{"_id":"6a4de550843433317c041d1c","slug":"we-haven-t-read-the-game-well-since-ireland-tour-gautam-gambhir-explains-india-s-t20i-slump-2026-07-08","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"IND vs ENG: आखिर टीम इंडिया बार-बार क्यों हार रही है? पिछले चार टी20 मैचों में शिकस्त के बाद गंभीर ने दी सफाई","category":{"title":"Cricket","title_hn":"क्रिकेट","slug":"cricket"}}
IND vs ENG: आखिर टीम इंडिया बार-बार क्यों हार रही है? पिछले चार टी20 मैचों में शिकस्त के बाद गंभीर ने दी सफाई
Wed, 08 Jul 2026 11:21 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 08 Jul 2026 11:21 AM IST
सार
इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दूसरी टी20 हार और ट्रेंट ब्रिज में सिर्फ 76 रन पर सिमटने के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा कि टीम आयरलैंड दौरे के बाद से मैच की परिस्थितियों को सही ढंग से नहीं पढ़ पा रही है। उन्होंने टीम में बड़े बदलावों (रीसेट) को भी खराब प्रदर्शन की एक वजह बताया। वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार को 'अस्वीकार्य' करार दिया।
विज्ञापन
गंभीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज टी20 में महज 76 रन पर सिमटने के बाद भारत को लगातार चौथी टी20 अंतरराष्ट्रीय हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही इंग्लैंड ने चार मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस शर्मनाक हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने स्वीकार किया कि टीम पिछले कुछ समय से मैच की परिस्थितियों को सही तरीके से समझने में नाकाम रही है। वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने बल्लेबाजी को बेहद खराब बताते हुए पूरी टीम को आत्ममंथन की सलाह दी।
विज्ञापन
'आयरलैंड दौरे के बाद से मैच को सही नहीं पढ़ पाए'
गौतम गंभीर ने कहा कि टीम खराब दौर से गुजर रही है, लेकिन चार मैच हारने से कोई टीम खराब नहीं हो जाती। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हमने अच्छा क्रिकेट नहीं खेला। चार मैच हार जाने से कोई टीम खराब नहीं हो जाती। कई बार विपक्षी टीम आपसे बेहतर खेलती है, लेकिन कई बार आप परिस्थितियों का सही आकलन नहीं कर पाते। मैच और परिस्थितियों को पढ़ना भी उतना ही जरूरी होता है। आयरलैंड दौरे के बाद से हम यही काम सही तरीके से नहीं कर पाए हैं।'
गौतम गंभीर ने कहा कि टीम खराब दौर से गुजर रही है, लेकिन चार मैच हारने से कोई टीम खराब नहीं हो जाती। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हमने अच्छा क्रिकेट नहीं खेला। चार मैच हार जाने से कोई टीम खराब नहीं हो जाती। कई बार विपक्षी टीम आपसे बेहतर खेलती है, लेकिन कई बार आप परिस्थितियों का सही आकलन नहीं कर पाते। मैच और परिस्थितियों को पढ़ना भी उतना ही जरूरी होता है। आयरलैंड दौरे के बाद से हम यही काम सही तरीके से नहीं कर पाए हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन
'हाई रिस्क क्रिकेट में ऐसे दिन भी आते हैं'
भारत के बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की गति और अतिरिक्त उछाल के सामने पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए। हालांकि गंभीर ने इसे बड़ी कमजोरी मानने के बजाय एक खराब दिन बताया। उन्होंने कहा, 'हमें तेज गेंदबाजी के खिलाफ और बेहतर खेलना होगा। लेकिन मुझे लगता है कि आज सिर्फ हमारा खराब दिन था। पिछले दोनों टी20 मुकाबलों में हमने 190 रन बनाए थे। जब आप हाई रिस्क और हाई रिवॉर्ड वाली क्रिकेट खेलते हैं तो कभी-कभी ऐसे नतीजे भी देखने को मिलते हैं।'
भारत के बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों की गति और अतिरिक्त उछाल के सामने पूरी तरह संघर्ष करते नजर आए। हालांकि गंभीर ने इसे बड़ी कमजोरी मानने के बजाय एक खराब दिन बताया। उन्होंने कहा, 'हमें तेज गेंदबाजी के खिलाफ और बेहतर खेलना होगा। लेकिन मुझे लगता है कि आज सिर्फ हमारा खराब दिन था। पिछले दोनों टी20 मुकाबलों में हमने 190 रन बनाए थे। जब आप हाई रिस्क और हाई रिवॉर्ड वाली क्रिकेट खेलते हैं तो कभी-कभी ऐसे नतीजे भी देखने को मिलते हैं।'
श्रेयस अय्यर बोले- हार बिल्कुल स्वीकार नहीं
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि टीम ने पावरप्ले में ही मैच गंवा दिया। उन्होंने कहा, 'यह बेहद खराब प्रदर्शन था। सच कहूं तो इससे बेहतर शब्द मेरे पास नहीं है। इतनी बड़ी हार बिल्कुल स्वीकार नहीं की जा सकती। सबसे पहले हमें इस हार को स्वीकार करना होगा और फिर ड्रॉइंग बोर्ड पर लौटकर देखना होगा कि हमने कहां गलती की। मुझे नहीं लगता कि यह 200 रन वाली पिच थी। लेकिन जिस तरह हमने बल्लेबाजी की और पावरप्ले में पांच विकेट गंवाए, वहीं से मैच का रुख बदल गया। हमें फिर से अपनी योजनाओं पर काम करना होगा।'
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने हार पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि टीम ने पावरप्ले में ही मैच गंवा दिया। उन्होंने कहा, 'यह बेहद खराब प्रदर्शन था। सच कहूं तो इससे बेहतर शब्द मेरे पास नहीं है। इतनी बड़ी हार बिल्कुल स्वीकार नहीं की जा सकती। सबसे पहले हमें इस हार को स्वीकार करना होगा और फिर ड्रॉइंग बोर्ड पर लौटकर देखना होगा कि हमने कहां गलती की। मुझे नहीं लगता कि यह 200 रन वाली पिच थी। लेकिन जिस तरह हमने बल्लेबाजी की और पावरप्ले में पांच विकेट गंवाए, वहीं से मैच का रुख बदल गया। हमें फिर से अपनी योजनाओं पर काम करना होगा।'
टीम में बदलाव भी बने खराब प्रदर्शन की वजह
गंभीर का मानना है कि टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम में हुए बड़े बदलावों का असर भी प्रदर्शन पर पड़ा है। उन्होंने कहा, 'अगर आप विश्व कप फाइनल की प्लेइंग-11 और आज की टीम को देखें तो काफी बदलाव हैं। कप्तान बदला है, ओपनिंग जोड़ी बदली है। हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी टीम में नहीं हैं। जब आप टीम को दोबारा तैयार करते हैं तो ऐसे प्रदर्शन देखने को मिलते हैं। चीजों को सामान्य होने में थोड़ा समय लगता है।'
उन्होंने युवा खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा, '15 साल का खिलाड़ी ओपनिंग कर रहा है। प्रिंस यादव अभी अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं। हर्षित राणा चोट से वापसी कर रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों को समय देना जरूरी है। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उन्हें सीधे कठिन परिस्थितियों में उतारा गया है। उन्हें थोड़ा समय मिलेगा तो वे जरूर बेहतर खिलाड़ी बनेंगे।'
गंभीर का मानना है कि टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम में हुए बड़े बदलावों का असर भी प्रदर्शन पर पड़ा है। उन्होंने कहा, 'अगर आप विश्व कप फाइनल की प्लेइंग-11 और आज की टीम को देखें तो काफी बदलाव हैं। कप्तान बदला है, ओपनिंग जोड़ी बदली है। हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ी टीम में नहीं हैं। जब आप टीम को दोबारा तैयार करते हैं तो ऐसे प्रदर्शन देखने को मिलते हैं। चीजों को सामान्य होने में थोड़ा समय लगता है।'
उन्होंने युवा खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा, '15 साल का खिलाड़ी ओपनिंग कर रहा है। प्रिंस यादव अभी अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे हैं। हर्षित राणा चोट से वापसी कर रहे हैं। ऐसे खिलाड़ियों को समय देना जरूरी है। इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उन्हें सीधे कठिन परिस्थितियों में उतारा गया है। उन्हें थोड़ा समय मिलेगा तो वे जरूर बेहतर खिलाड़ी बनेंगे।'
मिडिल ऑर्डर को हालात के हिसाब से खेलना होगा
गंभीर ने माना कि सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी ही समाधान नहीं है। अनुभवी बल्लेबाजों को मैच की स्थिति के अनुसार जिम्मेदारी भी निभानी होगी। उन्होंने कहा, 'टी20 क्रिकेट में हवा की दिशा और मैदान का आकार भी बड़ा फर्क पैदा करता है। जब पूरी बल्लेबाजी इकाई सिर्फ हाई रिस्क क्रिकेट खेलने लगती है तो ऐसे नतीजे सामने आते हैं। मिडिल ऑर्डर के अनुभवी बल्लेबाजों को हालात के अनुसार बल्लेबाजी करनी होगी। विश्व कप के दौरान भी हमारे टॉप-3 आक्रामक खेल रहे थे, लेकिन नंबर-4 और नंबर-5 के बल्लेबाज पारी को संभालने का काम कर रहे थे। आज हमने वही कमी महसूस की। आखिरकार बात फिर मैच की परिस्थितियों को सही तरीके से पढ़ने पर आकर रुकती है।'
गंभीर ने माना कि सिर्फ आक्रामक बल्लेबाजी ही समाधान नहीं है। अनुभवी बल्लेबाजों को मैच की स्थिति के अनुसार जिम्मेदारी भी निभानी होगी। उन्होंने कहा, 'टी20 क्रिकेट में हवा की दिशा और मैदान का आकार भी बड़ा फर्क पैदा करता है। जब पूरी बल्लेबाजी इकाई सिर्फ हाई रिस्क क्रिकेट खेलने लगती है तो ऐसे नतीजे सामने आते हैं। मिडिल ऑर्डर के अनुभवी बल्लेबाजों को हालात के अनुसार बल्लेबाजी करनी होगी। विश्व कप के दौरान भी हमारे टॉप-3 आक्रामक खेल रहे थे, लेकिन नंबर-4 और नंबर-5 के बल्लेबाज पारी को संभालने का काम कर रहे थे। आज हमने वही कमी महसूस की। आखिरकार बात फिर मैच की परिस्थितियों को सही तरीके से पढ़ने पर आकर रुकती है।'
संजू सैमसन पर भी गंभीर ने दी पूरी तस्वीर
संजू सैमसन को इंग्लैंड दौरे की प्लेइंग-11 से बाहर रखने और जिम्बाब्वे दौरे की टीम में जगह नहीं मिलने पर भी गंभीर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, 'जहां तक स्पष्टता की बात है, हम पूरी तरह साफ हैं। संजू ने विश्व कप के दौरान भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन कभी-कभी खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म को भी देखना पड़ता है। ऐसा कोई नियम नहीं है कि वह इस सीरीज में वापसी नहीं कर सकते।'
गंभीर ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अहम चीज नतीजे होते हैं। हमें जो संयोजन टीम को जीत दिलाने वाला लगता है, हम उसी के साथ उतरते हैं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि हर खिलाड़ी को अपनी जगह कमानी पड़ती है।' भारत के लिए अब सीरीज बचाने की चुनौती और कठिन हो गई है। यदि टीम को वापसी करनी है तो सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने और मैच के मुताबिक रणनीति बनाने की भी जरूरत होगी।
संजू सैमसन को इंग्लैंड दौरे की प्लेइंग-11 से बाहर रखने और जिम्बाब्वे दौरे की टीम में जगह नहीं मिलने पर भी गंभीर ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा, 'जहां तक स्पष्टता की बात है, हम पूरी तरह साफ हैं। संजू ने विश्व कप के दौरान भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन कभी-कभी खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म को भी देखना पड़ता है। ऐसा कोई नियम नहीं है कि वह इस सीरीज में वापसी नहीं कर सकते।'
गंभीर ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अहम चीज नतीजे होते हैं। हमें जो संयोजन टीम को जीत दिलाने वाला लगता है, हम उसी के साथ उतरते हैं। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि हर खिलाड़ी को अपनी जगह कमानी पड़ती है।' भारत के लिए अब सीरीज बचाने की चुनौती और कठिन हो गई है। यदि टीम को वापसी करनी है तो सिर्फ तकनीक ही नहीं, बल्कि परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने और मैच के मुताबिक रणनीति बनाने की भी जरूरत होगी।