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Dehradun News: देहरादून में 23 स्कूल वाहनों का हुआ सुरक्षा निरीक्षण
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देहरादून। छात्र परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित और मानक अनुरूप बनाने के उद्देश्य से विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को सेंट कबीर अकादमी में 20 स्कूल बसों और तीन वैनों का तकनीकी व सुरक्षा निरीक्षण किया गया।
यह निरीक्षण विद्यालय प्रशासन और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने किया। इस दौरान प्रदीप सिंह रौथाण ने वाहनों के ब्रेकिंग सिस्टम, टायरों, लाइटों और स्पीड गवर्नर सहित कई सुरक्षा मानकों की जांच की। अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम की कार्यशीलता भी परखी गई। आपातकालीन निकास और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य दस्तावेज का भी सत्यापन किया गया। निरीक्षण के बाद विद्यालय प्रबंधन और चालकों को नियमित रखरखाव और दैनिक प्री-ट्रिप निरीक्षण के निर्देश दिए गए। डॉ. अनीता चमोला ने कहा कि विद्यार्थियों को पैनिक बटन, फायर अलार्म और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी जानी चाहिए। चालकों और सहायकों का मूल्यांकन विद्यार्थियों के फीडबैक के आधार पर होगा। इसमें सुरक्षित वाहन संचालन, समयपालन और विद्यार्थियों के प्रति व्यवहार जैसे बिंदु शामिल होंगे। डॉ. चमोला ने सड़क सुरक्षा जागरूकता को विद्यालयी संस्कृति का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि आरटीओ देहरादून उत्कृष्ट चालकों और सहायकों को पुरस्कृत करेगा। यह पुरस्कार बेस्ट स्कूल बस ड्राइवर और बेस्ट स्कूल बस सहायक के रूप में दिए जाएंगे। चयन विद्यार्थियों और विद्यालय प्रशासन से मिले फीडबैक पर आधारित होगा। सुरक्षित ड्राइविंग रिकॉर्ड, अनुशासन और समयपालन भी चयन के आधार होंगे।
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साथ ही परिवहन विभाग विद्यालयों में नियमित आकस्मिक निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट करेगा। इन ऑडिट में वाहनों की तकनीकी स्थिति और दस्तावेज की वैधता जांची जाएगी। चालक और सहायक के आचरण का मूल्यांकन भी होगा। डॉ. अनीता चमोला ने कहा कि सुरक्षित विद्यार्थी ही सुरक्षित भविष्य की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने सभी स्कूल वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा और पंजीकरण प्रमाणपत्र सहित सभी दस्तावेज वैध रखने पर जोर दिया।
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यह निरीक्षण विद्यालय प्रशासन और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने किया। इस दौरान प्रदीप सिंह रौथाण ने वाहनों के ब्रेकिंग सिस्टम, टायरों, लाइटों और स्पीड गवर्नर सहित कई सुरक्षा मानकों की जांच की। अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरा और जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम की कार्यशीलता भी परखी गई। आपातकालीन निकास और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य दस्तावेज का भी सत्यापन किया गया। निरीक्षण के बाद विद्यालय प्रबंधन और चालकों को नियमित रखरखाव और दैनिक प्री-ट्रिप निरीक्षण के निर्देश दिए गए। डॉ. अनीता चमोला ने कहा कि विद्यार्थियों को पैनिक बटन, फायर अलार्म और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी जानी चाहिए। चालकों और सहायकों का मूल्यांकन विद्यार्थियों के फीडबैक के आधार पर होगा। इसमें सुरक्षित वाहन संचालन, समयपालन और विद्यार्थियों के प्रति व्यवहार जैसे बिंदु शामिल होंगे। डॉ. चमोला ने सड़क सुरक्षा जागरूकता को विद्यालयी संस्कृति का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
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उन्होंने बताया कि आरटीओ देहरादून उत्कृष्ट चालकों और सहायकों को पुरस्कृत करेगा। यह पुरस्कार बेस्ट स्कूल बस ड्राइवर और बेस्ट स्कूल बस सहायक के रूप में दिए जाएंगे। चयन विद्यार्थियों और विद्यालय प्रशासन से मिले फीडबैक पर आधारित होगा। सुरक्षित ड्राइविंग रिकॉर्ड, अनुशासन और समयपालन भी चयन के आधार होंगे।
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साथ ही परिवहन विभाग विद्यालयों में नियमित आकस्मिक निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट करेगा। इन ऑडिट में वाहनों की तकनीकी स्थिति और दस्तावेज की वैधता जांची जाएगी। चालक और सहायक के आचरण का मूल्यांकन भी होगा। डॉ. अनीता चमोला ने कहा कि सुरक्षित विद्यार्थी ही सुरक्षित भविष्य की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने सभी स्कूल वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा और पंजीकरण प्रमाणपत्र सहित सभी दस्तावेज वैध रखने पर जोर दिया।