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Delhi NCR News: पीतमपुरा में बीमा और लोन दिलाने के नाम पर ठगने वाला गिरोह पकड़ा, 19 गिरफ्तार
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देशभर के लोगों को बनाते थे शिकार, करोड़ों की ठगी का हुआ खुलासा, पुलिस कर रही जांच
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि सूचना के बाद चला अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
बाहरी जिला पुलिस ने पीतमपुरा क्षेत्र में एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए 12 महिलाओं समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों पर आरोप है कि उन्होंने एक वित्तीय कंपनी का प्रतिनिधि बनकर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों के साथ ठगी की है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि वह बजाज फिनसर्व के प्रतिनिधि बनकर लोगों को ऋण और बीमा संबंधी सेवाएं देने का झांसा देते थे और प्रक्रिया संबंधी शुल्क के नाम पर 1500-2000 हजार रुपये डिजिटल माध्यम से वसूल लेते थे। पैसा मिलने के बाद, आरोपी कॉल का जवाब देना बंद कर देते थे और पकड़े जाने से बचने के लिए अपने सिम कार्ड बदल देते थे।
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि इलाके में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर के बारे में विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद सात अप्रैल को यह अभियान चला, जिसके बाद संयुक्त छापेमारी की गई। उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान 19 लोग फोन पर बात करने में लिप्त पाए गए और इंस्पेक्टर राजपाल की टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि एक महिला की पहचान टीम लीडर के रूप में हुई है और उसने खुलासा किया कि यह ठगी का सारा काम पीतमपुरा में स्थित एक मैनेजर की देखरेख में चलाया गया था, जिसने उन्हें संभावित लक्ष्यों का डाटा और अन्य विवरण उपलब्ध कराया था। पुलिस ने बताया कि कथित साजिशकर्ता का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने 36 मोबाइल फोन और अन्य समान जब्त किया है।
ऐसे करते थे ठगी : ये कॉल सेंटर एक कमरे में चल रहा था। ग्रुप लीडर ने बताया कि वह टीम मैनेजरों के निर्देशों पर काम कर रहे थे। वह अभी भागा हुआ है। उसे गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं। उनकी टीम बजाज ग्रुप के प्रतिनिधि बनकर पीड़ितों को फंसाने के लिए एक तय स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करती थी। ये नमस्कार सर कहकर फ़ोन शुरू करते थे, लोन देने की पेशकश करते थे और जब पीड़ित दिलचस्पी दिखाते थे तो वह उनसे आधार कार्ड और पेन कार्ड की जानकारी मांगते थे। इसके बाद वह व्हाट्सएप व क्यूआर कोड भेजकर प्रोसेसिंग फीस जमा करने को कहते थे। इसके बाद, वे या तो जवाब देना बंद कर देते थे, अपने संपर्क नंबर बदल लेते थे, या पीड़ितों को ब्लॉक कर देते थे।
गिरफ्तार आरोपी : शकूरपुर, दिल्ली निवासी मूर्ति (22), ख्याला निवासी देव कुमार (22), शकूरपुर निवासी संजय, (26), इंद्रपुरी निवासी सरन राज (32), पीतमपुरा निवासी राजेश (28), जनकपुरी निवासी सलाम बरसन (22) रोहिणी निवासी पिंटू कुमार (26) हैं। इसके अलावा 12 महिलाएं हैं।
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बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि सूचना के बाद चला अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
बाहरी जिला पुलिस ने पीतमपुरा क्षेत्र में एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश करते हुए 12 महिलाओं समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों पर आरोप है कि उन्होंने एक वित्तीय कंपनी का प्रतिनिधि बनकर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों के साथ ठगी की है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि वह बजाज फिनसर्व के प्रतिनिधि बनकर लोगों को ऋण और बीमा संबंधी सेवाएं देने का झांसा देते थे और प्रक्रिया संबंधी शुल्क के नाम पर 1500-2000 हजार रुपये डिजिटल माध्यम से वसूल लेते थे। पैसा मिलने के बाद, आरोपी कॉल का जवाब देना बंद कर देते थे और पकड़े जाने से बचने के लिए अपने सिम कार्ड बदल देते थे।
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि इलाके में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर के बारे में विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद सात अप्रैल को यह अभियान चला, जिसके बाद संयुक्त छापेमारी की गई। उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान 19 लोग फोन पर बात करने में लिप्त पाए गए और इंस्पेक्टर राजपाल की टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि एक महिला की पहचान टीम लीडर के रूप में हुई है और उसने खुलासा किया कि यह ठगी का सारा काम पीतमपुरा में स्थित एक मैनेजर की देखरेख में चलाया गया था, जिसने उन्हें संभावित लक्ष्यों का डाटा और अन्य विवरण उपलब्ध कराया था। पुलिस ने बताया कि कथित साजिशकर्ता का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने 36 मोबाइल फोन और अन्य समान जब्त किया है।
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ऐसे करते थे ठगी : ये कॉल सेंटर एक कमरे में चल रहा था। ग्रुप लीडर ने बताया कि वह टीम मैनेजरों के निर्देशों पर काम कर रहे थे। वह अभी भागा हुआ है। उसे गिरफ्तार करने की कोशिशें जारी हैं। उनकी टीम बजाज ग्रुप के प्रतिनिधि बनकर पीड़ितों को फंसाने के लिए एक तय स्क्रिप्ट का इस्तेमाल करती थी। ये नमस्कार सर कहकर फ़ोन शुरू करते थे, लोन देने की पेशकश करते थे और जब पीड़ित दिलचस्पी दिखाते थे तो वह उनसे आधार कार्ड और पेन कार्ड की जानकारी मांगते थे। इसके बाद वह व्हाट्सएप व क्यूआर कोड भेजकर प्रोसेसिंग फीस जमा करने को कहते थे। इसके बाद, वे या तो जवाब देना बंद कर देते थे, अपने संपर्क नंबर बदल लेते थे, या पीड़ितों को ब्लॉक कर देते थे।
गिरफ्तार आरोपी : शकूरपुर, दिल्ली निवासी मूर्ति (22), ख्याला निवासी देव कुमार (22), शकूरपुर निवासी संजय, (26), इंद्रपुरी निवासी सरन राज (32), पीतमपुरा निवासी राजेश (28), जनकपुरी निवासी सलाम बरसन (22) रोहिणी निवासी पिंटू कुमार (26) हैं। इसके अलावा 12 महिलाएं हैं।