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Uttarakhand: आरटीआईः सात महीने तक सूचना न देने पर नायब तहसीलदार पर 25 हजार का जुर्माना, जांच के आदेश

Wed, 22 Jul 2026 11:20 AM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Wed, 22 Jul 2026 11:20 AM IST
सार

आरटीआई के पालन में लापरवाही बरतने पर सूचना आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। मामले में अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए आर्थिक दंड के साथ विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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RTI Naib Tehsildar fined 25,000 rupees Departmental inquiry ordered against Tehsildar Uttarakhand News
उत्तराखंड सूचना आयोग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

आरटीआई से मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराने पर सूचना आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए विकासनगर के नायब तहसीलदार ग्यारू दत्त जोशी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसी मामले में प्रथम विभागीय अपील पर सुनवाई न करने के कारण तहसीलदार विवेक राजौरी और नायब तहसीलदार जोशी के विरुद्ध जिलाधिकारी को विभागीय जांच करने का आदेश दिया गया है।

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देहरादून के बलवंत सिंह रावत ने विकासनगर तहसील में एक आरटीआई लगाकर कुछ सूचनाएं मांगी थीं। इस आवेदन पर सूचना अधिकारी ने सात महीने तक कोई कार्रवाई नहीं की। प्रथम विभागीय अपील में मामला जाने के बाद भी इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद आवेदनकर्ता ने सूचना आयोग में अपील दाखिल की।

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राज्य सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुंवर ने इस मामले को सूचना अधिकार कानूनों का गंभीर उल्लंघन माना। सुनवाई के दौरान कई बार समय दिए जाने के बाद भी सूचना अधिकारी और विभागीय अपीलीय अधिकारी न तो आयोग के सामने पेश हुए और न ही आयोग के सामने अपना पक्ष रखा। इसके बाद आयोग ने लोक सूचना अधिकारी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना और उनके साथ-साथ विभागीय अपीलीय अधिकारी के विरुद्ध विभागीय जांच की सिफारिश की।

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राज्य सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुंवर ने कहा कि विभागीय अपील की प्रकृति अर्धन्यायिक होती है और अपीलीय अधिकारी के लिए सामने आए मामले की सुनवाई करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी अपीलकर्ता को सूचना न देना और अपील में भी सुनवाई न करना कानून का उल्लंघन है।



 

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