को देखने जमशेदपुर गया था और उन्हें पता भी नहीं है। सबा करीम ने मुझसे कहा कि वो बहुत छक्के मारता है तो उसको देख लो। तो उसे बस वहीं से हमने पिक किया और इंडिया-ए टीम में ले आए। इंडिया-ए के लिए पहला मैच उन्होंने वानखेड़े में खेला। तब वह मेरी टीम में थे। उस मैच में धोनी ने 100 रन बनाए। छक्के भी वो छत पर मार रहे थे। इसके बाद तो उनके टीम इंडिया में शामिल करना ही था।'
पॉडकास्ट में जब गांगुली से पूछा गया कि धोनी को टीम मैनेजमेंट ने कैसे स्काउट किया? तो गांगुली ने बताया- मैं एमएस धोनी को देखने जमशेदपुर गया था और उन्हें पता भी नहीं है। सबा करीम ने मुझसे कहा कि वो बहुत छक्के मारता है तो उसको देख लो। तो उसे बस वहीं से हमने पिक किया और इंडिया-ए टीम में ले आए। इंडिया-ए के लिए पहला मैच उन्होंने वानखेड़े में खेला। तब वह मेरी टीम में थे। उस मैच में धोनी ने 100 रन बनाए। छक्के भी वो छत पर मार रहे थे। इसके बाद तो उनके टीम इंडिया में शामिल करना ही था।'
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'पॉलिश का मौका नहीं देना चाहिए'
गांगुली ने आगे यह भी बताया कि क्यों टैलेंटेड खिलाड़ियों को पॉलिश का मौका नहीं देना चाहिए और जल्द से जल्द मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जो अच्छा है उसको फास्ट-ट्रैक करना है। उसको छोड़ नहीं सकते।' इस पर होस्ट ने पूछा कि उस खिलाड़ी के मैच्योर होने का इंतजार भी नहीं करना चाहिए? जवाब में गांगुली ने कहा, 'खत्म हो जाएगा वो खिलाड़ी। अपने लेवल से ऊपर के लोगों के साथ खेलोगे तो आपका गेम बढ़ेगा। नीचे के लेवल के खिलाड़ियों के साथ खेलोगे तो लेवल नीचे जाएगा।'
गांगुली ने आगे यह भी बताया कि क्यों टैलेंटेड खिलाड़ियों को पॉलिश का मौका नहीं देना चाहिए और जल्द से जल्द मौका देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जो अच्छा है उसको फास्ट-ट्रैक करना है। उसको छोड़ नहीं सकते।' इस पर होस्ट ने पूछा कि उस खिलाड़ी के मैच्योर होने का इंतजार भी नहीं करना चाहिए? जवाब में गांगुली ने कहा, 'खत्म हो जाएगा वो खिलाड़ी। अपने लेवल से ऊपर के लोगों के साथ खेलोगे तो आपका गेम बढ़ेगा। नीचे के लेवल के खिलाड़ियों के साथ खेलोगे तो लेवल नीचे जाएगा।'
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सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं
- गांगुली का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है और लोग दादा की इस सोच की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
- फैंस तो यहां तक लिख रहे हैं कि दादा की इसी सोच ने टीम इंडिया को एक आक्रामक और मजबूत टीम बनाने की नींव रखी।
- कुछ फैंस ने लिखा कि दादा की वजह से ही धोनी आज इतने कामयाब हैं।
- कुछ फैंस ने लिखा कि भारत की मौजूदा कामयाबी के पीछे गांगुली का ही हाथ है।
- एक और फैन ने लिखा, 'दादा की टैलेंट पहचानने की नजर कमाल की थी। एक महान लीडर की सबसे बड़ी खूबियों में से एक यह होती है कि वह टैलेंट को कैसे पहचानता है।'