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Dehradun: सीएम धामी ने लेखकों व साहित्यकारों से किया संवाद; प्रदेश के विकास, सांस्कृतिक संरक्षण पर हुई चर्चा

Sun, 26 Jul 2026 06:33 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Sun, 26 Jul 2026 06:33 PM IST
सार

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार समाज का दर्पण होने के साथ-साथ उसे सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं।

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CM Dhami interacted with writers and litterateurs Talked about On  development cultural of Uttarakhand
लेखकों से मिले सीएम धामी - फोटो : सूचना विभाग

विस्तार

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेशभर से आए वरिष्ठ लेखकों एवं साहित्यकारों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर साहित्यकारों ने मुख्यमंत्री को अपनी-अपनी स्वरचित पुस्तकें भेंट कीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक लेखक से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उनके साहित्यिक योगदान, वर्तमान लेखन और कुशलक्षेम की जानकारी ली।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार समाज का दर्पण होने के साथ-साथ उसे सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा सामाजिक चेतना के संवर्धन में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सशक्त साहित्यिक वातावरण तैयार करने और साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
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उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड महर्षि वेदव्यास सहित अनेक ऋषि-मुनियों की तपोभूमि एवं कर्मभूमि रही है। इस पावन भूमि ने ऐसे साहित्यकार दिए हैं, जिन्होंने भारतीय साहित्य को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी में अध्ययन और लेखन की संस्कृति विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार उत्तराखंड भाषा संस्थान के माध्यम से प्रदेश के पुराने, बिखरे एवं अप्रकाशित साहित्य के संग्रह, संरक्षण और प्रकाशन का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को साहित्यिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से दो 'साहित्य ग्राम' स्थापित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि साहित्यकारों के सम्मान एवं प्रोत्साहन के लिए वर्ष 2022 में 'उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान' तथा वर्ष 2025 में 'दीर्घकालीन साहित्य सेवी सम्मान' की शुरुआत की गई है।


'1000 पुस्तक दान अभियान' को मुख्यमंत्री का सहयोग
हरेला पर्व के अवसर पर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन द्वारा संचालित '1000 पुस्तक दान अभियान' को मुख्यमंत्री ने अपना सहयोग प्रदान किया। 'लेखकों से संवाद' कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उपस्थित लेखकों की 50 पुस्तकें स्वयं खरीदकर रुद्रप्रयाग के सार्वजनिक पुस्तकालय को उपलब्ध कराने की घोषणा की।

गौरतलब है कि रुद्रप्रयाग में "एक पुस्तक, एक वृक्ष, एक उज्ज्वल भविष्य" थीम पर सार्वजनिक पुस्तकालय के लिए पुस्तक संग्रह अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि पुस्तकें समाज में ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक सोच का आधार होती हैं। उनका यह योगदान पुस्तक दान की संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं में अध्ययन की आदत विकसित करने में भी सहायक होगा।

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