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Gangotri Dham: आर्मी बैंड व ढोल दमांऊ की अगुवाई में रवाना हुई मां गंगा की डोली, कल खुलेंगे धाम के कपाट

संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी। Published by: Renu Saklani Updated Sat, 18 Apr 2026 12:20 PM IST
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सार

आर्मी बैंड व ढोल दमांऊ की अगुवाई में आज गंगा जी की विग्रह डोली मुखबा से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। मुखबा गांव के ग्रामीणों के लिए गंगा जी की विदाई का समय भावकुतापूर्ण होता है।

Gangotri Dham maa ganga doli departs today Led by Army Band  temple Door will open on the 19th Chardham yatra
मां गंगा की डोली रवाना - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

आगामी चारधाम यात्रा के आगाज के लिए मां गंगा की भोगमूर्ति विग्रह डोली में आज शनिवार दोपहर को अभिजीत मूहूर्त में गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई। इस मौके पर मुखबा गांव के ग्रामीण गंगा को कल्यो (कंडा) और स्थानीय फाफरे का भोेग लगाकर नम आंखों के साथ छह माह के प्रवास के लिए भावुकता के साथ विदा मां को विदा किया।

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बाहर रह रहे ग्रामीण इस विशेष अवसर के लिए अपने गांव पहुंचे हैं। वहीं श्रद्धालुओं का मुखबा पहुंचने का सिलसिला जारी है। गंगा जी की भोगूर्ति विग्रह डोली में शनिवार दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर अभिजीत मूहूर्त में आर्मी बैंड व ढोल दमांऊ की अगुवाई में गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई।
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तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं के साथ गंगा की डोली मुखबा-जांगला के सात किमी के जोखिमभरे मार्ग से होते हुए उसके बाद रात्री विश्राम के लिए भैरो घाटी पहुंचेगी। वहां पर भैरो मंदिर में रात्री विश्राम के बाद रविवार सुबह गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। धाम में विशेष पूजा अर्चना के बाद अक्षय तृतीय पर गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए छह माह के लिए खोल दिए जाएंगे।

भावकुतापूर्ण होता विदाई का समय
शनिवार को गंगा की विदाई के लिए मुखबा गांव सहित हर्षिल घाटी के ग्रामीण अपने गांव पहुंचे। साथ ही श्रद्धालुओं का पहुंचने का सिलसिला जारी है। मुखबा गांव के ग्रामीणों के लिए गंगा जी की विदाई का समय भावकुतापूर्ण होता है।

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मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल ने बताया कि ग्रामीण फाफरे का भोग लगाकर गंगा को विदा करते हैं। साथ ही गंगा के साथ छह माह का कल्यो भी अर्से आदि के रूप में दिया जाता है। 

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