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Uttarakhand: हरिद्वार में बनेगा म्यूजियम, मां गंगा के पौराणिक इतिहास को नजदीक से देख और समझ सकेंगे श्रद्धालु

संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 12 Feb 2026 01:43 PM IST
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सार

हरिद्वार गंगा के घाटों के साथ-साथ मां गंगा के पौराणिक इतिहास को भी श्रद्धालु और पर्यटक अब नजदीक से देख और समझ सकेंगे। 

Museum will be built in Haridwar Devotees and tourists will also learn about mythological history of Ganga
हरिद्वार - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

हरिद्वार आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालु और पर्यटक अब गंगा के घाटों के साथ-साथ मां गंगा के पौराणिक इतिहास को भी नजदीक से देख और समझ सकेंगे। नगर निगम की पहल पर देवपुरा चौक स्थित जमीन पर भव्य गंगा म्यूजियम का निर्माण किया जाएगा, जिसे शासन की मंजूरी मिल चुकी है।

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करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाले इस म्यूजियम में गंगा अवतरण से लेकर कुंभ मंथन और शिव लीलाओं तक का सजीव चित्रण किया जाएगा। कुंभ से पहले इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मेयर किरण जैसल के प्रस्ताव पर शासन ने गंगा म्यूजियम के निर्माण को मंजूरी दे दी है। म्यूजियम के लिए नगर निगम की जमीन भी चिह्नित कर ली गई है।
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कुंभ से पहले नगर निगम देवपुरा चौक स्थित अपनी भूमि पर गंगा म्यूजियम का निर्माण कराएगा। म्यूजियम भवन के सबसे निचले तल पर पर्यटकों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी, जबकि इसके ऊपर तीन मंजिलों में गंगा म्यूजियम विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण से देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को हरिद्वार के धार्मिक और पौराणिक इतिहास को जानने का अवसर मिलेगा।
 

पर्यटकों के लिए बड़ी सौगात 
गंगा म्यूजियम में कुंभ मंथन, गंगा अवतरण, भगीरथ की तपस्या, दक्ष प्रजापति प्रसंग, देवी सती की कथा, भगवान शिव की लीलाएं, पांडव लीलाएं, गंगा की सात धाराओं से निर्मित सप्त सरोवर, मच्छला कुंड, ब्रह्मकुंड सहित अनेक पौराणिक स्थलों और कथाओं का सजीव चित्रण किया जाएगा। इसके साथ ही चंडी देवी, श्री दक्षिण काली, गंगा और मनसा देवी के संगम का महत्व दर्शाया जाएगा। शीतला माता, सुरेश्वरी देवी, मायादेवी समेत सभी प्रमुख मंदिरों का विवरण भी म्यूजियम में शामिल रहेगा। कांवड़ यात्रा के इतिहास से लेकर हरकी पैड़ी के महत्व का भी विस्तृत वर्णन किया जाएगा।

मेयर किरण जैसल के प्रस्ताव पर शासन ने गंगा म्यूजियम निर्माण को स्वीकृति देते हुए 10 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी कर दी है। इस परियोजना की कार्यदायी संस्था पेयजल निगम को बनाया गया है। मार्च से कुंभ तक म्यूजियम निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना शहरवासियों और पर्यटकों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी।

नगर निगम की जमीन का होगा उपयोग
नगर निगम की बेशकीमती भूमि का सदुपयोग किया जाएगा। कई वर्षों से इस जमीन पर भूमाफिया की नजर थी, लेकिन अब निगम यहां पार्किंग और गंगा म्यूजियम का निर्माण कर रहा है।

2010 के कुंभ में अधूरा रह गया था सपना
वर्ष 2010 के महाकुंभ के दौरान भी गंगा म्यूजियम के निर्माण की योजना बनी थी। उस समय शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक शासन से इसकी स्वीकृति लेकर आए थे और बड़ी गंगा क्षेत्र में म्यूजियम के लिए स्थान भी चिन्हित किया गया था, लेकिन यह योजना साकार नहीं हो सकी।

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म्यूजियम बनने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी मां गंगा के पौराणिक इतिहास से परिचित हो सकेंगे। हरिद्वार चार धाम का प्रवेश द्वार है और आज की युवा पीढ़ी अपने प्राचीन इतिहास को जानना चाहती है। म्यूजियम में मां गंगा के अवतरण से लेकर सभी प्रमुख लीलाओं का वर्णन किया जाएगा।  -किरण जैसल, मेयर, हरिद्वार

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