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आकांक्षा के बगैर अधूरी है ‘सनम रे’: उर्वशी
हिमांशु जोशी/ अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Fri, 12 Feb 2016 02:41 PM IST
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‘सिंह साहब द ग्रेट’ के बाद मिस यूनिवर्स इंडिया उर्वशी रौतेला अपनी दूसरी फिल्म ‘सनम रे’ को लेकर काफी एक्साइटेड हैं।
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अपनी खुशी को बयां करते हुए उर्वशी कहती हैं कि यह एक यूनिक मूवी है। एक लव स्टोरी। जो लोग सच्चे प्यार और रोमांस में विश्वास रखते हैं, यह मूवी पूरी तरह से उनके लिए बनाई गई है। सच कहूं तो आकांक्षा (फिल्म में उर्वशी का नाम) के बगैर ‘सनम रे’ अधूरी है।
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अमर उजाला से बातचीत में लैंसडौन निवासी अभिनेत्री उर्वशी ने बताया कि मैं प्यार और रोमांस के ऊपर बेस्ड मूवी देखकर ही बड़ी हुई हूं, फिर बात वह ‘कुछ-कुछ होता है’ हो या फिर ‘मुझसे दोस्ती करोगे’। फिल्म में मेरा नाम आकांक्षा है। आकांक्षा एक एनआरआई लड़की है। मार्डन होने के साथ-साथ बहुत कांफिडेंट है, स्ट्रांग है, लेकिन प्यार के मामले में काफी इमोशनल भी है।
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फिल्म के स्ट्रांग प्वाइंट यह है कि आकांक्षा के बगैर ‘सनम रे’ अधूरी है। ‘सनम रे’ यूथ को रिप्रेजेंट करती है। आकांक्षा और उर्वशी में समानता की बात करें तो उर्वशी भी आकांक्षा की तरह ही इमोशनल और रोमांटिक है। उसका भी दिल धड़कता है।
आकांक्षा की तरह ही वह भी जिससे प्यार करती है, उसकी खुशी में ही खुशी देखती है। आकांक्षा की ही तरह उर्वशी भी मार्डन है। इसके अलावा फिल्म में कई बेहतरीन गाने हैं। फेवरेट गाने की बात करें तो उर्वशी का पसंदीदा गाना ‘भीगी-भीगी रातों में...है।
’उर्वशी बताती है कि इसके बाद 25 मार्च को ‘ग्रेंड मस्ती’ रिलीज हो रही है। उम्मीद करती हूं कि सनम रे और ग्रेंड मस्ती दोनों ही फिल्में दर्शकों को पसंद आएंगी। उत्तराखंड के बारे में उर्वशी कहती हैं कि यहां मैं पली बड़ी हूं।
पढ़ाई की है। यह मैं कैसे भूल सकती हूं। उत्तराखंड के लोगों ने हमेशा मुझे परिवार के बच्चे की तरह ही सपोर्ट किया है। मुंबई में रहकर मैं उत्तराखंड को काफी मिस करती हूं।