Uttarakhand News: अप्रैल में फिर महंगा आएगा बिजली का बिल, एफपीपीसीए के तहत उपभोक्ताओं से होगी वसूली
यूपीसीएल ने पिछले महीने बाजार से जो बिजली खरीदी, वह निर्धारित से अधिक मूल्य में थी। लिहाजा, एफपीपीसीए के नियम के हिसाब से अतिरिक्त राशि की वसूली उपभोक्ताओं से की जाती है।
विस्तार
अगले महीने बिजली का बिल महंगा आने वाला है। यूपीसीएल ने फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) मद में सभी उपभोक्ताओं से 11 पैसे से लेकर 47 पैसे प्रति यूनिट तक बिल में वसूली का आदेश जारी कर दिया है।
यूपीसीएल ने पिछले महीने बाजार से जो बिजली खरीदी, वह निर्धारित से अधिक मूल्य में थी। लिहाजा, एफपीपीसीए के नियम के हिसाब से अतिरिक्त राशि की वसूली उपभोक्ताओं से की जाती है। यूपीसीएल प्रबंधन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, इस महीने के बिजली बिलों में बतौर सरचार्ज यह वसूली की जाएगी। यह केवल इसी महीने के लिए होगा। अगले महीने बिजली खरीद पर निर्भर करेगा कि वसूली होगी या यूपीसीएल छूट देगा।
इसलिए हर माह बदलते हैं दाम
देशभर में ऊर्जा निगमों के लिए यह नियम लागू है कि हर माह जितनी बिजली वह बाजार से खरीदेंगे, अगर उसका दाम नियामक आयोग की ओर से निर्धारित दरों से कम होगा तो उपभोक्ताओं को उसी हिसाब से छूट मिलेगी। अगर निर्धारित दरों से अधिक होगा तो उस हिसाब से उपभोक्ताओं से वसूली होगी। सालभर का आंकड़ा देखें तो 12 में से करीब सात माह यूपीसीएल ने उपभोक्ताओं को छूट दी है। चूंकि इन दिनों बिजली की मांग के सापेक्ष उपलब्धता कम होती है, इसलिए बाजार से अपेक्षाकृत महंगी बिजली मिलती है।
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किन उपभोक्ताओं की बिजली कितनी महंगी
उपभोक्ता श्रेणी- प्रति यूनिट महंगाई
घरेलू- 11 से 31 पैसे
अघरेलू- 44 पैसे
गवर्नमेंट पब्लिक यूटिलिटी- 41 पैसे
प्राइवेट ट्यूबवेल- 13 पैसे
कृषि गतिविधियां- 19 से 22 पैसे
एलटी-एचटी इंडस्ट्री- 40 पैसे
मिक्स लोड- 38 पैसे
रेलवे ट्रैक्शन- 38 पैसे
ईवी चार्जिंग स्टेशन- 38 पैसे
निर्माण कार्य अस्थायी आपूर्ति- 47 पैसे
पिछले माह 1.27 रुपये तक महंगा था बिल
मार्च के महीने में बिजली का बिल श्रेणीवार 34 पैसे से 1.27 रुपये प्रति यूनिट तक महंगा आया था। इसमें घरेलू श्रेणी की बिजली 34 से 93 पैसे, अघरेलू की 1.34 रुपये, गवर्नमेंट ब्लिक यूटिलिटी की 1.27 रुपये, प्राइवेट ट्यूबवेल की 41 पैसे, कृषि गतिविधियों की 57 पैसे, एलटी-एचटी इंडस्ट्री की 1.24 रुपये, मिक्स लोड की 1.16 रुपये, रेलवे ट्रैक्शन की 1.15 रुपये, ईवी चार्जिंग स्टेशन की 1.15 रुपये और निर्माण कार्य अस्थायी आपूर्ति की 1.44 रुपये प्रति यूनिट तक महंगी हुई थी। हालांकि अप्रैल माह में मार्च की अपेक्षा कम महंगा बिल आएगा।