Womens Cricket: हरमनप्रीत के बाद कौन संभालेगा भारतीय महिला टीम की कमान? मिताली ने वनडे और टी20 के लिए बताए नाम
India Women Cricket: पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज ने स्मृति मंधाना को वनडे और टेस्ट टीम की कप्तानी, जबकि शेफाली वर्मा को टी20 टीम की कमान देने की वकालत की। उन्होंने हरमनप्रीत कौर की फिटनेस, फॉर्म और टीम के भविष्य पर भी अपनी राय रखी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महिला टी20 विश्व कप में भारत के लगातार दूसरी बार सेमीफाइनल में नहीं पहुंचने के बाद कप्तानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस बीच पूर्व कप्तान मिताली राज ने टीम के भविष्य को लेकर अपनी राय रखते हुए वनडे और टेस्ट की कप्तानी के लिए स्मृति मंधाना, जबकि टी20 टीम की कमान शेफाली वर्मा को सौंपने की वकालत की है।
मिताली ने कप्तानी को लेकर क्या कहा?
मिताली राज ने कहा कि हरमनप्रीत कौर का कार्यकाल खत्म होने के बाद स्मृति मंधाना लंबे प्रारूप यानी वनडे और टेस्ट की कप्तानी के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प हैं। वहीं, टी20 टीम की कमान युवा खिलाड़ी शेफाली वर्मा को दी जा सकती है।
हरमनप्रीत को लेकर क्या बोले?
मिताली ने कहा कि केवल टी20 विश्व कप में सेमीफाइनल में नहीं पहुंचना कप्तान बदलने का एकमात्र आधार नहीं होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा कि कप्तान के चयन में फिटनेस, फॉर्म और भविष्य के विश्व कप चक्र में उसकी भूमिका जैसे पहलुओं पर भी विचार किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, पिछले दो-तीन वर्षों में हरमनप्रीत कौर फिटनेस से जूझती रही हैं और कई मुकाबलों में उपलब्ध भी नहीं रहीं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों में हरमनप्रीत बल्लेबाजी में भी लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं।
कोच की जवाबदेही पर क्या कहा?
मिताली ने कहा कि यदि सिर्फ टी20 विश्व कप के प्रदर्शन के आधार पर बदलाव की बात हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी केवल कप्तान की नहीं, बल्कि मुख्य कोच अमोल मजूमदार की भी बनती है, क्योंकि अंतिम एकादश का फैसला कप्तान और कोच मिलकर करते हैं।
मिताली का मानना है कि स्मृति मंधाना को दो-तीन साल पहले ही वनडे टीम की कप्तानी मिल जानी चाहिए थी। अब उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें वनडे और टेस्ट टीम की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। टी20 प्रारूप के लिए उन्होंने शेफाली वर्मा का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शेफाली का सबसे मजबूत प्रारूप टी20 है और वह अंडर-19 विश्व कप में भारत की कप्तानी भी कर चुकी हैं। उन्होंने जेमिमा रोड्रिग्स को भी विकल्प बताया, लेकिन कहा कि जिसे भी कप्तानी मिले, उसे खुद को स्थापित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
नेतृत्व तैयार करने पर क्या उठाए सवाल?
मिताली ने कहा कि भारतीय टीम में लंबे समय से नेतृत्व समूह सिर्फ हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना तक सीमित रहा है। टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने तीसरे नेतृत्व विकल्प को तैयार करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अंडर-19 विश्व कप के बाद किसी युवा खिलाड़ी को नेतृत्व की भूमिका के लिए तैयार नहीं किया गया। शेफाली वर्मा ने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताया, लेकिन उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी नहीं मिली। इसी तरह निकी प्रसाद को भी इंडिया-ए की कप्तानी नहीं सौंपी गई। मिताली ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट में लंबी अवधि की योजना की कमी है और फिलहाल केवल एक सीरीज से दूसरी सीरीज तक ही सोच रखी जा रही है।
फिटनेस और फील्डिंग पर क्या कहा?
मिताली ने तेज गेंदबाजों की बार-बार चोट और हालिया टी20 विश्व कप में कमजोर फील्डिंग को फिटनेस से जोड़ते हुए कहा कि इन दोनों क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाजों के लिए कौशल के साथ फिटनेस भी बेहद जरूरी है। वहीं, खिलाड़ियों को बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ-साथ फील्डिंग पर भी व्यक्तिगत स्तर पर बराबर मेहनत करनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने बल्लेबाजी विभाग में ऋचा घोष जैसे और फिनिशर तैयार करने की आवश्यकता भी बताई।