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Dehradun News: खेलकूद और योग से छूटेगी डिजिटल लत
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ऑनलाइन गेमिंग और मोबाइल फोन की बढ़ती लत अभिभावकों के साथ शिक्षकों के लिए बढ़ी चुनौती बन रही है। ऐसे में शिक्षकों का कहना है कि खेलकूद और योग से बच्चों की इस डिजिटल लत को छुड़ाया जा सकता है।
दून विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट विभाग की निदेशक डॉ. स्वाति बिष्ट ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग और मोबाइल की लत बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। इस चुनौती से बचने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ अभिभावकों को भी कदम उठाने होंगे। विद्यालयों में खेलकूद, योग और सांस्कृतिक गतिविधियों को समय सारिणी में विशेष स्थान देना चाहिए। ताकि बच्चे स्क्रीन से हटकर रचनात्मक और शारीरिक गतिविधियों में रुचि लें।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में डिजिटल डिटॉक्स अभियान चलाया जाना चाहिए जिसमें बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक किया जाए। साथ ही विशेषज्ञों की ओर से आयोजित कार्यशालाओं में छात्रों को समय प्रबंधन, आत्म-नियंत्रण और संतुलित डिजिटल उपयोग की जानकारी दी जानी चाहिए।
अभिभावकों की भूमिका को भी इस पहल में शामिल किया जाए। विद्यालयों की ओर से नियमित अभिभावक-शिक्षक बैठकों का आयोजन कर माता-पिता को बच्चों के मोबाइल उपयोग पर निगरानी रखने और घर में स्क्रीन टाइम सीमित करने के सुझाव दिए जाने चाहिए।
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दून विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट विभाग की निदेशक डॉ. स्वाति बिष्ट ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग और मोबाइल की लत बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। इस चुनौती से बचने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ अभिभावकों को भी कदम उठाने होंगे। विद्यालयों में खेलकूद, योग और सांस्कृतिक गतिविधियों को समय सारिणी में विशेष स्थान देना चाहिए। ताकि बच्चे स्क्रीन से हटकर रचनात्मक और शारीरिक गतिविधियों में रुचि लें।
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उन्होंने कहा कि विद्यालयों में डिजिटल डिटॉक्स अभियान चलाया जाना चाहिए जिसमें बच्चों को ऑनलाइन गेमिंग के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक किया जाए। साथ ही विशेषज्ञों की ओर से आयोजित कार्यशालाओं में छात्रों को समय प्रबंधन, आत्म-नियंत्रण और संतुलित डिजिटल उपयोग की जानकारी दी जानी चाहिए।
अभिभावकों की भूमिका को भी इस पहल में शामिल किया जाए। विद्यालयों की ओर से नियमित अभिभावक-शिक्षक बैठकों का आयोजन कर माता-पिता को बच्चों के मोबाइल उपयोग पर निगरानी रखने और घर में स्क्रीन टाइम सीमित करने के सुझाव दिए जाने चाहिए।
