बदरीनाथ चढ़ावा प्रकरण: CEO फोन से भी कर सकेंगे मंदिर के 32 कैमरों की निगरानी, कार्यालय में लगेगी एलईडी स्क्रीन
बीकेटीसी अब मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का दायरा बढ़ाने जा रही है। सीईओ को मोबाइल से लाइव निगरानी की सुविधा मिलने के बाद बदरीनाथ परिसर और चढ़ावा गणना कक्ष की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
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बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावा प्रकरण के बाद बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। अब बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ अपने मोबाइल फोन से भी बदरीनाथ मंदिर परिसर में लगे सभी 32 सीसीटीवी कैमरों की लाइव निगरानी कर सकेंगे। इसके साथ ही चढ़ावा गणना कक्ष की गतिविधियों पर भी उनकी सीधी नजर रहेगी।
बीकेटीसी के अनुसार, सीईओ कार्यालय में एक बड़ी एलईडी स्क्रीन स्थापित की जाएगी, जिस पर चढ़ावा गणना कक्ष की हर गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग होगी। वहीं सीईओ के मोबाइल फोन पर भी गणना कक्ष और मंदिर परिसर में लगे सभी 32 कैमरों की कमांड उपलब्ध करा दी गई है, जिससे वे किसी भी समय कैमरों की जांच कर सकेंगे।
चढ़ावा प्रकरण की जांच के तहत बीकेटीसी ने 21, 25, 29 जून और 2 जुलाई की कब्जे में ली गई सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव के माध्यम से गढ़वाल मंडल आयुक्त को भेज दी है। इन फुटेज के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
इधर, पुलिस की जांच भी लगातार जारी है। जांच टीम मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाल रही है। मंगलवार को भी पुलिस ने बदरीनाथ धाम पहुंचकर अभिलेखों की जांच-पड़ताल की और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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बिना जेब वाले कपड़ों पर फिर मंथन, बढ़ेगी पारदर्शिता
गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम के चढ़ावा गणना कक्ष में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए कर्मचारियों को बिना जेब वाले विशेष वस्त्र (डांगरी) पहनाने के प्रस्ताव पर फिर से विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य चढ़ावे की गणना के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका को पूरी तरह समाप्त करना है। हालांकि वर्ष 2014 में तत्कालीन बीकेटीसी सीईओ बीडी सिंह ने कर्मचारियों के लिए डांगरी पहनना अनिवार्य करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन उस समय कर्मचारियों के विरोध के कारण यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी थी।