Uttarakhand: प्रदेश में शिक्षकों के 1500 से अधिक पदों पर होगी भर्ती, शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने दिए निर्देश
प्रदेश में शिक्षकों के 1500 से अधिक पदों पर भर्ती होगी। 2364 पदों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अब सीधे प्रधानाचार्य नियुक्ति देंगे। शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
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प्रदेश में शिक्षकों के 1500 से अधिक पदों पर भर्ती होगी। इसमें प्रवक्ताओं के 808 पदों के लिए प्रक्रिया चल रही है, वहीं, सहायक अध्यापक प्रारंभिक शिक्षा के 250 से अधिक पदों के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा सहायक अध्यापक एलटी के भी 450 से भी अधिक पद खाली हैं। वहीं, 2364 पदों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को अब सीधे प्रधानाचार्य नियुक्ति देंगे।
राजकीय शिक्षक संघ के एससीईआरटी सभागार में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शिक्षा मंत्री ने कहा, प्रारंभिक शिक्षा में सहायक अध्यापक के खाली पदों पर भर्ती के लिए शीघ्र विज्ञप्ति निकाली जाएगी। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में सहायक अध्यापक एलटी के जितने भी पद खाली हैं उन पदों पर भर्ती के लिए आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा, प्रवक्ताओं के 808 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।
राज्य लोक सेवा आयोग से कहा जाएगा कि जल्द इसके परिणाम जारी किए जाएं। शिक्षा मंत्री ने कहा, राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेजों में चतुर्थ श्रेणी के 2364 पद खाली हैं। इन पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से भर्ती के लिए कंपनी का चयन कर लिया गया था, लेकिन इस पर कुछ शिकायतों के चलते रोक लगा दी गई है। अब कॉलेज के प्रधानाचार्यों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को नियुक्ति देने का अधिकार देते हुए उनके माध्यम से कर्मचारियों को रखा जाएगा, जिन लोगों ने स्कूल के लिए भूमि दान है, उन्हें एवं स्थानीय लोगों को इसमें प्राथमिकता दी जाएगी।
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आयोग ने देरी की तो तीन हजार शिक्षकों को देंगे तदर्थ पदोन्नति
शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा, शिक्षकों की रुकी पदोन्नति पर तेजी से काम हो रहा है। राज्य लोक सेवा आयोग को इसकी सूची भेजी जाएगी। यदि आयोग ने पदोन्नति में देरी की तो शिक्षकों को तदर्थ पदोन्नति दी जाएगी। सहायक अध्यापक एलटी से प्रवक्ता के करीब तीन हजार पदों पर पदोन्नति होनी है। पदोन्नत कर शिक्षकों को जहां जरूरत है उन स्कूलों में भेजा जाएगा।