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Uttarakhand: अब बिजली की मांग का दबाव बढ़ने पर नहीं होगी ग्रिड फेल, अपूर्ति सुरक्षित बनाने के लिए ड्राफ्ट जारी

अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Fri, 05 Jun 2026 07:26 AM IST
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सार

अब बिजली की मांग का दबाव बढ़ने पर ग्रिड फेल नहीं होगी। नियामक आयोग ने राज्य में अपूर्ति को सुरक्षित बनाने के लिए ड्राफ्ट जारी किया है। दो स्तर पर ग्रिड को बैकअप मिलेगा।

Now grid will not fail when power demand pressure increases draft to ensure supply security in Uttarakhand
electricity - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अब प्रदेश में बिजली की मांग का दबाव बढ़ने पर अचानक ग्रिड फेल नहीं होगी। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने बिजली आपूर्ति को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और सुचारु बनाने के लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (सहायक सेवाएं) विनियम 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। इसका मकसद राज्य स्तर पर ग्रिड की फ्रीक्वेंसी को 50 हर्ट्ज के करीब बनाए रखना और ट्रांसमिशन नेटवर्क में आने वाली बाधाओं को दूर करना है ताकि बिजली ग्रिड पूरी तरह सुरक्षित रहे।

ड्राफ्ट पर अब हितधारकों और आमजन से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद इसे अंतिम रूप देकर राज्य में लागू किया जाएगा। तैयार नियमों के तहत ग्रिड की सुरक्षा के लिए दो स्तर की सहायक सेवाएं होंगी। सेकेंडरी रिजर्व वह सेवा होगी, जो ऑटोमैटिक सिग्नल मिलने के 30 सेकंड के भीतर शुरू होगी और 15 मिनट में पूरी क्षमता के साथ सक्रिय होकर कम से कम आधे घंटे तक ग्रिड को संभालेगी। टर्शियरी रिजर्व वह सेवा होगी जब सेकेंडरी रिजर्व लगातार 15 मिनट से अधिक समय तक इस्तेमाल होगा। तब उसे रीचार्ज या रिप्लेस करने के लिए टर्शियरी रिजर्व को 15 मिनट के भीतर सक्रिय किया जाएगा। जो अगले 60 मिनट तक ग्रिड को बैकअप देगा।

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बेहतर प्रदर्शन वाले बिजली घरों को मिलेगा इनाम

स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) से ग्रिड को संतुलित करने के लिए बिजली कंपनियों को ऑटोमैटिक सिग्नल भेजे जाएंगे। जो कंपनियां सिग्नल मिलने पर 95 प्रतिशत या उससे अधिक सटीक और त्वरित रिस्पांस देंगी, उन्हें 50 पैसे प्रति यूनिट का अतिरिक्त इंसेंटिव मिलेगा। 75 से 95 प्रतिशत तक के प्रदर्शन पर 40 पैसे, 60 से 75 प्रतिशत तक प्रदर्शन पर 30 पैसे प्रति यूनिट का इनाम दिया जाएगा। यदि कोई बिजली प्रदाता लगातार दो दिनों तक 20 प्रतिशत से कम प्रदर्शन करेगा तो उसे एक सप्ताह के लिए इस सेवा से निलंबित कर दिया जाएगा। निर्देशों का उल्लंघन करने पर बिजली अधिनियम के तहत जुर्माना भी देना होगा।

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ऐसे होगी बिजली खरीद और बिक्री

टर्शियरी रिजर्व के लिए बिजली की खरीद एक दिन पहले और रियल-टाइम के सहायक सेवा बाजारों के माध्यम से पावर एक्सचेंज के जरिए होगी। इसके लिए बोली प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके अलावा, जिन बिजली घरों का करार यूपीसीएल के साथ नहीं है लेकिन उनके पास अतिरिक्त बिजली उपलब्ध है, ग्रिड में किल्लत या इमरजेंसी होने पर एसएलडीसी ग्रिड सुरक्षा के लिए उनकी बिजली का इस्तेमाल कर सकेगा। इसके बदले उन्हें तय नियमों के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

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