सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Dolphin conservation Dolphin ambulance equipped with X-ray and ECG facilities Uttarakhand News

Uttarakhand: डॉल्फिन एंबुलेंस; एक्सरे-ईसीजी सुविधाओं से लैस, रेस्क्यू को और बेहतर ढंग से करने का प्रयास

अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 15 Jan 2026 12:04 PM IST
विज्ञापन
सार

डॉल्फिन एंबुलेंस में कई चिकित्सा सुविधाओं को जुटाया गया है। टीएस फाउंडेशन इंडिया संस्था ने यूपी में 2013 से 41 डॉल्फिन को रेस्क्यू किया गया है। अभी तक यह काम ट्रक के जरिए होता रहा है।

Dolphin conservation Dolphin ambulance equipped with X-ray and ECG facilities Uttarakhand News
डॉल्फिन एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

डॉल्फिन के संरक्षण को लेकर कोशिश चल रही है। इसके अलावा रेस्क्यू को और बेहतर ढंग से करने को लेकर भी प्रयास तेज हुए हैं। रेस्क्यू किए जाने वाले डॉल्फिन के स्वास्थ्य की जांच आदि के लिए खास रेस्क्यू एंबुलेंस को तैयार किया गया है, इसमें एक्सरे-ईसीजी जैसी जांच सुविधाओं से लैस किया गया है।

Trending Videos

 

भारतीय वन्यजीव संस्थान से मंगलवार को डॉल्फिन एंबुलेंस को जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने रवाना किया था। इस एंबुलेंस में कई चिकित्सा सुविधाओं को जुटाया गया है। टीएस फाउंडेशन इंडिया संस्था की बायोलाॅजिस्ट सुप्रिया दत्ता बताती हैं कि उनकी संस्था डॉल्फिन, घड़ियाल समेत अन्य जलीय जीवों के संरक्षण, अध्ययन के क्षेत्र में काम करती है।

विज्ञापन
विज्ञापन


वे बताती है कि संस्था ने यूपी में 2013 से 41 डॉल्फिन को रेस्क्यू किया गया है। अभी तक यह काम ट्रक के जरिए होता रहा है। इस एंबुलेंस के माध्यम से रेस्क्यू किया जाएगा। बताया कि एंबुलेंस को कई सुविधा से लैस किया गया है। इसमें स्ट्रेचर है, डॉल्फिन जलीय जीव है उस पर पानी के छिड़काव के लिए 500 लीटर टैंक और शॉवर की व्यवस्था की गई है।

ये भी पढे़ं...Uttarakhand: बेटी से दुष्कर्म करने वाले वायुसेना कर्मी को 20 साल की कैद, गुमराह करने के लिए कही थी घिनौनी बात

इसके अलावा की एंबुलेंस में ईसीजी, एक्सरे की सुविधा है। ब्लड एनालिसिस करने समेत अन्य सुविधा है। इसमें पशु चिकित्सक भी होंगे। जिनके माध्यम से जरूरत होने पर इलाज भी किया जा सकेगा। यह डॉल्फिन को लेकर अपने तरह की पहली एंबुलेंस है। भारतीय वन्यजीव संस्थान के डॉ. विपल मौर्य कहते हैं कि यूपी की बात करें तो यहां पर नदियों से नहर में कई बार डॉल्फिन पहुंच जाती है, जो पानी कम होने पर फंस जाती है, जिनको रेस्क्यू करने की जरूरत पड़ती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed