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Dehradun News: हत्या के प्रयास के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
Sat, 01 Aug 2026 02:27 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:27 AM IST
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने हत्या के प्रयास के मामले में हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले (थाना पांवटा साहिब) के गोदपुर गांव निवासी आरोपी विकास उर्फ विक्की की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मामले में उपलब्ध साक्ष्य, पीड़ितों को आई गंभीर चोटें और घटना की गंभीर प्रकृति को देखते हुए आरोपी को जमानत देने का कोई उचित आधार नहीं बनता है।
सहसपुर थाने में आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ 27 अप्रैल को विभिन्न धाराओं में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि आरोपी निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष का कहना था कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय में नियमित रूप से उपस्थित रहेगा। अभियोजन पक्ष ने अपराध को गंभीर बताते हुए जमानत का पुरजोर विरोध किया। न्यायालय ने केस डायरी, विवेचना, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों का गहनता से अवलोकन किया।अदालत ने आदेश में कहा कि आरोपी ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर पीड़ितों पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा, पुलिस विवेचना के दौरान पीड़ितों को धमकी देने संबंधी वीडियो साक्ष्य भी संकलित किए गए हैं। इन सभी परिस्थितियों और अपराध की गंभीरता के मद्देनजर अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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सहसपुर थाने में आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ 27 अप्रैल को विभिन्न धाराओं में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि आरोपी निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष का कहना था कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और वह मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय में नियमित रूप से उपस्थित रहेगा। अभियोजन पक्ष ने अपराध को गंभीर बताते हुए जमानत का पुरजोर विरोध किया। न्यायालय ने केस डायरी, विवेचना, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों का गहनता से अवलोकन किया।अदालत ने आदेश में कहा कि आरोपी ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर पीड़ितों पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा, पुलिस विवेचना के दौरान पीड़ितों को धमकी देने संबंधी वीडियो साक्ष्य भी संकलित किए गए हैं। इन सभी परिस्थितियों और अपराध की गंभीरता के मद्देनजर अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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