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Dehradun News: क्रिप्टो ट्रेडिंग का झांसा देकर 18.50 लाख ठगे
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ऑनलाइन पार्ट-टाइम नौकरी और क्रिप्टो ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने देहरादून निवासी ललित बोरा से करीब 18.50 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित की शिकायत पर रायपुर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी तहरीर में अमन विहार निवासी ललित ने बताया कि उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए एक विदेशी नंबर से संदेश आया। संदेश भेजने वाली ने अपना नाम नेहा शर्मा (बीट्रिज व्हिसेल) बताते हुए खुद को एक निजी कंपनी का प्रतिनिधि बताया और ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब की पेशकश की। शुरुआत में होटलों की ऑनलाइन रिव्यू लिखने के बदले छोटी-छोटी रकम उनके बैंक खाते में भेजी गई, जिससे उन्हें पूरा काम वास्तविक लगा।
कुछ दिनों बाद उन्हें टेलीग्राम पर जोड़कर एक ग्रुप में शामिल किया गया, जहां पहले सामान्य टास्क दिए गए। इसके बाद क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर रकम निवेश करने के लिए कहा गया। आरोपियों ने एक लिंक के माध्यम से ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराया और बीटीसी/यूएसडीटी ट्रेडिंग के निर्देश दिए। शुरुआती ट्रेड में मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीत लिया गया। इसके बाद पीड़ित को एडवांस ट्रेडिंग टास्क में शामिल कर पहले सात हजार रुपये और फिर लगातार बड़ी रकम जमा कराई गई।
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पीड़ित के अनुसार अलग-अलग बहानों से उससे करीब 18.50 लाख रुपये जमा करा लिए गए। जब आरोपियों ने फिर से रुपये मांगने शुरू किए तो उन्हें संदेह हुआ। इंटरनेट पर जानकारी जुटाने पर पता चला कि वह संगठित साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और फिर रायपुर थाने में तहरीर दी। एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी तहरीर में अमन विहार निवासी ललित ने बताया कि उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए एक विदेशी नंबर से संदेश आया। संदेश भेजने वाली ने अपना नाम नेहा शर्मा (बीट्रिज व्हिसेल) बताते हुए खुद को एक निजी कंपनी का प्रतिनिधि बताया और ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब की पेशकश की। शुरुआत में होटलों की ऑनलाइन रिव्यू लिखने के बदले छोटी-छोटी रकम उनके बैंक खाते में भेजी गई, जिससे उन्हें पूरा काम वास्तविक लगा।
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कुछ दिनों बाद उन्हें टेलीग्राम पर जोड़कर एक ग्रुप में शामिल किया गया, जहां पहले सामान्य टास्क दिए गए। इसके बाद क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर रकम निवेश करने के लिए कहा गया। आरोपियों ने एक लिंक के माध्यम से ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराया और बीटीसी/यूएसडीटी ट्रेडिंग के निर्देश दिए। शुरुआती ट्रेड में मुनाफा दिखाकर उनका विश्वास जीत लिया गया। इसके बाद पीड़ित को एडवांस ट्रेडिंग टास्क में शामिल कर पहले सात हजार रुपये और फिर लगातार बड़ी रकम जमा कराई गई।
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पीड़ित के अनुसार अलग-अलग बहानों से उससे करीब 18.50 लाख रुपये जमा करा लिए गए। जब आरोपियों ने फिर से रुपये मांगने शुरू किए तो उन्हें संदेह हुआ। इंटरनेट पर जानकारी जुटाने पर पता चला कि वह संगठित साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और फिर रायपुर थाने में तहरीर दी। एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।