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प्रदेश के 90 फीसदी विद्यालय मुखिया विहीन : डॉ.जोशी
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- प्रधानाध्यापक पदोन्नति पिछले छह वर्षों से लंबित
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पदों पर पदोन्नति पिछले छह वर्षों से लंबित है। राजकीय शिक्षक संघ ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संघ के प्रांतीय महामंत्री डॉ.अंकित जोशी ने इसे प्रशासनिक निष्क्रियता बताया है।
डॉ.जोशी के अनुसार, मुकेश बहुगुणा वाद से संबंधित वरिष्ठता विवाद के कारण पदोन्नति प्रक्रिया रुकी है। उच्च न्यायालय ने 30 जून 2014 को अंतरिम आदेश दिया था। इसमें विवादित वरिष्ठता सूची को भविष्य की पदोन्नतियों में प्रभावी न करने का निर्देश था। संघ का मानना है कि इस आदेश को पदोन्नति रोकने का स्थायी आधार मानना गलत है। विभाग को विवाद का विधिसम्मत समाधान करना चाहिए था। न्यायालय में लंबित विवाद को अनिश्चितकाल तक निष्क्रियता का कारण नहीं बनाया जा सकता। शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री के मुताबिक प्रदेश में लगभग 90 फीसदी राजकीय माध्यमिक विद्यालय मुखियाविहीन हैं। यह स्थिति विद्यालयों के शैक्षिक और प्रशासनिक संचालन पर बुरा असर डाल रही है। संघ ने विभाग से मुकेश बहुगुणा वाद की विधिक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। साथ ही, न्यायालय में प्रभावी पैरवी और वरिष्ठता त्रुटि दूर कर पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र आगे बढ़ाने की मांग की है। संघ का मानना है कि न्यायालय के आदेश का सम्मान और पदोन्नति दोनों एक साथ संभव हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पदों पर पदोन्नति पिछले छह वर्षों से लंबित है। राजकीय शिक्षक संघ ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संघ के प्रांतीय महामंत्री डॉ.अंकित जोशी ने इसे प्रशासनिक निष्क्रियता बताया है।
डॉ.जोशी के अनुसार, मुकेश बहुगुणा वाद से संबंधित वरिष्ठता विवाद के कारण पदोन्नति प्रक्रिया रुकी है। उच्च न्यायालय ने 30 जून 2014 को अंतरिम आदेश दिया था। इसमें विवादित वरिष्ठता सूची को भविष्य की पदोन्नतियों में प्रभावी न करने का निर्देश था। संघ का मानना है कि इस आदेश को पदोन्नति रोकने का स्थायी आधार मानना गलत है। विभाग को विवाद का विधिसम्मत समाधान करना चाहिए था। न्यायालय में लंबित विवाद को अनिश्चितकाल तक निष्क्रियता का कारण नहीं बनाया जा सकता। शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री के मुताबिक प्रदेश में लगभग 90 फीसदी राजकीय माध्यमिक विद्यालय मुखियाविहीन हैं। यह स्थिति विद्यालयों के शैक्षिक और प्रशासनिक संचालन पर बुरा असर डाल रही है। संघ ने विभाग से मुकेश बहुगुणा वाद की विधिक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। साथ ही, न्यायालय में प्रभावी पैरवी और वरिष्ठता त्रुटि दूर कर पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र आगे बढ़ाने की मांग की है। संघ का मानना है कि न्यायालय के आदेश का सम्मान और पदोन्नति दोनों एक साथ संभव हैं।
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