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Dehradun News: सीलिंग भूमि मामलों में कार्रवाई के विरोध में तहसील का घेराव
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विकासनगर। सीलिंग भूमि (चाय बागान भूमि) के मामलों में आम लोगों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को जन संघर्ष मोर्चा ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तहसील का घेराव कर जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि की एनफील्ड ग्रांट, एटनबाग, अंबाड़ी, रायपुर, जीवनगढ़, कांवली, हरबंसवाला, मोहकमपुर खुर्द, आर्केडिया ग्रांट, नत्थनपुर समेत कई क्षेत्रों में चाय बागान भूमि के नाम पर भवन स्वामियों और काश्तकारों का शोषण किया जा रहा है। उनका दावा है कि सुप्रीम कोर्ट ने 24 अक्तूबर 1996 के आदेश में 10 अक्तूबर 1975 से पूर्व खरीदी गई भूमि को यूपी सीलिंग एक्ट की धारा 6(3) के तहत सीलिंग से मुक्त माना है, जबकि जिला प्रशासन के 2023 के आदेशों के आधार पर ऐसी भूमि की खरीद-फरोख्त और दाखिल-खारिज भी प्रभावित हो रही है। मोर्चा ने आरोप लगाया कि बिना भूमि के अभिलेखों और वास्तविक स्थिति की जांच किए लोगों को परेशान किया जा रहा है। चेतावनी दी गई कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन में आकाश पंवार, विजय राम शर्मा, दिलबाग सिंह, मोहम्मद आरिफ, विवेक गुप्ता, मुजीबुर रहमान, राम सिंह तोमर, के.सी चंदेल, मालती देवी, विनोद पड्डा और हाजी असद सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि की एनफील्ड ग्रांट, एटनबाग, अंबाड़ी, रायपुर, जीवनगढ़, कांवली, हरबंसवाला, मोहकमपुर खुर्द, आर्केडिया ग्रांट, नत्थनपुर समेत कई क्षेत्रों में चाय बागान भूमि के नाम पर भवन स्वामियों और काश्तकारों का शोषण किया जा रहा है। उनका दावा है कि सुप्रीम कोर्ट ने 24 अक्तूबर 1996 के आदेश में 10 अक्तूबर 1975 से पूर्व खरीदी गई भूमि को यूपी सीलिंग एक्ट की धारा 6(3) के तहत सीलिंग से मुक्त माना है, जबकि जिला प्रशासन के 2023 के आदेशों के आधार पर ऐसी भूमि की खरीद-फरोख्त और दाखिल-खारिज भी प्रभावित हो रही है। मोर्चा ने आरोप लगाया कि बिना भूमि के अभिलेखों और वास्तविक स्थिति की जांच किए लोगों को परेशान किया जा रहा है। चेतावनी दी गई कि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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प्रदर्शन में आकाश पंवार, विजय राम शर्मा, दिलबाग सिंह, मोहम्मद आरिफ, विवेक गुप्ता, मुजीबुर रहमान, राम सिंह तोमर, के.सी चंदेल, मालती देवी, विनोद पड्डा और हाजी असद सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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