उत्तराखंड: बड़े उद्योगों में यूपीसीएल की बिजली की मांग में बड़ी गिरावट, उद्योगों में लोड घटा पर घरेलू खपत बढ़ी
उद्योगों में लोड घटा पर घरेलू खपत बढ़ी है। बड़े उद्योग अब खुले बाजार से बिजली खरीद रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के आंकड़ों ने राज्य में बिजली की खपत और मांग की एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है।
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उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की बिजली मांग और उपभोक्ताओं के रुझान में बड़ा बदलाव सामने आया है। नियामक आयोग के समक्ष रखे गए दस्तावेज से खुलासा हुआ है कि एचटी इंडस्ट्री की मांग तेजी से घट गई। वहीं, कई जगह पर उपभोक्ताओं की संख्या कम हुई लेकिन बिजली की मांग बढ़ गई।
यूपीसीएल की ओर से हाल ही में जारी वित्तीय वर्ष 2024-25 के आंकड़ों ने राज्य में बिजली की खपत और मांग की एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है। जहां मिक्स्ड लोड और एलटी (एलटी) इंडस्ट्री श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या और लोड में उतार-चढ़ाव देखा गया है। कुल बिजली बिक्री में अनुमान से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
यूपीसीएल की रिपोर्ट के मुताबिक, मिक्स्ड लोड श्रेणी में उपभोक्ताओं की कुल संख्या 89 से घटकर 86 रह गई है। इसके बावजूद, इस श्रेणी में बिजली का लोड 1897 किलोवाट और बिक्री में भी 52 लाख यूनिट का इजाफा हुआ है।
रुड़की डिविजन में बिजली की मांग में करीब 19.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज
यूपीसीएल ने माना कि प्रदेश के इंडस्ट्रियल एरिया में बिजली की मांग घट रही है। विशेषकर देखें तो एचटी उपभोक्ताओं की बिजली मांग में करीब 3.60 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। लघु उद्योगों (एलटी इंडस्ट्री) में उपभोक्ताओं की संख्या 15,993 से बढ़कर 16,400 हो गई है लेकिन आश्चर्यजनक रूप से कुल अनुबंधित भार में 27,913 किलोवाट की कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, केवल एचटी इंडस्ट्री (भारी उद्योग) श्रेणी में बिक्री में 3.60% की गिरावट देखी गई है।
इसका मुख्य कारण है कि ये भारी उद्योग खुले बाजार से सीधे बिजली भी खरीद रहे हैं। सालभर में 20.10 करोड़ यूनिट बिजली इस श्रेणी के उपभोक्ताओं ने ओपन एक्सेस के जरिए खरीदी है, जिससे यूपीसीएल की ग्रिड पर निर्भरता कम हुई। नतीजतन, भगवानपुर में लोड में 51% और रुद्रपुर-1 में 19% की कमी आई है। उधर, रुड़की डिविजन में बिजली की मांग में करीब 19.75 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायपुर और रुड़की जैसे क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की संख्या में गिरावट आई है लेकिन शेष उपभोक्ताओं का बिजली का उपयोग बढ़ने से कुल मांग में 2.68% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बिजली से यूपीसीएल की कमाई बढ़ी
| श्रेणी | स्वीकृत बिक्री(एमयू | वास्तविक बिक्री(एमयू) | अंतर(%) |
| घरेलू | 010.79 | 4092.26 | +2.03 |
| व्यावसायिक | 1983.25 | 2120.34 | +6.91 |
| प्राइवेट ट्यूबवेल | 279.53 | 310.22 | +10.98 |
| गवर्नमेंट पब्लिक यूटिलिटी | 796.98 | 869.95 | +9.16 |
| एलटी इंडस्ट्री | 7006.87 | 387.73 | +11.05 |
| एचटी इंडस्ट्री | 7006.87 | 6754.74 |
-3.60 |
| रेलवे ट्रैक्शन | 83.06 | 102.09 | +22.91 |
| मिक्स्ड लोड | 197.72 | 199.28 | +0.79 |
| इलेक्ट्रिक वाहन | 0.66 | 1.61 | +143.94 |
| कुल- | 14708.01 | 14,838.23- | +1.17 |
कहां के उद्योग कितनी खरीद रहे खुले बाजार से बिजली
| डिवीजन | उपभोक्ता | बाजार की बिजली खपत(करोड़ यूनिट) |
| देहरादून | 02 | 1.6494 |
| रुड़की ग्रामीण | 02 | 1.3164 |
| भगवानपुर | 02 | 1.7988 |
| हरिद्वार ग्रामीण | 03 | 0.9864 |
| लक्सर | 02 | 1.4740 |
| काशीपुर | 04 | 7.4111 |
| बाजपुर | 05 | 1.9594 |
| रुद्रपुर | 24 | 1.6965 |
| सितारगंज | 01 | 1977 |
| खटीमा | 02 | 1.7065 |
| कुल | 20 | 1962 |
