सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Chardham Yatra 2026 No improvements from Chinyalisaur to Gangotri following the disaster Gangotri yatra

चारधाम यात्रा 2026: चिन्यालीसौड़ से गंगोत्री तक आपदा के बाद कोई सुधार नहीं, भूस्खलन जोन लेंगे परीक्षा

संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी। Published by: Renu Saklani Updated Fri, 17 Apr 2026 12:19 PM IST
विज्ञापन
सार

जनपद की सीमा शुरू होते ही नगुण भूस्खलन जोन से ही यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 135 किमी लंबे गंगोत्री हाईवे पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। भूस्खलन जोन परीक्षा लेंगे।

Chardham Yatra 2026 No improvements from Chinyalisaur to Gangotri following the disaster Gangotri yatra
चिन्यालीसौड़ से गंगोत्री - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार

चारधाम यात्रा के लिए महज अब तीन दिन का समय रह गया है लेकिन गंगोत्री हाईवे की स्थिति में आपदा के बाद से कोई सुधार नहीं आया है। मात्र सड़क से मलबा हटाने के अलावा सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की ओर से किसी प्रकार का सुरक्षात्मक कार्य नहीं किया गया है। आपदा में क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति जस की तस है। नदी के तेज बहाव में बही सड़कों के स्थान पर कच्ची सड़कों के निर्माण में लीपापोती की गई है।

Trending Videos

चिन्यालीसौड़ से गंगोत्री धाम तक गंगोत्री हाईवे का करीब 135 किमी हिस्सा शामिल है। इसमें जनपद की सीमा शुरू होते ही नगुण भूस्खलन जोन से ही यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उसके बाद धरासू में सड़क चौड़ीकरण के दौरान सक्रिय भूस्खलन सहित नालूपानी में बीते वर्ष मानसून सीजन में सक्रिय भूस्खलन जोन कभी भी आवाजाही में बाधा बन सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन


बीआरओ ने धरासू बैंड के समीप गंगोत्री हाईवे पर करीब 100 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण किया था लेकिन वह एक बरसात भी नहीं झेल पाई और दीवार टूटने के कारण हाईवे पर भू-धंसाव हो गया। एक वर्ष में उसको सुधारा नहीं गया। दूसरी ओर उत्तरकाशी से लेकर गंगोत्री धाम तक गत वर्ष आई आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त भटवाड़ी, सोनगाड, डबरानी, हर्षिल आदि में स्थिति नहीं बदली है। लिम्चागाड में भी अब कार्य शुरू किया गया है।

बोल्डर पहाड़ी पर लटक रहे

उत्तरकाशी से भटवाड़ी तक नेताला, बिशनपुर, नलूणा आदि क्षेत्रों में अभी भी कई टन और बोल्डर पहाड़ी पर लटक रहे हैं। साथ ही भटवाड़ी में भू-धंसाव के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों पर भी आवाजाही में खतरा बना हुआ है। प्रशासन की ओर से बीआरओ को तीन मार्च तक सड़क सुधारने का समय दिया था लेकिन अब तक हालत वही है।

ये भी पढे़ं...Uttarakhand: देहरादून समेत चार जिलों के सभी मदरसों की जांच के आदेश, बाहरी राज्यों के बच्चों को लाने का मामला

बीआरओ कमांडर राजकिशोर ने कहा कि जहां पर स्लाइडिंग और सिकिंग जोन है। वहां सड़क पर क्रंकीट ब्लॉक बिछाकर आवाजाही सुचारू रखी जाएगी। साथ ही सभी प्वाइंट पर मशीनरी हर समय तैनात रखी जाएगी।

चारधाम यात्रा 2026: चिन्यालीसौड़ से गंगोत्री तक आपदा के बाद कोई सुधार नहीं,  भूस्खलन जोन लेंगे परीक्षा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed