Dehradun: सहसपुर के जंगल में लकड़ी लेने गए व्यक्ति को गुलदार ने मार डाला, मिला क्षत-विक्षत शव
इरफान अपने छोटे भाई युसूफ के साथ लकड़ी बीनने जंगल में गया था। युसूफ कुछ लकड़ियां लेकर वापस लाैट आया, जबकि इरफान अभी वहीं था। जब वह नहीं लौटा तो खोजबीन की गई। जब इरफान का क्षत-विक्षत शव मिला।
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देहरादून के सहसपुर में जंगल में लकड़ी लेने गए बुजुर्ग को गुलदार ने मार डाला। काफी देर बाद भी वापस नहीं लाैटने पर परिजन खाेजबीन के लिए गए तो जंगल में करीब ढाई किलोमीटर भीतर इरफान का शव मिला। उसके गले और आंख के आसपास गहरे जख्म थे। माना जा रहा है कि गुलदार के हमले में इरफान की जान गई है। घटना कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग की चौहड़पुर रेंज के सहसपुर क्षेत्र की है।
जानकारी के अनुसार, इरफान अपने छोटे भाई युसूफ के साथ सुबह 7.00 बजे लकड़ी बीनने जंगल में गया था। कुछ देर बाद करीब 9.00 बजे युसूफ कुछ लकड़ियां लेकर वापस लाैट आया, जबकि इरफान अभी वहीं था। उसने थोड़ी देर में घर आने की बात कही। इसके बाद जब 10 बजे तक भी इरफान घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की।
फोन से संपर्क नहीं होने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। इरफान की तलाश करते हुए परिजन जंगल में करीब ढाई किलोमीटर भीतर पहुंचे तो वहां शव बरामद हुआ। शिनाख्त के बाद यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। सूचना पर पहुंची वनविभाग और पुलिस की टीम ने माैके पर जांच पड़ताल की। इससे पहले परिजन शव को लेकर घर आ गए।
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सूचना पर डीएफओ मयंक गर्ग भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने शव के पोस्टमार्टम के लिए कहा तो परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। डीएफओ ने उन्हें समझा बुझाकर मुआवजे के लिए पोस्टमार्टम को अनिवार्य बताया। वन विभाग की सूचना पर सहसपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
फिर पुलिस ने शव को मोर्चरी में भिजवाया। परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों के विरोध के बीच शव को उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। डीएफओ ने कहा कि गुलदार के हमले से माैत की आशंका को देखते हुए जंगल में गश्त बढ़ा दी गई है।