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IND vs ZIM: पिछले छह महीने में कैसे बदली वैभव सूर्यवंशी की सोच? वीवीएस लक्ष्मण ने बताई सफलता की सबसे बड़ी वजह
Mon, 27 Jul 2026 12:04 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हरारे
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हरारे
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 27 Jul 2026 12:04 PM IST
सार
जिम्बाब्वे दौरे पर 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' बने वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ करते हुए अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि पिछले छह महीनों में उनकी खेल की समझ और परिपक्वता में जबरदस्त सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि यही बदलाव दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह बना।
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लक्ष्मण और वैभव
- फोटो : ANI/IANS
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विस्तार
भारत के अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि पिछले छह महीनों में उनकी खेल को समझने की क्षमता और परिपक्वता में जबरदस्त सुधार आया है। लक्ष्मण का मानना है कि यही बदलाव उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शुरुआती दौर में दबाव झेलने और शानदार प्रदर्शन करने में मदद कर रहा है।
महज 15 साल के सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे दौरे पर अपने प्रदर्शन से आलोचकों को करारा जवाब दिया। उन्होंने तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में 151 रन बनाए और भारत की 3-0 से सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाई। तीसरे और अंतिम मैच में उनकी 81 रन की विस्फोटक पारी ने भारत की जीत की नींव रखी। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया।
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महज 15 साल के सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे दौरे पर अपने प्रदर्शन से आलोचकों को करारा जवाब दिया। उन्होंने तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में 151 रन बनाए और भारत की 3-0 से सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाई। तीसरे और अंतिम मैच में उनकी 81 रन की विस्फोटक पारी ने भारत की जीत की नींव रखी। शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' चुना गया।
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लक्ष्मण और वैभव
- फोटो : ANI/IANS
लक्ष्मण ने गिनाईं सूर्यवंशी की सबसे बड़ी खूबियां
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में लक्ष्मण ने कहा कि सूर्यवंशी का सबसे बड़ा बदलाव उनकी मानसिक मजबूती और खेल को समझने की क्षमता में आया है। उन्होंने कहा, 'सबसे प्रभावित करने वाली बात यह है कि एक खिलाड़ी और इंसान के तौर पर वह जिस तरह विकसित हुआ है। पिछले छह महीनों में उसकी परिपक्वता, खेल की समझ और जागरूकता में जबरदस्त वृद्धि हुई है। यही वजह है कि वह कठिन परिस्थितियों का भी शानदार तरीके से सामना कर पा रहा है।'
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में लक्ष्मण ने कहा कि सूर्यवंशी का सबसे बड़ा बदलाव उनकी मानसिक मजबूती और खेल को समझने की क्षमता में आया है। उन्होंने कहा, 'सबसे प्रभावित करने वाली बात यह है कि एक खिलाड़ी और इंसान के तौर पर वह जिस तरह विकसित हुआ है। पिछले छह महीनों में उसकी परिपक्वता, खेल की समझ और जागरूकता में जबरदस्त वृद्धि हुई है। यही वजह है कि वह कठिन परिस्थितियों का भी शानदार तरीके से सामना कर पा रहा है।'
लक्ष्मण और वैभव
- फोटो : ANI/IANS
इंग्लैंड दौरे की नाकामी से लिया सबक
जिम्बाब्वे दौरे से पहले सूर्यवंशी का इंग्लैंड दौरा निराशाजनक रहा था। उन्होंने वहां तीन पारियों में 13, 14 और 15 रन बनाए थे। खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले से बाहर भी बैठना पड़ा था। उस सीरीज में भारत को 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, जिम्बाब्वे में सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से साबित कर दिया कि वह मुश्किल दौर से सीखकर और मजबूत होकर लौट सकते हैं।
जिम्बाब्वे दौरे से पहले सूर्यवंशी का इंग्लैंड दौरा निराशाजनक रहा था। उन्होंने वहां तीन पारियों में 13, 14 और 15 रन बनाए थे। खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें पांचवें और अंतिम टी20 मुकाबले से बाहर भी बैठना पड़ा था। उस सीरीज में भारत को 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, जिम्बाब्वे में सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से साबित कर दिया कि वह मुश्किल दौर से सीखकर और मजबूत होकर लौट सकते हैं।
लक्ष्मण और वैभव
- फोटो : ANI/IANS
आईपीएल ने बढ़ाया आत्मविश्वास
गौतम गंभीर की अनुपस्थिति में इस दौरे पर टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे लक्ष्मण ने कहा कि अंडर-19 विश्व कप और आईपीएल जैसे बड़े मंचों पर खेलने से सूर्यवंशी का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा, 'उसने अंडर-19 विश्व कप खेला और चार-पांच महीने के भीतर आईपीएल में अपना दबदबा कायम कर लिया। हम जानते हैं कि आईपीएल का स्तर कितना कठिन होता है। भारत ही नहीं, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह उसने खुद को निखारा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में आगे बढ़ा, उससे उसकी प्रतिभा और क्षमता का पता चलता है।'
गौतम गंभीर की अनुपस्थिति में इस दौरे पर टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे लक्ष्मण ने कहा कि अंडर-19 विश्व कप और आईपीएल जैसे बड़े मंचों पर खेलने से सूर्यवंशी का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा, 'उसने अंडर-19 विश्व कप खेला और चार-पांच महीने के भीतर आईपीएल में अपना दबदबा कायम कर लिया। हम जानते हैं कि आईपीएल का स्तर कितना कठिन होता है। भारत ही नहीं, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों के खिलाफ जिस तरह उसने खुद को निखारा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में आगे बढ़ा, उससे उसकी प्रतिभा और क्षमता का पता चलता है।'
लक्ष्मण और वैभव
- फोटो : ANI/IANS
15 साल की उम्र में भी टीम के लिए समर्पण
लक्ष्मण ने बताया कि सूर्यवंशी सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि अपने खेल के हर पहलू में लगातार सुधार करना चाहते हैं। उन्होंने तीसरे टी20 में चोट लगने के बावजूद मैदान पर बने रहने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा, 'हमें यह भी याद रखना चाहिए कि वह अभी सिर्फ 15 साल का है और खेल के हर पहलू में खुद को बेहतर बनाना चाहता है। आज के मैच में भी वह फील्डिंग के दौरान पूरी तरह सक्रिय था। चोट लगने के बाद भी वह मैदान पर रहना चाहता था, लेकिन हमारे फिजियो ने उसे बाहर आने के लिए कहा। इससे पता चलता है कि टीम के लिए हर संभव योगदान देने की उसमें कितनी इच्छा है।' जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने जिस परिपक्वता और आत्मविश्वास का परिचय दिया है, उसने यह संकेत दे दिया है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए एक बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज मिल चुका है।
लक्ष्मण ने बताया कि सूर्यवंशी सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि अपने खेल के हर पहलू में लगातार सुधार करना चाहते हैं। उन्होंने तीसरे टी20 में चोट लगने के बावजूद मैदान पर बने रहने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा, 'हमें यह भी याद रखना चाहिए कि वह अभी सिर्फ 15 साल का है और खेल के हर पहलू में खुद को बेहतर बनाना चाहता है। आज के मैच में भी वह फील्डिंग के दौरान पूरी तरह सक्रिय था। चोट लगने के बाद भी वह मैदान पर रहना चाहता था, लेकिन हमारे फिजियो ने उसे बाहर आने के लिए कहा। इससे पता चलता है कि टीम के लिए हर संभव योगदान देने की उसमें कितनी इच्छा है।' जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने जिस परिपक्वता और आत्मविश्वास का परिचय दिया है, उसने यह संकेत दे दिया है कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य के लिए एक बेहद प्रतिभाशाली बल्लेबाज मिल चुका है।