Uttarakhand: शिक्षकों के तबादलों से पहले समायोजन का खेल, पहले ही मनचाही जगहों पर कई का समायोजन, उठे सवाल
उत्तराखंड में शिक्षक तबादला प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही विभागीय स्तर पर हुए समायोजनों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खाली पदों की जानकारी जारी होने से पहले कई शिक्षकों को सुगम क्षेत्रों के स्कूलों में तैनाती मिलने से अन्य शिक्षकों में नाराजगी है।
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शिक्षा विभाग में अनुरोध के आधार पर तबादलों से पहले कई शिक्षकों को दुर्गम से सुगम क्षेत्र के स्कूलों में समायोजित कर दिया गया है। देहरादून जिले में कुछ शिक्षकों को कालसी से रायपुर तो कुछ को विकासनगर एवं अन्य सुगम क्षेत्र के स्कूलों में समायोजित किया गया है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी तबादलों से पहले शिक्षक समायोजित किए गए हैं।
प्रदेश में शिक्षकों के अनुरोध के आधार पर तबादले होने हैं। तबादलों के लिए विभाग की ओर से तय की गई समय सारणी के अनुसार आज बुधवार को विभागीय पोर्टल पर इसके लिए खाली पदों की जानकारी दी जानी है। इसके आधार पर शिक्षक तबादलों के लिए 10 विकल्प देंगे लेकिन खाली पदों की विभागीय पोर्टल पर जानकारी दिए जाने से पहले ही मनचाही जगहों पर कई शिक्षकों को समायोजित कर दिया गया है।
देहरादून में एक शिक्षक का कालसी से डोईवाला, एक अन्य का कालसी से सहसपुर, कटापत्थर विकासनगर, अजबपुर खुर्द रायपुर, मैगवाल विकासनगर, बुलाकीवाला विकासनगर, डोभालवाला रायपुर, गुजराड़ा रायपुर सहित कई सुगम विद्यालयों में समायोजन किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि यह स्कूल एकल शिक्षक वाले स्कूल थे। जिनमें शिक्षकों का समायोजन किया गया है। वहीं, विभाग के इस फैसले अन्य शिक्षकों में नाराजगी है। उनका कहना है अनुरोध के आधार पर तबादलों से पहले मनचाही जगह पर शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है।
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शासन से सूची न मिलने से असमंजस में महानिदेशालय
शिक्षा विभाग में धारा 27 के तहत कई शिक्षकों के तबादलों को मंजूरी मिली थी, शासन ने जारी आदेश में कहा कि इन शिक्षकों की सूची आदेश के साथ जारी की गई है लेकिन 24 जून 2026 को जारी आदेश के बाद शिक्षा महानिदेशालय को शासन का आदेश तो मिला पर शिक्षकों के नाम की सूची शासन से अब तक नहीं मिल पाई है। यह हाल तब है जबकि धारा 27 के तहत तबादलों के लिए मुख्यमंत्री से अनुमोदन लिया जाता है।