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Dehradun News: ऊर्जा निगम कर्मचारियों ने चेताया, सात अप्रैल से हड़ताल
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- उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने यूजेवीएनएल मुख्यालय पर प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। तीनों ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर सात अप्रैल से हड़ताल की चेतावनी दी है। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने यूजेवीएनएल मुख्यालय पर गेट मीटिंग में विरोध जताया।
बैठक की अध्यक्षता युद्धवीर सिंह तोमर और संचालन पंकज सैनी ने किया। सभा में मोर्चा ने जनवरी में दिए गए समस्या पत्र और उसके पूर्व दिसंबर में यमुना परियोजना की भूमि को यूआईआईडीबी को हस्तांतरित करने के शासनादेश के विरोध में दिए गए पत्रों पर ऊर्जा निगमों की ओर से कोई कार्रवाई न करने से कर्मचारी वर्ग में असंतोष है। कर्मचारी संगठनों ने खेद व्यक्त किया कि अभी तक तीनों निगमों में कर्मचारियों की किसी भी समस्या पर कोई समाधान नहीं किया गया है। मोर्चा ने 27 मार्च को यूपीसीएल मुख्यालय पर सत्याग्रह के बाद छह अप्रैल को यूजेवीएनएल मुख्यालय पर सत्याग्रह और मांगें पूरी न होने पर सात अप्रैल से हड़ताल की घोषणा की है।
घटक संगठनों ने चेतावनी दी कि जल विद्युत परियोजनाओं के लिए सुरक्षित भूमि को अन्य प्रयोजनों में हस्तांतरित करना लखवाड़, किशाऊ तथा यमुना बेसिन की अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। इसका प्रदेश के सभी बिजली कार्मिक, अवर अभियंता, अभियंता और कर्मचारी जोरदार विरोध करेंगे। सभा में सहसंयोजक राजवीर सिंह, प्रदीप कंसल, केहर सिंह, अमित रंजन, सुनील तंवर, विनोद कवि, बीरबल सिंह, गोविंद नौटियाल, रेखा डंगवाल, सुनील मोगा, प्रदीप प्रकाश शर्मा, अशोक सैनी, एचएस रावत, सुखजीत सिंह मनोज रावत, बृजेश कुमार, मनदीप सिंह, संजय राणा, सुंदर लाल, भगवान सिंह, सुमित सेमवाल ने विचार रखें।
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ये हैं प्रमुख मांगें
-यमुना परियोजना की डाकपत्थर स्थित भूमि का हस्तांतरण रद्द किया जाए।
-तीनों ऊर्जा निगम में कार्यरत उपनल, सेल्फ हेल्प और आउटसोर्स कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन व नियमितीकरण का लाभ तत्काल प्रदान किया जाए।
-वर्ष 2020 के बाद नियुक्त कार्मिकों को विद्युत टैरिफ सुविधा पूर्व की भांति प्रदान की जाए।
-2600 ग्रेड वेतन में नियुक्त कार्मिकों को ग्रेड वेतन 3000 को नोंन फंक्शनल करते हुए प्रथम एसीपी 4600 और तृतीय एसीपी पूर्व की भांति 6600 ग्रेड वेतन और चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को 19 वर्ष की सेवा होने पर 4600 ग्रेड वेतन का लाभ प्रदान किया जाए।
-अवर अभियंता को प्रारंभिक वेतनमान 4800 व नियुक्ति पर दो वेतन वृद्धि का लाभ सातवें वेतन आयोग में भी प्रदान किया जाए।
-नियुक्ति पर मिलने वाली प्रारंभिक वेतन वृद्धि का लाभ सातवें वेतन आयोग में भी पूर्व की भांति सहायक अभियंता,अवर अभियंता तथा टेक्नीशियन को दिया जाए।
-उत्तराखंड शासन की भांति वर्ष 2005 तक निकाली गई विज्ञप्तियों के सापेक्ष नियुक्त कर्मचारियों को जीपीएफ और पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
-टीजी-2 तथा टीजी-1 के पदों को एक करते हुए एक पदनाम टेक्नीशियन किया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। तीनों ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर सात अप्रैल से हड़ताल की चेतावनी दी है। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने यूजेवीएनएल मुख्यालय पर गेट मीटिंग में विरोध जताया।
बैठक की अध्यक्षता युद्धवीर सिंह तोमर और संचालन पंकज सैनी ने किया। सभा में मोर्चा ने जनवरी में दिए गए समस्या पत्र और उसके पूर्व दिसंबर में यमुना परियोजना की भूमि को यूआईआईडीबी को हस्तांतरित करने के शासनादेश के विरोध में दिए गए पत्रों पर ऊर्जा निगमों की ओर से कोई कार्रवाई न करने से कर्मचारी वर्ग में असंतोष है। कर्मचारी संगठनों ने खेद व्यक्त किया कि अभी तक तीनों निगमों में कर्मचारियों की किसी भी समस्या पर कोई समाधान नहीं किया गया है। मोर्चा ने 27 मार्च को यूपीसीएल मुख्यालय पर सत्याग्रह के बाद छह अप्रैल को यूजेवीएनएल मुख्यालय पर सत्याग्रह और मांगें पूरी न होने पर सात अप्रैल से हड़ताल की घोषणा की है।
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घटक संगठनों ने चेतावनी दी कि जल विद्युत परियोजनाओं के लिए सुरक्षित भूमि को अन्य प्रयोजनों में हस्तांतरित करना लखवाड़, किशाऊ तथा यमुना बेसिन की अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। इसका प्रदेश के सभी बिजली कार्मिक, अवर अभियंता, अभियंता और कर्मचारी जोरदार विरोध करेंगे। सभा में सहसंयोजक राजवीर सिंह, प्रदीप कंसल, केहर सिंह, अमित रंजन, सुनील तंवर, विनोद कवि, बीरबल सिंह, गोविंद नौटियाल, रेखा डंगवाल, सुनील मोगा, प्रदीप प्रकाश शर्मा, अशोक सैनी, एचएस रावत, सुखजीत सिंह मनोज रावत, बृजेश कुमार, मनदीप सिंह, संजय राणा, सुंदर लाल, भगवान सिंह, सुमित सेमवाल ने विचार रखें।
ये हैं प्रमुख मांगें
-यमुना परियोजना की डाकपत्थर स्थित भूमि का हस्तांतरण रद्द किया जाए।
-तीनों ऊर्जा निगम में कार्यरत उपनल, सेल्फ हेल्प और आउटसोर्स कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन व नियमितीकरण का लाभ तत्काल प्रदान किया जाए।
-वर्ष 2020 के बाद नियुक्त कार्मिकों को विद्युत टैरिफ सुविधा पूर्व की भांति प्रदान की जाए।
-2600 ग्रेड वेतन में नियुक्त कार्मिकों को ग्रेड वेतन 3000 को नोंन फंक्शनल करते हुए प्रथम एसीपी 4600 और तृतीय एसीपी पूर्व की भांति 6600 ग्रेड वेतन और चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को 19 वर्ष की सेवा होने पर 4600 ग्रेड वेतन का लाभ प्रदान किया जाए।
-अवर अभियंता को प्रारंभिक वेतनमान 4800 व नियुक्ति पर दो वेतन वृद्धि का लाभ सातवें वेतन आयोग में भी प्रदान किया जाए।
-नियुक्ति पर मिलने वाली प्रारंभिक वेतन वृद्धि का लाभ सातवें वेतन आयोग में भी पूर्व की भांति सहायक अभियंता,अवर अभियंता तथा टेक्नीशियन को दिया जाए।
-उत्तराखंड शासन की भांति वर्ष 2005 तक निकाली गई विज्ञप्तियों के सापेक्ष नियुक्त कर्मचारियों को जीपीएफ और पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए।
-टीजी-2 तथा टीजी-1 के पदों को एक करते हुए एक पदनाम टेक्नीशियन किया जाए।