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Exclusive: पहले कुत्तों से बचने के लिए भागे, अब वैक्सीन के लिए दौड़; एंटी रेबीज वैक्सीन खत्म होने से बढ़ा संकट

संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Sun, 22 Mar 2026 03:18 PM IST
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सार

कोरोनेशन अस्पताल में करीब सात दिन से एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टॉक नहीं है। यहां हर रोज करीब 10 से 12 लोग कुत्तों के हमले में घायल होकर पहुंचते हैं।

Dehradun News Anti-Rabies Vaccine Stocks Run Out in Hospitals Day By Day Patient in Trouble
- फोटो : संवाद
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विस्तार

कोरोनेशन अस्पताल, प्रेमनगर उपजिला चिकित्सालय और रायपुर सीएचसी में एंटी रेबीज वैक्सीन का संकट हो गया है। हालात यह हैं कि पहले लोग कुत्तों के हमले से बचने के लिए भागे अब वैक्सीन के लिए दौड़ रहे हैं। हर रोज 50 से भी अधिक लोगों को एक से दूसरे अस्पताल भटकना पड़ रहा है।

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जानकारी के मुताबिक कोरोनेशन अस्पताल में करीब सात दिन से एंटी रेबीज वैक्सीन का स्टॉक नहीं है। यहां हर रोज करीब 10 से 12 लोग कुत्तों के हमले में घायल होकर पहुंचते हैं। सबसे अधिक परेशानी प्रेमनगर क्षेत्र में रहने वाले लोगों को हो रही है। यहां के उपजिला चिकित्सालय में दो दिन से वैक्सीन की डोज नहीं लग पा रही है। ऐसे में हर रोज करीब 45 लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है या निजी अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ रही है। कुछ को दून अस्पताल रेफर किया जा रहा है।
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अधिकारियों के अनुसार निदेशालय से लंबे समय से वैक्सीन नहीं मिली है। लोगों की परेशानी न बढ़े इसके लिए वे थोक विक्रेताओं से वैक्सीन लेकर लोगों को लगा रहे थे लेकिन अब उनकी ओर से भी आपूर्ति बंद कर दी गई है। थोक विक्रेताओं का कहना है कि उनके पास भी अब स्टॉक नहीं है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन का संकट हो गया है।

यह परेशानी इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि इन दिनों कुत्तों का प्रजनन काल चल रहा है। ऐसे में वे आक्रामक होकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। प्रेमनगर उपजिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. परमार्थ जोशी ने बताया कि सामान्य दिनों में कुत्ते काटने के 25 से 30 मामले आ रहे थे लेकिन अब संख्या 50 तक पहुंच रही है। निदेशालय में वैक्सीन की मांग भेजी गई है।

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निजी अस्पतालों में 1000 से 1500 रुपये की सभी डोज
चिकित्सक के अनुसार बाहर के निजी अस्पतालों में एंटी रेबीज की डोज लगवाने के लिए लोगों को करीब 1000 से 1500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसकी चार डोज लगाई जाती है। प्रेमनगर उपजिला चिकित्सालय के सीएमएस से कुछ मरीजों ने शिकायत भी की है।

बिल्ली और चूहे के काटने के भी सामने आ रहे मामले
इन दिनों सिर्फ कुत्ते के काटने के ही नहीं बल्कि बिल्ली और चूहे के काटने के भी मामले सामने आ रहे हैं। इस तरह के मामले दून, कोरोनेशन और प्रेमनगर उपजिला चिकित्सालय समेत सभी जगहों पर आ रहे हैं। दून अस्पताल के आपात चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित अरुन ने बताया हर रोज पांच से छह लोग बिल्ली और चूहे के काटने के आ रहे हैं। इसके अलावा दूसरे अस्पतालों से भी लोग रेफर होकर आ रहे हैं।

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