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Dehradun News: डबल इंजन से घूमा उत्तराखंड में विकास का पहिया
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- केंद्र सरकार के सहयोग से चार साल में दो लाख करोड़ से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी
- सड़क, रेल, रोपवे, सिंचाई व पेयजल की कई योजनाओं को मिली गति
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में डबल इंजन से विकास का पहिया घूम रहा है। केंद्र सरकार के वित्तीय सहयोग से चार साल में दो लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इसमें सड़क, रेल, रोपवे, सिंचाई व पेयजल की बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
धामी सरकार को राज्य के विकास योजनाओं को गति देने में केंद्र सरकार का सहयोग मिल रहा है। वर्तमान में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम जारी है। इससे आने वाले समय में प्रदेश की आर्थिक और आधारभूत संरचना को नई दिशा मिल सकती है। जल संसाधन के क्षेत्र में लंबे समय से जमरानी और सौंग बांध परियोजनाओं की प्रतीक्षा की जा रही थी, जिन्हें केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मिल गई है। ये परियोजनाएं न केवल पेयजल और सिंचाई की जरूरतों को पूरा करेंगी, बल्कि शहरी विस्तार और औद्योगिक विकास के लिए भी आधार तैयार करेंगी।
मुख्यमंत्री धामी के अनुसार बीते चार साल में रेल कनेक्टिविटी के मोर्चे पर भी उत्तराखंड ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, टनकपुर से बागेश्वर तक प्रस्तावित रेल लाइन को केंद्र सरकार की मंजूरी मिली है। 48 हजार करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से कुमाऊं क्षेत्र की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। राज्य में सड़क और रोपवे परियोजनाओं ने भी गति पकड़ी है। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, नजीबाबाद-अफजलगढ़ बाईपास और सितारगंज-टनकपुर मोटरमार्ग जैसे प्रोजेक्ट्स इसका उदाहरण हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से गौरीकुंड से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब रोपवे पर भी काम शुरू होने जा रहा है। एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ऋषिकेश में 100 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का राफ्टिंग प्लेटफॉर्म भी तैयार किया जा रहा है। इससे उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती मिलेगी।
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- सड़क, रेल, रोपवे, सिंचाई व पेयजल की कई योजनाओं को मिली गति
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में डबल इंजन से विकास का पहिया घूम रहा है। केंद्र सरकार के वित्तीय सहयोग से चार साल में दो लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इसमें सड़क, रेल, रोपवे, सिंचाई व पेयजल की बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
धामी सरकार को राज्य के विकास योजनाओं को गति देने में केंद्र सरकार का सहयोग मिल रहा है। वर्तमान में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम जारी है। इससे आने वाले समय में प्रदेश की आर्थिक और आधारभूत संरचना को नई दिशा मिल सकती है। जल संसाधन के क्षेत्र में लंबे समय से जमरानी और सौंग बांध परियोजनाओं की प्रतीक्षा की जा रही थी, जिन्हें केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मिल गई है। ये परियोजनाएं न केवल पेयजल और सिंचाई की जरूरतों को पूरा करेंगी, बल्कि शहरी विस्तार और औद्योगिक विकास के लिए भी आधार तैयार करेंगी।
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मुख्यमंत्री धामी के अनुसार बीते चार साल में रेल कनेक्टिविटी के मोर्चे पर भी उत्तराखंड ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य के 11 रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, टनकपुर से बागेश्वर तक प्रस्तावित रेल लाइन को केंद्र सरकार की मंजूरी मिली है। 48 हजार करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से कुमाऊं क्षेत्र की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। राज्य में सड़क और रोपवे परियोजनाओं ने भी गति पकड़ी है। दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, नजीबाबाद-अफजलगढ़ बाईपास और सितारगंज-टनकपुर मोटरमार्ग जैसे प्रोजेक्ट्स इसका उदाहरण हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से गौरीकुंड से केदारनाथ और गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब रोपवे पर भी काम शुरू होने जा रहा है। एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ऋषिकेश में 100 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का राफ्टिंग प्लेटफॉर्म भी तैयार किया जा रहा है। इससे उत्तराखंड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती मिलेगी।