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Dehradun News: गरीबों का इलाज करने वाले आरोग्य मंदिरों पर लटके ताले

Sun, 02 Aug 2026 01:59 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 01:59 AM IST
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Locks hang on the 'Aarogya Mandirs' (health centers) that provide treatment to the poor.
देहरादून। उत्तराखंड में 114 अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में गरीबों के इलाज की प्रक्रिया फाइलों में फंस गई है। आरोग्य मंदिरों में ताले लटक गए हैं। ब्रिडकुल से काम का अनुबंध नहीं हुआ, नगर निकाय अस्थायी तौर पर इनका संचालन करने में सक्षम नहीं हैं। फिलहाल केंद्र की इस महत्वपूर्ण योजना पर ब्रेक लग गया है।
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उत्तराखंड में 29 मई तक ब्रेथवेट कंपनी 114 आरोग्य मंदिरों का संचालन कर रही थी। इन आरोग्य मंदिरों से प्रदेशभर में लाखों की संख्या में श्रमिकों, मलिन बस्ती निवासियों का इलाज होता है। मुफ्त दवाईयां मिलती हैं। कंपनी का अनुबंध खत्म होने के बाद 31 जुलाई तक जो वेंडर इनका संचालन कर रहे थे, उन्हें भी मना कर दिया गया। शहरी विकास निदेशालय ने तय किया कि चूंकि नया अनुबंध ब्रिज, रोपवे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड(ब्रिडकुल) के साथ किया जा रहा है, इसलिए तब तक अस्थायी व्यवस्था के तहत नगर निकायों के स्तर से इनका संचालन किया जाएगा।
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निकाय एक-दो माह के लिए कैसे चलाएं आरोग्य मंदिर

चूंकि आरोग्य मंदिर में एमबीबीएस चिकित्सक, नर्स, आया व अन्य स्टाफ होता है। दवाईयां मुफ्त दी जाती हैं। नगर निकायों के लिए एक-दो माह के लिए औपचारिक तौर पर इनका संचालन करना मुश्किल है। कोई भी नगर निकाय एक प्रक्रिया के तहत ही इन आरोग्य मंदिरों में पूरा स्टाफ और दवाईयां उपलब्ध करा सकता है, जिसमें समय लगेगा। लिहाजा, फिलहाल आरोग्य मंदिरों के ताले खुलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे।
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जिन्होंने दो माह काम किया, उनका पैसा अटका

29 मई को ब्रेथवेट कंपनी का अनुबंध खत्म होने के बाद जिन वेंडरों ने जून, जुलाई में आरोग्य मंदिरों का संचालन किया है, उनका पैसा अटक गया है। एक वेंडर डॉ. एसके मिश्रा ने बताया कि उन्हें शहरी विकास निदेशक ने संचालन के मौखिक निर्देश दिए थे लेकिन अब भुगतान की कोई व्यवस्था नहीं है। दो माह से जिन चिकित्सकों, कर्मचारियों ने काम किया है, उनके वेतन के भी लाले पड़ गए हैं। उन्होंने मांग की कि निदेशालय इसमें हस्तक्षेप करके उनका भुगतान अपने स्तर से कराए।


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बयान-

प्रदेश में अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का संचालन किसी सूरत बंद नहीं होने दिया जाएगा। विभागीय अफसरों से इस पर बात कर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। ऐसा क्यों हुआ, ये भी देखा जाएगा। -राम सिंह कैड़ा, शहरी विकास मंत्री
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