हरिद्वार महाकुंभ की तरह ही 30 मार्च से मां पूर्णागिरि धाम के मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए भी कोविड की निगेटिव रिपोर्ट जरूरी होगी। 21 मार्च को जारी एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) में इसकी अनिवार्यता नहीं थी। मेला मजिस्ट्रेट टनकपुर के एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि केंद्र के निर्देश के अनुरूप 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर जांच की कोविड निगेटिव रिपोर्ट जरूरी होगी। कोविड टीका लगा चुके लोगों को इसका प्रमाणपत्र साथ लाना होगा। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि जांच में कोविड पॉजिटिव पाए जाने वाले दूसरे जिलों के तीर्थयात्रियों को वापस भेजा जाएगा। जबकि चंपावत जिले के पॉजिटिव तीर्थयात्री को 14 दिन के लिए होम आइसोलेशन या क्वारंटीन किया जाएगा। 30 मार्च से शुरू होकर एक माह तक चलने वाले मां पूर्णागिरि धाम के मेले के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि मेला क्षेत्र में दो जगह स्वास्थ्य कैंप लगेंगे। इसमें दवाएं और जरूरी स्वास्थ्य परीक्षण की पुख्ता व्यवस्था होगी। स्वास्थ्य विभाग के अलावा दो जगह (ठुलीगाड़ और भैरव मंदिर) तीर्थयात्रियों के लिए एंबुलेंस भी मौजूद रहेगी। एसीएमओ डॉ. एचएस ह्यांकी स्वास्थ्य मेलाधिकारी होंगे।
उत्तराखंडः हरिद्वार महाकुंभ की तरह ही पूर्णागिरि तीर्थयात्रियों के लिए भी कोविड निगेटिव रिपोर्ट जरूरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 26 Mar 2021 02:50 PM IST
सार
- पूर्णागिरि मेला क्षेत्र में ठुलीगाड़ और काली मंदिर में रहेंगी स्वास्थ्य टीमें
- दो एंबुलेंस भी तैनात रहेंगी, स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों को मेले के लिए संबद्ध किया
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