{"_id":"6a6ddb2b47551b9dc80fb9b0","slug":"badrinath-highway-sink-at-gauchar-treatment-work-costing-crores-had-been-carried-out-at-kamedha-2026-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli News: गौचर के पास कमेड़ा में 20 मी. धंसा बदरीनाथ हाईवे, करोड़ों की लागत से किया गया था ट्रीटमेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli News: गौचर के पास कमेड़ा में 20 मी. धंसा बदरीनाथ हाईवे, करोड़ों की लागत से किया गया था ट्रीटमेंट
Sat, 01 Aug 2026 05:51 PM IST
Renu Saklani
संवाद न्यूज एजेंसी,कर्णप्रयाग (चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी,कर्णप्रयाग (चमोली)
Published by: Renu Saklani
Updated Sat, 01 Aug 2026 05:51 PM IST
सार
गौचर के पास कमेड़ा में बदरीनाथ हाईवे धंस गया है। दो माह पूर्व एनएचआईडीसीएल ने यहां करोड़ों का सुरक्षा कार्य किया था।
विज्ञापन
बदरीनाथ हाईवे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
करोड़ों की लागत से कमेड़ा में किया गया ट्रीटमेंट फिर से भूधंसाव की चपेट में आ गया है। हाईवे के एक छोर से करीब बीस मीटर तक भूधंसाव होने से हाईवे पर मोटी-मोटी दरारें पड़ गई हैं। वहीं हाईवे किनारे लगाई गई गेबियन आगे की ओर झुक गए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से यहां यातायात भी वन वे हो गया है। एनएचडीआईसीएल की ओर से यहां पर करीब दो माह पूर्व ट्रीटमेंट कार्य किया गया था।
विज्ञापन
बदरीनाथ हाईवे पर गौचर कमेड़ा में भूधंसाव को रोकने के लिए एनएचडीआईसीएल की ओर से अलकनंदा नदी से हाईवे तक करीब 20 से 25 मीटर की ऊंचाई पर करोड़ों की लागत से ट्रीटमेंट कार्य किया गया था। जिसमें हाईवे पर ड्रिलिंग कर लोहे की रॉडें डालकर जमीन को मजबूत किया गया था।
विज्ञापन
ये भी पढे़ं...Haridwar: जब बहादराबाद टोल पर दिखी अद्भुत कांवड़, झलक देखने को कुछ देर थमा ट्रैफिक, 25 लाख शिवभक्त पहुंच चुके
विज्ञापन
इसके साथ ही हाईवे किनारे बड़ी-बड़ी गेबियन की दीवारें लगाई गई थी। लेकिन निर्माण के दो माह बाद ही यहां पर फिर से भूधंसाव शुरू हो गया। हाईवे पर मोटी-मोटी दरारें पड़ गई हैं। और एक छोर पूरी तरह से धंस गया है। एनएचडीआईसीएल के स्नातक अभियंता गौरव पंत ने बताया कि यह कार्य 10 वर्ष के लिए ठेकेदार के पास डीएलपी में है। जिस पर ठेकेदार के द्वारा फिर से कार्य किया जाएगा। और उसे सही किया जाएगा।