IND vs ENG: कैसे बदली वॉशिंगटन की बल्लेबाजी? शानदार अर्धशतक के बाद सुंदर ने इन्हें दिया श्रेय; जानें क्या कहा
इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में नाबाद अर्धशतक जड़कर भारत की जीत के नायकों में शामिल रहे वॉशिंगटन सुंदर ने अपनी बल्लेबाजी में आए बदलाव का श्रेय मुख्य कोच गौतम गंभीर और गुजरात टाइटंस के कोच आशीष नेहरा को दिया। सुंदर ने कहा कि दोनों ने उन्हें अपना खेल और अपनी क्षमता बेहतर तरीके से समझने में मदद की।
विस्तार
भारत के ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में 63 गेंदों पर नाबाद 52 रन की अहम पारी खेली। इस प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में आए सुधार का श्रेय भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और गुजरात टाइटंस के मुख्य कोच आशीष नेहरा को दिया। सुंदर ने कहा कि दोनों ने उन्हें अपने खेल को बेहतर तरीके से समझने में काफी मदद की है।
क्या पहले वनडे में सुंदर की पारी भारत की जीत की नींव बनी?
एजबेस्टन में खेले गए पहले वनडे में भारत ने इंग्लैंड को छह विकेट से हराया। इस मुकाबले में वॉशिंगटन सुंदर ने अक्षर पटेल के साथ नाबाद 102 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी की बदौलत भारत ने मैच जीतने के साथ सीरीज में 1-0 की बढ़त भी बना ली।
गौतम गंभीर और आशीष नेहरा ने सुंदर को अपना खेल समझाया?
अपनी बल्लेबाजी में आए बदलाव पर बात करते हुए सुंदर ने कहा कि वह हमेशा अपनी तैयारी को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। उन्होंने कहा कि मैं बहुत अच्छी तैयारी करने की कोशिश करता हूं। तैयारी के मामले में मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि हर चीज पूरी तरह से करूं। मैं बहुत आभारी हूं कि लोगों ने हमेशा मेरी काबिलियत पर भरोसा किया है।
उन्होंने आगे कहा कि गौतम गंभीर ने हमेशा मुझे समझाया कि मैं बल्लेबाजी से वास्तव में क्या कर सकता हूं और मुझे अपना खेल समझने में मदद की। वहीं गुजरात टाइटंस में आशीष नेहरा ने भी मुझे खुद को बेहतर तरीके से समझने में मदद की, चाहे एक इंसान के तौर पर हो या एक क्रिकेटर के तौर पर। मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मेरे आसपास ऐसे लोग हैं, जो हर दिन मुझे बेहतर क्रिकेटर बनने में मदद कर रहे हैं।
क्या ऑलराउंडर के तौर पर लगातार सुधार जरूरी है?
वॉशिंगटन सुंदर ने कहा कि एक ऑलराउंडर के रूप में हर दिन बेहतर होना, अपने खेल को समझना और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक, ज्यादा मैच खेलने से अलग-अलग परिस्थितियों को समझने और अपनी क्षमता को पहचानने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे लोगों का साथ मिला, जिन्होंने हमेशा उनकी स्किल्स पर भरोसा किया और उन्हें अपनी क्षमता पहचानने में मदद की।
क्या अलग-अलग रोल निभाने से सुंदर को फायदा मिला?
सुंदर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उन्हें फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ओपनिंग, मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी और व्हाइट-बॉल क्रिकेट में फिनिशर जैसी अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाने का मौका मिला। उनके अनुसार, इन भूमिकाओं ने उन्हें अधिक बेहतर और संपूर्ण क्रिकेटर बनने में मदद की है।
उन्होंने कहा कि मैंने सीखा है कि अपनी स्किल्स को लगातार बेहतर बनाना जरूरी है। अलग-अलग रोल निभाना रोमांचक होता है और बहुत कम खिलाड़ियों को ऐसा मौका मिलता है। मैं हर भूमिका में टीम को जीत दिलाने की पूरी कोशिश करता हूं।
क्या अलग-अलग फॉर्मेट में तैयारी सबसे अहम है?
सुंदर ने कहा कि अलग-अलग परिस्थितियों और फॉर्मेट में खेलना चुनौतीपूर्ण होने के साथ रोमांचक भी होता है। उनका मानना है कि लगातार अच्छी तैयारी ही उन्हें हर मौके के लिए तैयार रखती है। उन्होंने कहा कि कम समय में अलग-अलग फॉर्मेट खेलने के कारण ज्यादा बदलाव की गुंजाइश नहीं होती, इसलिए उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि तैयारी में कोई कमी न रहे।