केदारनाथ में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। वहीं यमुनोत्री धाम में दो दिन बाद बर्फबारी थमी। आज चटख धूप खिलने बाद यमुनोत्री धाम का अद्भुत नजारा देखने को मिला। उधर बदरीनाथ से औली तक क्षेत्र बर्फ से ढका है।
Snowfall: केदारनाथ-यमुनोत्री में बर्फबारी, बदरीनाथ से औली बर्फ से ढके, 10 तस्वीरों में देखें जन्नत सा नजारा
बीते दो दिन केदारनाथ-बदरीनाथ, गंगोत्री-यमुनोत्री धाम सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है। चकराता क्षेत्र की ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर अप्रैल माह के पहले सप्ताह में ही बुधवार को इस सीजन की पांचवीं बर्फबारी दर्ज की गई। बर्फबारी के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ली है और ठंड का असर बढ़ गया है।
बर्फबारी और बारिश ने बढ़ाई चिंता, यात्रा तैयारियां प्रभावित
यमुनोत्री धाम क्षेत्र में मंगलवार रात्रि से लगातार बर्फबारी जारी है। जबकि निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यात्रा सीजन से ठीक पहले बदले मौसम ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। यमुनोत्री क्षेत्र में चल रहे निर्माण और व्यवस्थाओं के कार्य मौसम की मार से प्रभावित हुए हैं। यमुनाघाटी में लगातार बारिश और बर्फबारी के चलते जहां ठंड ने फिर से दस्तक दी है वहीं इसका सीधा असर आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों पर पड़ रहा है।
19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर खुलेंगे यमुनोत्री धाम के कपाट
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, गौरव उनियाल और प्रदीप उनियाल ने बताया कि लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण कार्यों में बाधा आ रही है। वहीं यमुनोत्री हाईवे पर पाली गाड से फूलचट्टी के बीच कई स्थानों पर सड़क दलदल में तब्दील हो गई है, जिससे आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे लेकिन मौसम की प्रतिकूलता से यात्रा व्यवस्थाएं प्रभावित होने से दिक्कत बढ़ सकती है। फिलहाल हाईवे चौड़ीकरण, जानकीचट्टी से यमुनोत्री तक सुधारीकरण, यमुनोत्री में रसोईघर, चेंजिंग रूम, अस्थाई पुलिया और रंग-रोगन जैसे कार्य जारी हैं।
बदरीनाथ से औली तक बर्फ, अप्रैल में भी जनवरी जैसी ठंड
बुधवार को चमोली जिले में सुबह से दिनभर बारिश और बर्फबारी होती रही। बदरीनाथ धाम से लेकर औली तक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। वहीं निचले क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से अप्रैल माह में भी जनवरी की ठंड का अहसास हो रहा है। बुधवार सुबह से ही बारिश शुरू हो गई और देर शाम तक होती रही। वहीं हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, बदरीनाथ धाम, नीती घाटी, औली सहित अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई। अप्रैल माह में बर्फबारी से औली पूरी तरह बर्फ से लकदक हो गई है। चारों तरफ चोटियां बर्फ से ढकी हैं। बारिश-बर्फबारी से जिले में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है।
गंगोत्री-यमुनोत्री में बर्फबारी, बारिश से फसलों को नुकसान उत्तरकाशी पुरोला में खराब मौसम का दौर जारी रहने से गंगोत्री-यमुनोत्री धाम सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में फिर से बर्फबारी हुई है। जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश के कारण ठंड लौटी है। साथ ही लगातार बारिश और ओलावृष्टि के कारण रवांई घाटी क्षेत्र में किसानों की खड़ी फसल और सेब बागानों को काफी नुकसान पहुंचा है। यमुनोत्री क्षेत्र में मंगलवार मध्य रात्रि से बर्फबारी जारी है, जबकि यमुनाघाटी के निचले इलाकों में लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से यमुनोत्री हाईवे सहित अन्य लिंक सड़कों पर कीचड़ और दलदल की स्थिति बनी है। हाईवे पर चौड़ीकरण कार्य का मलबा पसरा होने से पाली गाड और जानकीचट्टी के बीच दलदल से वाहनों की आवाजाही मुश्किल बनी है।