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लिटन दास को बांग्लादेश बोर्ड से खतरा?: भारत में टी20 विश्व कप खेलने पर बोले- मेरे लिए जवाब देना सुरक्षित नहीं
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 21 Jan 2026 09:27 AM IST
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सार
टी20 विश्व कप 2026 के वेन्यू विवाद पर बांग्लादेश की भागीदारी अनिश्चित है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत में मैच खेलने से सुरक्षा कारणों से इनकार करते हुए श्रीलंका शिफ्ट की मांग की है। आईसीसी अभी राजी नहीं है। बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मैच के बाद लिटन दास ने सवाल पर कहा, 'इसका जवाब देना मेरे लिए सुरक्षित नहीं है', जिससे विवाद और गहरा गया है।
लिटन दास
- फोटो : instagram
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विस्तार
टी20 विश्व कप 2026 में बांग्लादेश की भागीदारी पर लगातार बढ़ते विवाद के बीच टी20 टीम के कप्तान लिटन दास का हालिया बयान आग में घी का काम कर गया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के बीच वेन्यू और सुरक्षा विवाद ने हालात को इतना उलझा दिया है कि टूर्नामेंट शुरू होने में कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि बांग्लादेश भारत जाकर खेलेगा या नहीं।
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बीसीबी-आईसीसी खींचतान से टीम असमंजस में
बांग्लादेश बोर्ड ने आईसीसी से मांग की है कि टीम के मैच भारत से हटाकर श्रीलंका शिफ्ट किए जाएं। बोर्ड ने इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। आईसीसी की तरफ से हालांकि इस मांग पर अभी तक सहमति नहीं मिली है और कई दौर की बैठकों के बाद भी निष्कर्ष नहीं निकला। इस गतिरोध ने पूरे बांग्लादेश को असमंजस में डाल दिया है। खिलाड़ियों से लेकर प्रशंसकों तक सभी को इंतजार है अंतिम फैसले का।
बांग्लादेश बोर्ड ने आईसीसी से मांग की है कि टीम के मैच भारत से हटाकर श्रीलंका शिफ्ट किए जाएं। बोर्ड ने इसके पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। आईसीसी की तरफ से हालांकि इस मांग पर अभी तक सहमति नहीं मिली है और कई दौर की बैठकों के बाद भी निष्कर्ष नहीं निकला। इस गतिरोध ने पूरे बांग्लादेश को असमंजस में डाल दिया है। खिलाड़ियों से लेकर प्रशंसकों तक सभी को इंतजार है अंतिम फैसले का।
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बांग्लादेश प्रीमियर लीग के बाद लिटन दास ने तोड़ी चुप्पी
मंगलवार को बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मैच के बाद जब लिटन दास से पूछा गया कि क्या टूर्नामेंट की पिचें विश्व कप की तैयारी में मददगार हैं, तो कप्तान ने सवाल को समझते हुए स्पष्ट किया कि इस समय वह इस विषय पर बोलने की स्थिति में नहीं हैं।
लिटन दास ने कहा, 'क्या आप दावे के साथ कह रहे हैं कि हम वर्ल्ड कप खेलने जा रहे हैं? मेरी तरफ से मैं अनिश्चित हूं, सब अनिश्चित हैं। मुझे लगता है इस समय पूरा बांग्लादेश अनिश्चित है। कोई जवाब नहीं दूंगा। मैं समझ रहा हूं आप क्या पूछने वाले हैं। यह जवाब देना मेरे लिए सुरक्षित नहीं है। कोई जवाब नहीं।' इस बयान ने पूरे विवाद को खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्थितियों पर केंद्रित कर दिया है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फैंस यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसा कौन सा दबाव है जिसके कारण कप्तान खुलकर बात नहीं कर पा रहे।
मंगलवार को बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मैच के बाद जब लिटन दास से पूछा गया कि क्या टूर्नामेंट की पिचें विश्व कप की तैयारी में मददगार हैं, तो कप्तान ने सवाल को समझते हुए स्पष्ट किया कि इस समय वह इस विषय पर बोलने की स्थिति में नहीं हैं।
लिटन दास ने कहा, 'क्या आप दावे के साथ कह रहे हैं कि हम वर्ल्ड कप खेलने जा रहे हैं? मेरी तरफ से मैं अनिश्चित हूं, सब अनिश्चित हैं। मुझे लगता है इस समय पूरा बांग्लादेश अनिश्चित है। कोई जवाब नहीं दूंगा। मैं समझ रहा हूं आप क्या पूछने वाले हैं। यह जवाब देना मेरे लिए सुरक्षित नहीं है। कोई जवाब नहीं।' इस बयान ने पूरे विवाद को खिलाड़ियों की सुरक्षा और स्थितियों पर केंद्रित कर दिया है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फैंस यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ऐसा कौन सा दबाव है जिसके कारण कप्तान खुलकर बात नहीं कर पा रहे।
सरकारी स्तर पर भी भारत यात्रा का विरोध
इससे पहले बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार असिफ नजरुल ने भी मीडिया में स्पष्ट रुख अपनाया था। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश किसी भी स्थिति में भारत जाकर विश्व कप नहीं खेलेगा, चाहे आईसीसी ने 21 जनवरी की डेडलाइन ही क्यों न दी हो। नजरुल ने कहा, 'मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि स्कॉटलैंड हमारी जगह शामिल होगा। अगर आईसीसी, भारतीय क्रिकेट बोर्ड के दबाव में आकर हम पर अव्यावहारिक शर्तें थोपने की कोशिश करता है, तो हम उन शर्तों को स्वीकार नहीं करेंगे।'
उन्होंने आगे कहा, 'अतीत में भी उदाहरण हैं कि पाकिस्तान ने कहा था कि वह भारत नहीं जाएगा और आईसीसी ने वेन्यू बदल दिया था। हमने भी तार्किक आधार पर वेन्यू बदलने की मांग की है, और हमें अनुचित दबाव डालकर भारत में खेलने पर मजबूर नहीं किया जा सकता।'
इससे पहले बांग्लादेश सरकार के खेल सलाहकार असिफ नजरुल ने भी मीडिया में स्पष्ट रुख अपनाया था। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश किसी भी स्थिति में भारत जाकर विश्व कप नहीं खेलेगा, चाहे आईसीसी ने 21 जनवरी की डेडलाइन ही क्यों न दी हो। नजरुल ने कहा, 'मुझे इस बात की जानकारी नहीं है कि स्कॉटलैंड हमारी जगह शामिल होगा। अगर आईसीसी, भारतीय क्रिकेट बोर्ड के दबाव में आकर हम पर अव्यावहारिक शर्तें थोपने की कोशिश करता है, तो हम उन शर्तों को स्वीकार नहीं करेंगे।'
उन्होंने आगे कहा, 'अतीत में भी उदाहरण हैं कि पाकिस्तान ने कहा था कि वह भारत नहीं जाएगा और आईसीसी ने वेन्यू बदल दिया था। हमने भी तार्किक आधार पर वेन्यू बदलने की मांग की है, और हमें अनुचित दबाव डालकर भारत में खेलने पर मजबूर नहीं किया जा सकता।'
स्कॉटलैंड बैकअप ऑप्शन?
यदि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड भारत यात्रा से इनकार पर अड़ा रहता है, तो वर्तमान रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को बांग्लादेश की जगह विश्व कप में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, आईसीसी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विवाद जितना लंबा खिंचता जा रहा है, यह विकल्प उतना ही मजबूत माना जा रहा है।
टी20 विश्व कप की शुरुआत नजदीक है, मगर बांग्लादेश के भविष्य पर धुंध छाई है। कप्तान के बयान ने यह साफ कर दिया है कि खिलाड़ी भी उतने ही अनिश्चित हैं जितना पूरा देश। अब निगाहें आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के आने वाले कदमों पर हैं। सवाल यही है कि क्या समझौता होगा, वेन्यू बदलेगा या टीम बदलेगी? आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा कि संकट सुलझेगा या टूर्नामेंट बिना बांग्लादेश के खेला जाएगा।
यदि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड भारत यात्रा से इनकार पर अड़ा रहता है, तो वर्तमान रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को बांग्लादेश की जगह विश्व कप में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, आईसीसी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विवाद जितना लंबा खिंचता जा रहा है, यह विकल्प उतना ही मजबूत माना जा रहा है।
टी20 विश्व कप की शुरुआत नजदीक है, मगर बांग्लादेश के भविष्य पर धुंध छाई है। कप्तान के बयान ने यह साफ कर दिया है कि खिलाड़ी भी उतने ही अनिश्चित हैं जितना पूरा देश। अब निगाहें आईसीसी और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के आने वाले कदमों पर हैं। सवाल यही है कि क्या समझौता होगा, वेन्यू बदलेगा या टीम बदलेगी? आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा कि संकट सुलझेगा या टूर्नामेंट बिना बांग्लादेश के खेला जाएगा।