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Uttarakhand: एसएससी ऑनलाइन परीक्षा, देशभर की सैकड़ों लैब संदेह के घेरे में, सेटअप के वक्त ही की गई गड़बड़ियां

रुद्रेश कुमार, अमर उजाला, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Mon, 18 May 2026 07:12 AM IST
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सार

देशभर में होने वाली एसएससी ऑनलाइन परीक्षाओं की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। उत्तराखंड एसटीएफ की जांच में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं, जिन्होंने भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।

SSC Online Exam Hundreds of labs across country are under suspicion with setup errors being made
ऑनलाइन परीक्षा - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार

एसएससी ऑनलाइन परीक्षा में नकल के मामले में चल रही जांच अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है। पकड़े गए आरोपियों ने इस तरह के खुलासे किए हैं कि उनसे देशभर की सैकड़ों लैब संदेह के घेरे में है। इनमें सेटअप के वक्त ही ऐसी सेटिंग कर दी गई कि आसानी से नकल की जा सके। इस काम में परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है।



आगामी एक परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए पुलिस ने एक सेंटर (लैब) को बंद भी करा दिया है। दरअसल, फरवरी में एमकेपी में महादेव डिजिटल जोन नाम की लैब में गड़बड़ी सामने आई थी। तब से एसटीएफ ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी की अलग-अलग भूमिका सामने आई है।
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महादेव डिजिटल जोन नाम से लैब स्थापित की
सूत्रों के अनुसार, बीते शुक्रवार को पकड़े गए आरोपी ईश्वरी प्रसाद ने एसटीएफ के सामने बड़े खुलासे किए हैं। उसने वर्ष 2024 में योगेश उर्फ योगी उर्फ इंद्रजीत उर्फ जैक के कहने पर लैब सेटअप करने का काम शुरू किया था। उसे लालच दिया गया था कि जो भी फायदा होगा उसका 30 फीसदी हिस्सा दिया जाएगा। यह सुनकर उसने सबसे पहले महादेव डिजिटल जोन नाम से लैब स्थापित की। यहां गड़बड़ी की बात सामने आई तो वह फरार हो गया।


जांच में आगे उसने बताया कि वह उत्तराखंड समेत दिल्ली, यूपी, हैदराबाद, राजस्थान और हिमाचल में 500 से ज्यादा लैब स्थापित कर चुका है।हालांकि, सभी में सेटिंग न करके कुछ चुनिंदा लैब को ही चुना गया। इनकी संख्या भी 100 से ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि इसके लिए इश्वरी प्रसाद को कंपनी के कर्मचारियों ने ही चुना था। लैब सेटअप के वक्त ही इस तरह की सेटिंग की जाती है कि वह किसी की पकड़ में नहीं आती। इथरनेट के केबल को यूपीएस सर्वर रूम के एक चेंबर से जोड़ दिया जाता है।

 

बाहर बैठा शख्स उत्तरों को दर्ज करता है
यहां नकल माफिया के गुर्गे परीक्षा केंद्र का एक्सेस अपने हाथ में ले लेते हैं। मसलन, परीक्षा का एक तरफ प्रश्नपत्र तो परीक्षार्थी देख रहा होता है लेकिन इसके उत्तर कहीं और से दिए जाते हैं। यह सब काम बाहर बैठे कुछ लोग करते हैं। एक तरह से पूरे सिस्टम को रिमोट एक्सेस लेकर चलाया जाता है। परीक्षार्थी प्रश्नों के उत्तर नहीं देता बल्कि बाहर बैठा वह शख्स इन उत्तरों को दर्ज करता है।

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सीसीटीवी का लाइव फीड भी रहता है हाथ में

लैब सेटअप के वक्त सिर्फ कंप्यूटर का एक्सेस ही गिरोह के लोगों के हाथ में नहीं रहता बल्कि सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड भी वही कंट्रोल करते हैं। इसके लिए सीसीटीवी सर्वर की केबिल को भी सर्वर रूम के चेंबर तक पहुंचाया जाता है ताकि ये लोग सीसीटीवी को भी अपने हिसाब से चला सकें। मसलन किसी सीसीटीवी को बंद कर दिया तो किसी की फीड में कोई गड़बड़ी कर दी। इस काम में ईश्वरी प्रसाद के अलावा कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं जिनकी एसटीएफ तलाश कर रही है।

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