Dehradun: देश को मिले 109 नए आईएफएस अधिकारी, दो भूटान के शामिल, जैव विविधता संरक्षण को मिलेगी नई मजबूती
देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) से 2024 बैच के 109 भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा कर देश की वन एवं जैव विविधता संरक्षण व्यवस्था को नई मजबूती दी। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दीक्षांत समारोह में सफल परिवीक्षार्थियों को प्रमाणपत्र और पदक प्रदान करते हुए कहा कि सबसे अच्छा अधिकारी वही होता है, जो सबसे पहले एक अच्छा इंसान हो।
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देश को 109 आईएफएस मिले, इससे देश में जैव विविधता संरक्षण के काम और मजबूती मिलेगी। वन अनुसंधान सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए), देहरादून में प्रशिक्षणरत- 2024 बैच के सफल परिवीक्षार्थियों को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रमाणपत्र व पदक प्रदान किए। इस बैच में भूटान के दो अधिकारी प्रशिक्षुओं सहित 111 अधिकारियों ने 20 माह का प्रशिक्षण पूरा किया है।
राजस्थान संवर्ग की प्रतीक्षा नानासाहेब काले बैच की टॉपर रही है। केंद्रीय वन मंत्री यादव ने कहा कि एक अच्छा अधिकारी वही है जो सबसे पहले एक अच्छा इंसान हो। कहा कि आत्ममूल्यांकन और आत्मबोध को जीवन का अभिन्न अंग बनाएं। उन्होंने का कि अपने सेवा जीवन के सर्वश्रेष्ठ दौर में होंगे, तब भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरा कर रहा होगा
और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि एक सफल लोकसेवक के लिए नैतिकता और कार्यकुशलता सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं। उच्च नैतिक मूल्य, समय का प्रभावी उपयोग तथा सीमित संसाधनों में अधिकतम परिणाम देने की क्षमता ही किसी अधिकारी की वास्तविक पहचान है।
इससे पूर्व आईजीएनएफए के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया ने कहा कि विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के अनुरूप संशोधित पाठ्यक्रम पर आधारित 20 माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल अधिकारियों में से 75 अफसरों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर ऑनर्स डिप्लोमा अर्जित किया। दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर 17 अन्य पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस दौरान पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार, वन महानिदेशक सुशील कुमार अवस्थी, चेयरमैन-सीईसी सीपी. गोयल आदि मौजूद थे।
सबसे अधिक मध्य प्रदेश को मिले अधिकारी
सबसे अधिक आईएफएस मध्य प्रदेश को 11 मिले हैं।
| मध्य प्रदेश | 11 |
| अंडमान | 01 |
| अरुणाचल प्रदेश | 03 |
| आंध्र प्रदेश | 02 |
| असम- मेघालय | 05 |
| बिहार | 04 |
| छत्तीसगढ़ | 05 |
| गोवा | 01 |
| गुजरात | 07 |
| हरियाणा | 01 |
| हिमाचल प्रदेश | 02 |
| झारखंड | 04 |
| कर्नाटक | 04 |
| केरल | 02 |
| महाराष्ट्र | 05 |
| मणिपुर | 02 |
| मेघालय | 03 |
| ओडिसा | 06 |
| पंजाब | 05 |
| राजस्थान | 08 |
| तमिलनाड़ु | 05 |
| तेलांगना | 04 |
| त्रिपुरा | 01 |
| यूटी- आफ डीएनएच एंड डीडी | 01 |
| यूटी- जम्मू- कश्मीर | 07 |
| उत्तर प्रदेश | 06 |
| उत्तराखंड | 05 |
| पश्चिम बंगाल | 02 |
| त्रिपुरा | 01 |
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