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Uttarakhand: यूपीसीएल के लिए मुसीबत बन गए बंद घरों के बिजली मीटर, ताजा रिपोर्ट में सामने आई ये बातें

अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Thu, 23 Apr 2026 01:20 PM IST
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सार

राज्य के हजारों उपभोक्ताओं के मीटर तक विभाग की पहुंच नहीं हो पा रही है। यूपीसीएल ने इन्हें नॉट एक्सेसिबल की श्रेणी में शामिल किया है।

Electricity Meters in Locked Houses Become a Headache for UPCL Uttarakhand news in hindi
Electricity Fraud Alert - फोटो : Istock
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विस्तार

उत्तराखंड पावर काॅरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के लिए प्रदेश के 5.86 प्रतिशत बंद घरों के मीटर मुसीबत बन गए हैं। यहां निगम की टीम रीडिंग नहीं ले पा रही है। बिजली बिल तो अनुमानित जारी हो रहे हैं लेकिन उनका कोई भुगतान करने वाला भी नहीं है।

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यूपीसीएल ने हाल ही में अपनी वाणिज्यिक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि मार्च 2024 में कुल उपभोक्ताओं की संख्या 26.80 लाख थी जो जनवरी 2026 तक बढ़कर 28,19,627 तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा राज्य में बिजली की बढ़ती मांग और नेटवर्क के विस्तार को बताता है। इस रिपोर्ट में एक चिंताजनक पहलू सामने आया है। राज्य के हजारों उपभोक्ताओं के मीटर तक विभाग की पहुंच नहीं हो पा रही है। यूपीसीएल ने इन्हें नॉट एक्सेसिबल की श्रेणी में शामिल किया है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, चकराता सर्कल का बड़कोट संभाग इस मामले में सबसे ऊपर है। यहां जनवरी 2026 में 5.93 प्रतिशत उपभोक्ताओं के मीटर नॉट एक्सेसिबल श्रेणी में रहे। इसका मतलब है कि यहां के सैकड़ों घरों में मीटर रीडर या तो घर बंद होने के कारण या किसी अन्य बाधा की वजह से मीटर की रीडिंग नहीं ले पा रहे हैं। इसके अलावा रानीखेत में 1.24 प्रतिशत, भिकियासैंण में 4.62 प्रतिशत, पिथौरागढ़ में 1.25 प्रतिशत, नारायणबगड़ में 2.12 प्रतिशत, देहरादून (सेंट्रल) में 1.12 प्रतिशत उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग नहीं हो पा रही है।

 

पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में अभी भी यह समस्या बनी हुई

बीते वर्षों की तुलना में कुछ राहत भी है। मार्च 2024 में यह औसत 1.45 प्रतिशत था। जनवरी 2026 में यह घटकर 0.68 प्रतिशत पर आ गया है। हालांकि, पहाड़ी और दूरदराज के क्षेत्रों में अभी भी यह समस्या बनी हुई है। नॉट एक्सेसिबल होने के कारण इन उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग नहीं हो पा रही है। उन्हें प्रोविजनल या औसतन बिल भेजे जा रहे हैं। बाद में इसका एक साथ बड़ा बिल आने पर गड़बड़ी की संभावना होती है, जिससे यूपीसीएल और उपभोक्ता दोनों परेशान होते हैं।

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यूपीसीएल के मुख्य अभियंता (वाणिज्यिक) एनएस बिष्ट की ओर से जारी इस रिपोर्ट के माध्यम से विभाग का लक्ष्य बिलिंग दक्षता को 100 प्रतिशत तक पहुंचाना है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मीटर रीडिंग के समय सहयोग करें ताकि उन्हें सटीक और पारदर्शी बिल मिल सके।

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