उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में सेना भर्ती की झूठी खबर ने दो हजार किमी. दूर मध्य प्रदेश के सैकड़ों बेरोजगार युवाओं को यहां पहुंचा दिया। रास्ते में परेशानी झेलते हुए यहां पहुंचे युवाओं को जब भर्ती नहीं होने का पता चला तो वे मायूस होकर वापस घर लौटने को मजबूर हुए।
सेना भर्ती की झूठी सूचना पर मध्य प्रदेश से उत्तराखंड पहुंचे सैकड़ाें बेरोजगार युवा, फुटपाथों पर काटनी पड़ी रात
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इतनी दूर से पहुंचे युवा पहले तो मानने को तैयार नहीं हुए, लेकिन जब चंपावत पुलिस की ओर से सोशल मीडिया में वायरल सेना भर्ती की झूठी सूचना की जानकारी के बारे में बताया गया तो उन्हें विश्वास हुआ। मजबूरन युवाओं ने टनकपुर के होटलों और फुटपाथों पर रात काटी और सुबह अपने घरों को लौटना शुरू हुए।
मैंने व्हाट्सएप, यू ट्यूब आदि सोशल मीडिया पर पिथौरागढ़ में सेना भर्ती की सूचना पढ़ी थी, जिसमें 24 मार्च को मध्य प्रदेश के युवाओं की भर्ती होने की बात कही गई थी।
-सचिन तिवारी, निवासी जनपद रीवा मध्य प्रदेश।
हमें सोशल मीडिया से ही पता चला था कि पिथौरागढ़ में सेना की भर्ती है। रीवा जिले से करीब सात सौ युवक भर्ती में शामिल होने के लिए यहां पहुंचे हैं, लेकिन पता चला कि पिथौरागढ़ में सेना की भर्ती ही नहीं है। इस झूठी खबर से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
-यूसुफ अंसारी, निवासी जनपद रीवा, मध्य प्रदेश।
सेना भर्ती में शामिल होने के लिए हम करीब दो हजार किमी दूर मध्य प्रदेश के रीवा जिले से यहां आए हैं, लेकिन पता चला कि पिथौरागढ़ में भर्ती ही नहीं है। सोशल मीडिया की इस झूठी खबर से सैकड़ों युवाओं को काफी परेशानी हुई है। यहां पहुंचने पर पता चला कि सोशल मीडिया की जिस खबर से वे यहां पहुंचे वह झूठी थी।
संदीप पांडेय, निवासी जनपद रीवा, मध्य प्रदेश।