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उत्तराखंड बोर्ड के छात्र-छात्राओं को पॉलिटेक्निकों में बिना प्रवेश परीक्षा मिलेगा दाखिला : डॉ रावत
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अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने की घोषणा
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड के छात्र-छात्राओं को अब पॉलिटेक्निकों की खाली सीटों पर बिना प्रवेश परीक्षा दाखिला मिलेगा। यह घोषणा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अमर उजाला के मुख्य सेवक सदन में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में की। उन्होंने बताया कि इसे लेकर तकनीकी शिक्षा विभाग के साथ जल्द ही एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस पहल से राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा, हाईस्कूल उत्तीर्ण विद्यार्थियों को पॉलिटेक्निक के प्रथम वर्ष में और इंटरमीडिएट पास छात्र-छात्राओं को द्वितीय वर्ष में सीधे दाखिला दिया जाएगा। मंत्री ने समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में साठ फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले लगभग 28 फीसदी विद्यार्थी हैं, जबकि 75 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 12 फीसदी विद्यार्थी हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थियों को वैदिक गणित, रामायण, महाभारत, राज्य की संस्कृति और अध्यात्म का ज्ञान भी प्रदान किया जा रहा है। कक्षा छह से बारहवीं तक के पच्चीस हजार से अधिक मेधावी बच्चों को हर महीने 600 से 1200 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके अलावा, टॉपर बच्चों को देश में शैक्षिक भ्रमण पर ले जाया जा रहा है, जिसमें आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थान शामिल हैं। सरकार ने धार्मिक स्थलों के भ्रमण का भी निर्णय लिया है। ननूरखेड़ा स्थित छात्रावास में शीर्ष पचास बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होने पर छात्र-छात्राओं को पचास हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
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पॉलिटेक्निक में ऐसे मिलेगा दाखिला
प्रदेश के पॉलिटेक्निकों में प्रथम वर्ष में लगभग दस हजार सीटें उपलब्ध हैं। इनमें से करीब अस्सी फीसदी सीटें ही भर पाती हैं, जबकि बीस फीसदी खाली रह जाती हैं। इन खाली रह गई सीटों पर अब उत्तराखंड बोर्ड के स्थानीय छात्र-छात्राओं को बिना प्रवेश परीक्षा दाखिला दिया जाएगा। इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के लिए द्वितीय वर्ष में दाखिले के लिए दस फीसदी सीटें आरक्षित की जाएंगी। यह कदम तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और खाली सीटों का सदुपयोग करने में सहायक होगा।
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शिक्षकों की पदोन्नति के लिए सरकार लाएगी अध्यादेश
शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा, सरकार शिक्षकों की पदोन्नति के लिए अध्यादेश लाएगी। प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति का मामला वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। उन्होंने बताया कि राज्य ने स्कूली शिक्षा रैंकिंग में शीर्ष दस राज्यों में स्थान प्राप्त किया है। शिक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि स्कूलों में शत प्रतिशत प्रधानाचार्य नियुक्त हो जाते हैं, तो राज्य इस रैंकिंग में शीर्ष सात में आ सकता है। यह कदम शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड बोर्ड के छात्र-छात्राओं को अब पॉलिटेक्निकों की खाली सीटों पर बिना प्रवेश परीक्षा दाखिला मिलेगा। यह घोषणा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अमर उजाला के मुख्य सेवक सदन में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में की। उन्होंने बताया कि इसे लेकर तकनीकी शिक्षा विभाग के साथ जल्द ही एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस पहल से राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा, हाईस्कूल उत्तीर्ण विद्यार्थियों को पॉलिटेक्निक के प्रथम वर्ष में और इंटरमीडिएट पास छात्र-छात्राओं को द्वितीय वर्ष में सीधे दाखिला दिया जाएगा। मंत्री ने समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापरक शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में साठ फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले लगभग 28 फीसदी विद्यार्थी हैं, जबकि 75 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 12 फीसदी विद्यार्थी हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत विद्यार्थियों को वैदिक गणित, रामायण, महाभारत, राज्य की संस्कृति और अध्यात्म का ज्ञान भी प्रदान किया जा रहा है। कक्षा छह से बारहवीं तक के पच्चीस हजार से अधिक मेधावी बच्चों को हर महीने 600 से 1200 रुपये की छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके अलावा, टॉपर बच्चों को देश में शैक्षिक भ्रमण पर ले जाया जा रहा है, जिसमें आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थान शामिल हैं। सरकार ने धार्मिक स्थलों के भ्रमण का भी निर्णय लिया है। ननूरखेड़ा स्थित छात्रावास में शीर्ष पचास बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होने पर छात्र-छात्राओं को पचास हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
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पॉलिटेक्निक में ऐसे मिलेगा दाखिला
प्रदेश के पॉलिटेक्निकों में प्रथम वर्ष में लगभग दस हजार सीटें उपलब्ध हैं। इनमें से करीब अस्सी फीसदी सीटें ही भर पाती हैं, जबकि बीस फीसदी खाली रह जाती हैं। इन खाली रह गई सीटों पर अब उत्तराखंड बोर्ड के स्थानीय छात्र-छात्राओं को बिना प्रवेश परीक्षा दाखिला दिया जाएगा। इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के लिए द्वितीय वर्ष में दाखिले के लिए दस फीसदी सीटें आरक्षित की जाएंगी। यह कदम तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और खाली सीटों का सदुपयोग करने में सहायक होगा।
शिक्षकों की पदोन्नति के लिए सरकार लाएगी अध्यादेश
शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा, सरकार शिक्षकों की पदोन्नति के लिए अध्यादेश लाएगी। प्रधानाचार्य के पद पर पदोन्नति का मामला वर्तमान में न्यायालय में लंबित है। उन्होंने बताया कि राज्य ने स्कूली शिक्षा रैंकिंग में शीर्ष दस राज्यों में स्थान प्राप्त किया है। शिक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि स्कूलों में शत प्रतिशत प्रधानाचार्य नियुक्त हो जाते हैं, तो राज्य इस रैंकिंग में शीर्ष सात में आ सकता है। यह कदम शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।