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देहरादून: अर्बन कोऑपरेटिव बैंक पर RBI ने लगाया छह माह के लिए प्रतिबंध, नाै हजार खाता धारकों के 90 करोड़ फंसे

माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून। Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 18 Feb 2026 01:29 PM IST
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सार

अर्बन कोऑपरेटिव बैंक आरबीआई की ओर से लाइसेंस प्राप्त और पंजीकृत है लेकिन बीते सोमवार को आरबीआई ने जमाकर्ता के हितों की सुरक्षा का हवाला देते हुए बैंक पर छह महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
 

Nine thousand account holders of Urban Co-operative Bank have Rs 90 crore stuck protest expressed Dehradun
अर्बन को ऑपरेटिव बैंक के अंदर ग्राहकों के प्रदर्शन के बाद मौके पर पहुंची पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अर्बन कोऑपरेटिव बैंक पर छह महीने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। इससे बैंक में करीब नौ हजार खाताधारकों के 90 करोड़ रुपये फंस गए हैं। इससे नाराज खाताधारकों ने मंगलवार को बैंक में विरोध प्रदर्शन किया।इस दाैरान बैंककर्मी कुर्सी छोड़कर भाग गए।

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खाताधारकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी रकम उन्हें नहीं मिली तो वह उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को भी शिकायत दी है। राजधानी दून में अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना 30 जुलाई 1973 को हुई थी। यह बैंक आरबीआई की ओर से लाइसेंस प्राप्त और पंजीकृत है लेकिन बीते सोमवार को आरबीआई ने जमाकर्ता के हितों की सुरक्षा का हवाला देते हुए बैंक पर छह महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया है।
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यह खबर खाताधारकों तक पहुंची तो वे मंगलवार को दोपहर बैंक में पहुंचे और विरोध प्रदर्शन संग नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों का आक्रोश देख बैंककर्मी निचले तल में जाकर एक कमरे में बंद हो गए। बैंक के अंदर खाताधारकों के हंगामे की सूचना पर पुलिसकर्मी भी बैंक पहुंच गए।

बैंक से पैसे न मिलने के बढ़ी परेशानी
खाताधारकों ने पुलिस को भी लिखित शिकायत देकर बैंक से स्पष्टता की मांग की। उन्होंने कहा कि बैंक से पैसे न मिलने के कारण उनकी परेशानियां बहुत बढ़ गई हैं। कारोबार प्रभावित हो रहा है जिन्हें पैसे देने थे वह लगातार दबाव बना रहे हैं। खाताधारक नरेंद्र बत्रा ने बताया कि वह बीते 32 वर्षों से बैंक के खाताधारक हैं।

इससे पहले भी कई बार बैंक में आकर जानकारी लेने की कोशिश की थी, लेकिन बैंक अधिकारी कोई भी सूचना देने से बचते रहे हैं। ऐसे में खाताधारकों को चिंता सता रही है कि उनकी मेहनत की कमाई सुरक्षित है या नहीं। इससे बड़ा सवाल तो यह है कि आपातस्थिति में खाताधारकों को कैसे पैसे मिलेंगे।

खाताधारक मुकेश शर्मा ने बताया कि उनके सामने आर्थिक संकट आ गया है। बैंक कोई भी स्थिति साफ नहीं कर रहा है। बैंक को अपने खाताधारकों को स्पष्ट बताना चाहिए कि वह उनका पैसा कैसे और कब तक वापस करेगा।

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पांच साल पहले यस बैंक के खाताधारकों में मचा था हड़कंप : साल 2020 में भी आरबीआई की ओर से यश बैंक के निदेशक मंडल पर पाबंदी लगाने के बाद ग्राहकों में हड़कंप मच गया था। आलम यह था कि अपने रुपये निकालने के लिए खाताधारक सुबह आठ बजे ही बैंकों के बाहर जमा हो गए थे।

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