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Samwad 2026: यूनिफॉर्म सिविल कोड से 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना साकार होगी; अमर उजाला से बोले CM धामी

अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 24 Jun 2026 12:14 PM IST
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सार

Uttarakhand Samwad 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में देवभूमि के विकास पर अमर उजाला संवाद के मंच पर मंथन चल रहा है। संवाद के सत्र 'कल, आज और कल' में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी (समान नागरिक संहिता) पर चर्चा की। 

Chief Minister Dhami spoke abou UCC At Amar Ujala Samvad in Dehradun
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अमर उजाला संवाद का मंच देवभूमि उत्तराखंड में सजा है। राजधानी देहरादून में आज 'संवाद' का आयोजन हो रहा है। यह आयोजन होटल गेटवे में किया जा रहा है। कार्यक्रम सतत विकास की थीम पर आधारित है। भारत की प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता देवी चित्रलेखा ने कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने पहले सत्र 'सुप्रभात देवभूमि' का शुभारंभ किया।

Chief Minister Dhami spoke abou UCC At Amar Ujala Samvad in Dehradun
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

'हमने 2022 के चुनाव में यूसीसी का वादा किया'
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि यूसीसी 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की परिकल्पना को स्वीकार करने की शुरुआत है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि 2022 के चुनाव में भाजपा ने इसका वचन दिया था। उस समय कई लोग इस पर सवाल उठाते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने अपने वचन को धरातल पर उतारा है।

उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूसीसी एक श्रेष्ठ भारत की कल्पना को साकार करने की शुरुआत है। मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि यूसीसी उनकी विचारधारा की तीन-चार प्रमुख अवधारणाओं में से एक थी। इन अवधारणाओं को जमीनी स्तर पर उतारना सरकार का मुख्य लक्ष्य था। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की जनता को यूसीसी लागू करने का वचन दिया गया था। उस समय कई लोग इस घोषणा पर संदेह व्यक्त करते थे। वे इसे केवल एक चुनावी वादा मानते थे। सरकार ने अपने इस वचन को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में धरातल पर उतारा है। आज यूसीसी उत्तराखंड में सफलतापूर्वक लागू हो चुका है। इसके लागू होने के बाद यह पूरे देश में लागू होने की दिशा में आगे बढ़ गया है।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

वादा भी एक बड़ी प्रेरणा बना: सीएम
यूसीसी को लागू करने के पीछे एक श्रेष्ठ भारत के निर्माण की परिकल्पना मुख्य प्रेरणा रही है। यह सरकार की विचारधारा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा था जिसे पूरा करना आवश्यक माना गया। 2022 के विधानसभा चुनाव में जनता से किया गया वादा भी एक बड़ी प्रेरणा बना। सरकार ने इस वादे को पूरा करने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दिखाई।

राष्ट्रीय स्तर पर यूसीसी का भविष्य: धामी
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि जिस दिन यूसीसी का मसौदा तैयार किया जा रहा था। उसी दिन विधेयक प्रस्तुत करते समय एक महत्वपूर्ण बात कही गई थी। यह कहा गया था कि यूसीसी की यह पहल मां गंगा की तरह है। यह आने वाले समय में पूरे देश के सभी राज्यों को लाभ देगी। उत्तराखंड का यह कदम राष्ट्रीय एकता और प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह अन्य राज्यों के लिए भी एक मार्गदर्शक बन सकता है।
 

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Chief Minister Dhami spoke abou UCC At Amar Ujala Samvad in Dehradun
uttarakhand samwad 2026 - फोटो : अमर उजाला

'कल, आज और कल' सत्र में मुख्यमंत्री धामी
संवाद के अगले सत्र 'कल, आज और कल' सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि अमर उजाला को मैं बधाई देता हूं कि इस प्रकार के कार्यक्रम वो आयोजित करते हैं। मैं बहुत सामान्य परिवार में पैदा हुआ। लेकिन बचपन से मुझे कक्षा पांच और छह के बाद मुझे अखबार पढ़ने का एक शौक जैसा हो गया। मेरा गांव नगला तराई है खटीमा में बिल्कुल शरादा नदी के पास। वहां गर्मियों में स्कूल से आते ही बस्ता फेंकते थे और छह-छह घंटे शारदाजी में गोते लगाते थे। जैसे ही शाम होती थी तो हम अखबार पढ़ने के लिए चाय की दुकान पर जाते थे। 
 

Chief Minister Dhami spoke abou UCC At Amar Ujala Samvad in Dehradun
संवाद के मंच पर सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला

आगे कहा कि लेकिन अखबार उनको मिलता था जो लोग उस चाय की दुकान पर चाय पीते थे या फिर समसोसा खाते थे। एक ही अखबार आता था। शाम तक उसे सैकड़ों लोग पढ़ते थे और अमर उजाला ही आता था। जिन लोगों ने आभाव में अखबार पढ़ा वो सब जानते थे कि पहले अखबार के जितने भी पेज होते थे वो आपस में बांट दिए जाते थे। एक एक करके। उस समय मैं अमर उजाला के अलावा किसी भी अखबार को नहीं जानता था। अमर उजाला के अब इस कार्यक्रम में आना और फिर आप लोगों से संवाद करना और फिर ये हरे की बात करना सच में बड़ा अद्भुत है। हमारी जो थीम है और प्रधानमंत्री मोदी जी की भी 'विरासत और विकास' दोनों साथ-साथ बढ़ें, इसलिए हमने उत्तराखंड में जीईपी (ग्रोस इनवायरमेंट प्रोडक्ट) लागू किया। 

2025 का वर्ष हम लोगों को लिए कष्टकारी रहा: सीएम धामी
सीएम ने आगे कहा, 'हमने उत्तराखंड में जीईपी (ग्रॉस एनवायरमेंट प्रोडक्ट) सबसे पहले लागू किया। मतलब हम कितना विकास के लिए कितनी चीजों को किस प्रकार से समन्वय स्थापित करते हैं। इकोलॉजी और इकोनॉमी और साथ में हमने टेक्नॉलॉजी को भी हमने जोड़ा है। तीनों का समन्वय करते हुए हम आगे बढ़ रहे हैं। क्योंकि राज्य के अंदर भौगोलिक परिस्थितियां बड़ी कठिन हैं। कभी अत्यधिक बरसात होती है, भूस्खलन होता है, हिमस्खलन होता है। अत्यधिक जलभराव हो जाता है। उन सबका सामना करना पड़ा है। 2025 का वर्ष हम लोगों को लिए कष्टकारी रहा है।'

अंकिता भंडारी हत्याकांड पर मुख्यमंत्री धामी की दो टूक
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि घटना के बाद तेजी से कार्रवाई की गई थी। तत्काल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। एक महिला अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था।

एसआईटी ने इस मामले पर काफी काम किया। लगभग छह से सात माह तक एक-एक व्यक्ति को बुलाकर उनसे बात की गई। सभी से सबूत देने का आग्रह किया गया था। बाद में कोर्ट में एक हजार पन्नों से अधिक की चार्जशीट दाखिल की गई। इसमें पुलिस जांच की पूरी जानकारी थी। इसी आधार पर तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उम्रकैद कोई छोटी सजा नहीं होती है।
 

केस पर एसआईटी की जांच
घटना के तुरंत बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस महानिरीक्षक स्तर की एक महिला अधिकारी की अध्यक्षता में एसआईटी बनाई गई। एसआईटी ने छह से सात महीने तक लगातार काम किया। उन्होंने कई लोगों से पूछताछ की और सबूत मांगे। यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी जानकारी छूटने न पाए।

हजार पन्नों की चार्जशीट
एसआईटी की जांच के बाद कोर्ट में एक हजार पन्नों से अधिक की चार्जशीट पेश की गई। इस चार्जशीट में पुलिस द्वारा की गई विस्तृत जांच का विवरण था। इसी चार्जशीट को आधार बनाकर माननीय न्यायालय ने तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। मुख्यमंत्री ने इस सजा को एक महत्वपूर्ण और बड़ी कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि कम लोगों को ही उम्रकैद की गंभीरता का अंदाजा होता है।

सीबीआई जांच की सिफारिश
कुछ दिन पहले यह प्रकरण फिर से उछला, जब एक और ऑडियो क्लिप सामने आई। मुख्यमंत्री ने राजनीतिक बातों पर कार्रवाई करने से इन्कार कर दिया। उन्होंने अंकिता के माता-पिता से बात की, जिन्होंने सीबीआई जांच की मांग की। सरकार ने उनकी मांग पर भारत सरकार को सीबीआई जांच की संस्तुति भेजी। केंद्र सरकार ने इसे दर्ज कर लिया है। अब सीबीआई जांच चल रही है, जिससे आने वाले समय में और भी तथ्य सामने आएंगे।

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