UK Congress: कुमारी सैलजा की कार्यकर्ताओं को दो टूक; विधानसभा चुनाव लड़ना है तो अध्यक्ष पद छोड़ दें
बैठक में अध्यक्षों की ओर से किए गए कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पेश कर आगामी तीन महीनों का रोडमैप भी साझा किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कांग्रेस जिला व महानगर अध्यक्षों को पद छोड़ना पड़ेगा। बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर आईं प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने बैठक में जिला व महानगर अध्यक्षों को यह निर्देश दिए। इससे कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है।
बीजापुर गेस्ट हाउस में हुई बैठक में प्रदेश प्रभारी ने पिछले छह माह में संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत नियुक्त जिला व महानगर अध्यक्षों के संगठनात्मक गतिविधियों व आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की। इसके साथ ही अध्यक्षों की ओर से किए गए कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पेश कर आगामी तीन महीनों का रोडमैप भी साझा किया गया। इसकी पार्टी स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी।
प्रभारी ने जिला व महानगर अध्यक्षों को संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाने व भाजपा की नीतियों के खिलाफ आंदोलन तेज करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही हर कार्यकर्ता को साथ लेकर चलने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, यदि किसी जिला व महानगर अध्यक्ष की विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा है तो वह पहले संगठन में पद छोड़ कर दें। इसके बाद ही विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने की तैयारी करें।
Uttarakhand: चुनावी मुद्दे व बूथ प्रबंधन पर कांग्रेस ने बनाई रणनीति; कुमारी सैलजा ने की बैठक
जिला व महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी सिर्फ एक विधानसभा चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं है। उन्हें जिला व महानगर के तहत आने वाली अन्य विधानसभा में भी बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना है। बैठक में एआईसीसी से जिला अध्यक्षों के चुनाव समिति के समन्वयक प्रभारी चिल्ला वामशी चंद्र रेड्डी, सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा, मनोज यादव के अलावा 25 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष मौजूद रहे।
अनुषांगिक संगठनों की निष्क्रियता पर जताई नाराजगी
प्रदेश प्रभारी ने पार्टी के अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने आगामी चुनाव के लिए कुछ संगठनों की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि पार्टी के सभी प्रकोष्ठों व विभागों की भूमिका और अधिक मजबूत होनी चाहिए। हर कार्यक्रम में फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों को समान रूप से जिम्मेदारी लेनी होगी।