{"_id":"6a3fbc8f5c61f67c5b08c832","slug":"alternative-route-for-badrinath-kedarnath-yatra-still-not-widened-chopta-road-widening-still-pending-2026-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chopta: बदरी-केदार यात्रा का वैकल्पिक मार्ग नहीं हो पाया चौड़ा, आपदा में हजारों लोगों के लिए बना था लाइफलाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chopta: बदरी-केदार यात्रा का वैकल्पिक मार्ग नहीं हो पाया चौड़ा, आपदा में हजारों लोगों के लिए बना था लाइफलाइन
Sat, 27 Jun 2026 06:54 PM IST
Renu Saklani
त्रिदेव बर्त्वाल, संवाद न्यूज एजेंसी, चोपता।
त्रिदेव बर्त्वाल, संवाद न्यूज एजेंसी, चोपता।
Published by: Renu Saklani
Updated Sat, 27 Jun 2026 06:54 PM IST
सार
वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के लिए लाइफलाइन साबित हुआ रुद्रप्रयाग-चोपता-पोखरी मार्ग आज भी चौड़ीकरण का इंतजार कर रहा है। सामरिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस वैकल्पिक मार्ग का विस्तार तकनीकी कारणों से वर्षों से अटका हुआ है।
विज्ञापन
केदारनाथ यात्रा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आपदा के समय बदरी-केदार यात्रा के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तलाशने की शासन-प्रशासन की कवायद धरातल पर नहीं उतर पाई है। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में हजारों लोगों के लिए लाइफलाइन बना सामरिक, धार्मिक व भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रुद्रप्रयाग-चोपता-पोखरी मार्ग का आज तक चौड़ीकरण नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
क्षेत्र के बलदेव सिंह ने बताया कि वर्ष 2020-21 में लोक निर्माण विभाग ने इसके चौड़ीकरण के लिए जमीन और पेड़ों का सर्वे व मार्किंग पूरी की थी जिससे बजट और काम शुरू होने की उम्मीद जगी थी। मगर यह कार्य आज भी अधूरा है। संकरी सड़क के कारण कार्तिक स्वामी धाम जाने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है।
विज्ञापन
उधर लोनिवि के अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस ने बताया कि रुद्रप्रयाग-पोखरी मार्ग समेत तीन प्रमुख सड़कें राज्य सड़क मार्ग योजना में शामिल हैं जिनका भविष्य में चौड़ीकरण होगा। हालांकि तकनीकी कारणों से अटके इस वैकल्पिक मार्ग के चौड़ीकरण के लिए विभाग को अभी नए दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं।
विज्ञापन
काली चट्टान के पास टूटी सड़क बनी खतरा
गोपेश्वर। निजमुला घाटी के गांवों को जोड़ने वाले बिरही-निजमुला मोटर मार्ग पर काली चट्टान के पास क्षतिग्रस्त सड़क का सुधारीकरण पिछले एक वर्ष से नहीं हो पाया है। सड़क किनारे लगाए गए स्टील गार्डर भी हवा में झूल रहे हैं जिससे मार्ग पर आवाजाही जोखिम भरी बनी है। जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजा है।
ये भी पढ़ें...हरिद्वार में जमीन घोटाला: निलंबित आईएएस वरुण चौधरी समेत 10 लोगों पर कार्रवाई; विजिलेंस ने दर्ज की FIR
गाड़ी गांव की प्रधान मंदोदरी देवी ने बताया कि कार्यदायी संस्था ने मार्ग पर डामरीकरण तो किया लेकिन क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और सड़क किनारे नाली निर्माण नहीं कराया। ऐसे में वर्षा का पानी सीधे सड़क पर बहने से नुकसान बढ़ सकता है। मोली हडुंग के प्रधान भगत सिंह फरस्वाण ने कहा कि काली चट्टान क्षेत्र का उपचार कार्य भी अधूरा है। उन्होंने शीघ्र यहां सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है।