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भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन: पेड़ों के कटान का मामला; पर्यावरण प्रेमियों को SC से झटका, अवमानना याचिका खारिज

Tue, 21 Jul 2026 10:23 PM IST
Alka Tyagi संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: Alka Tyagi Updated Tue, 21 Jul 2026 10:23 PM IST
सार

भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना को लेकर पिछले कई दिनों से पर्यावरण प्रेमी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बड़ी संख्या में पुराने और छायादार पेड़ों की बलि दी जा रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होगा।

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Bhaniyawala-Rishikesh four-lane project Tree-felling issue Supreme Court contempt petition is dismissed
सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर) - फोटो : ANI

विस्तार

भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के लिए हो रहे पेड़ों के कटान का विरोध कर रहे पर्यावरण प्रेमियों को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा। शीर्ष अदालत ने पर्यावरण प्रेमी रेनू पॉल की ओर से दायर अवमानना याचिका खारिज कर दी। कोर्ट के इस फैसले से फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और परियोजना से जुड़े पक्षों को राहत मिली है।

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भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना को लेकर पिछले कई दिनों से पर्यावरण प्रेमी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बड़ी संख्या में पुराने और छायादार पेड़ों की बलि दी जा रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होगा। विरोध के बावजूद अब तक 700 से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं। हालांकि पर्यावरण प्रेमियों के विरोध को देखते हुए बीते कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेड़ों के कटान को रोकने के निर्देश दिए।
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वहीं पर्यावरण प्रेमी रेनू पॉल ने बीते बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करते हुए आरोप लगाया था कि सरकार के पास पेड़ों के कटान की वैधानिक अनुमति नहीं है। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई कराई जा रही है, जो न्यायालय के आदेशों की अवमानना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में न केवल आम जनता बल्कि न्यायालय को भी गुमराह कर रही है।

दूसरे पक्ष की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। राज्य सरकार के माध्यम से होने वाले संवाद में मजबूत पक्ष रखा जाएगा।
-सौरभ कुमार, डीजीएम, एनएचएआई।

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