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Manav Suthar 4(11)*
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Day 2 - Session 3, India elected to bat
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Virat Kohli: क्या वनडे सबसे आसान प्रारूप है? कोहली को लेकर मांजरेकर के बयान पर शुभमन ने कसा तंज! जानें मामला
Sun, 11 Jan 2026 09:09 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बड़ोदा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बड़ोदा
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 11 Jan 2026 09:09 AM IST
सार
विराट कोहली के टेस्ट संन्यास के बाद संजय मांजरेकर ने दावा किया कि वनडे सबसे आसान फॉर्मेट है। इस टिप्पणी पर विवाद बढ़ा और वडोदरा में पत्रकारों ने शुभमन गिल से इस पर प्रतिक्रिया मांगी। गिल ने सीधा जवाब दिया कि कोई भी फॉर्मेट आसान नहीं होता और अगर वनडे आसान होता तो भारत 2011 के बाद से आईसीसी टूर्नामेंट आसानी से जीत लेता। उधर मांजरेकर अपने तर्क पर कायम हैं और मानते हैं कि टॉप-ऑर्डर बल्लेबाजों के लिए वनडे कम चुनौतीपूर्ण है।
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विराट कोहली, शुभमन गिल और संजय मांजरेकर
- फोटो : ANI
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विस्तार
हाल ही में इंग्लैंड के जो रूट ने टेस्ट क्रिकेट में अपना 41वां शतक जमाया, जिसके बाद विराट कोहली के टेस्ट से संन्यास लेने के फैसले पर फिर चर्चा शुरू हो गई। विराट कोहली, रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियम्सन मिलकर 'फैब-4' कहलाते हैं, लेकिन इस चौकड़ी में सिर्फ कोहली ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने टेस्ट से संन्यास लिया है।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने इसी मुद्दे पर एक वीडियो जारी किया और कहा कि कोहली ने टेस्ट की कमियों को दूर करने की बजाय संन्यास लेकर 'सबसे आसान फॉर्मेट', वनडे पर ध्यान देना चुना। मांजरेकर की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर काफी विवाद का कारण बनी।
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पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने इसी मुद्दे पर एक वीडियो जारी किया और कहा कि कोहली ने टेस्ट की कमियों को दूर करने की बजाय संन्यास लेकर 'सबसे आसान फॉर्मेट', वनडे पर ध्यान देना चुना। मांजरेकर की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर काफी विवाद का कारण बनी।
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शुभमन गिल का सीधा जवाब
भारत बनाम न्यूजीलैंड पहली वनडे से पहले वडोदरा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने शुभमन गिल से पूछा, 'क्या आप मानते हैं कि वनडे तीनों फॉर्मेट में सबसे आसान है? क्योंकि एक पूर्व क्रिकेटर ने ऐसा कहा है।' गिल ने बिना नाम लिए मांजरेकर की टिप्पणी पर जवाब देते हुए कहा, 'मुझे नहीं लगता कि कोई भी फॉर्मेट आसान होता है। भारतीय टीम ने 2011 के बाद से कोई विश्व कप नहीं जीता है। अगर वनडे इतना आसान होता, तो हम हर दूसरे संस्करण में विश्व कप जीतते।' गिल ने आगे कहा कि किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट को जीतने के लिए स्थिरता, धैर्य और दृढ़ संकल्प की जरूरत पड़ती है। इसलिए किसी फॉर्मेट को आसान बताना उचित नहीं है।
भारत बनाम न्यूजीलैंड पहली वनडे से पहले वडोदरा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने शुभमन गिल से पूछा, 'क्या आप मानते हैं कि वनडे तीनों फॉर्मेट में सबसे आसान है? क्योंकि एक पूर्व क्रिकेटर ने ऐसा कहा है।' गिल ने बिना नाम लिए मांजरेकर की टिप्पणी पर जवाब देते हुए कहा, 'मुझे नहीं लगता कि कोई भी फॉर्मेट आसान होता है। भारतीय टीम ने 2011 के बाद से कोई विश्व कप नहीं जीता है। अगर वनडे इतना आसान होता, तो हम हर दूसरे संस्करण में विश्व कप जीतते।' गिल ने आगे कहा कि किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट को जीतने के लिए स्थिरता, धैर्य और दृढ़ संकल्प की जरूरत पड़ती है। इसलिए किसी फॉर्मेट को आसान बताना उचित नहीं है।
मांजरेकर का तर्क: टॉप-ऑर्डर को मिलता है फायदा
संजय मांजरेकर ने अपनी टिप्पणी को लेकर कहा कि उन्हें कोहली का टेस्ट छोड़ना खलता है। उनका कहना था कि कोहली टेस्ट में अपनी कमियों को दूर कर सकते थे, पर उन्होंने ऐसा करने के बजाय वनडे जारी रखने का फैसला लिया। मांजरेकर ने इंस्टाग्राम पर एक और वीडियो में कहा:
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट में ऐसे कई बल्लेबाज रहे जो टेस्ट में मिडिल ऑर्डर में खेलना पसंद करते थे, लेकिन वनडे में ओपनिंग करने के लिए उत्साहित रहते थे। इससे साबित होता है कि टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज वनडे में ज्यादा सहज महसूस करते हैं।
संजय मांजरेकर ने अपनी टिप्पणी को लेकर कहा कि उन्हें कोहली का टेस्ट छोड़ना खलता है। उनका कहना था कि कोहली टेस्ट में अपनी कमियों को दूर कर सकते थे, पर उन्होंने ऐसा करने के बजाय वनडे जारी रखने का फैसला लिया। मांजरेकर ने इंस्टाग्राम पर एक और वीडियो में कहा:
- वनडे शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के लिए आसान होता है।
- गेंदबाज सिर्फ 10-15 रन प्रति ओवर रोकने का प्रयास करते हैं, न कि लगातार विकेट निकालने का।
- टेस्ट जैसी परिस्थितियां नहीं होतीं, जहां चार स्लिप और गली खड़े रहते हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट में ऐसे कई बल्लेबाज रहे जो टेस्ट में मिडिल ऑर्डर में खेलना पसंद करते थे, लेकिन वनडे में ओपनिंग करने के लिए उत्साहित रहते थे। इससे साबित होता है कि टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज वनडे में ज्यादा सहज महसूस करते हैं।
विवाद क्यों बढ़ा?
क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों का मानना है कि फॉर्मेट की तुलना करना गलत है, क्योंकि तीनों फॉर्मेट में तकनीक, मानसिकता, मैच स्थिति और फिटनेस की आवश्यकताएं अलग होती हैं। इसलिए कई लोगों को लगा कि मांजरेकर ने न सिर्फ वनडे को कम आंका, बल्कि कोहली के फैसले पर भी अनावश्यक सवाल खड़े किए।
क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों का मानना है कि फॉर्मेट की तुलना करना गलत है, क्योंकि तीनों फॉर्मेट में तकनीक, मानसिकता, मैच स्थिति और फिटनेस की आवश्यकताएं अलग होती हैं। इसलिए कई लोगों को लगा कि मांजरेकर ने न सिर्फ वनडे को कम आंका, बल्कि कोहली के फैसले पर भी अनावश्यक सवाल खड़े किए।