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Delhi NCR News: हिंदू कॉलेज में तय क्षमता से ज्यादा दाखिले, प्रिंसिपल की भूमिका पर सवाल
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- स्टाफ एसोसिएशन ने जताया अविश्वास, दाखिलों की निष्पक्ष जांच और नियमों के उल्लंघन की जांच की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में स्नातक दाखिलों में स्पोर्ट्स और ईसीए कोटे के तहत कॉमर्स और राजनीति विज्ञान विभाग में तय क्षमता से अधिक दाखिले होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन की आपात बैठक में प्रिंसिपल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास जताया गया।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने अतिरिक्त दाखिलों को गलती से हुआ दाखिला बताया है। इसके बावजूद प्रिंसिपल ने कॉलेज की वैधानिक समितियों की आपत्तियों को नजरअंदाज कर दाखिला प्रक्रिया पूरी कराई। एसोसिएशन के मुताबिक, स्टाफ सदस्यों ने समय रहते नियमों और विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों की जानकारी प्रिंसिपल को दी थी, लेकिन उनकी आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया गया। एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. रत्न लाल ने कहा कि ईसीए और स्पोर्ट्स कोटे के तहत नियमों के विपरीत दाखिले हुए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों के उल्लंघन के साथ किसी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की संभावना की जांच की मांग की। एसोसिएशन मामले की शिकायत कुलपति, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी करेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में स्नातक दाखिलों में स्पोर्ट्स और ईसीए कोटे के तहत कॉमर्स और राजनीति विज्ञान विभाग में तय क्षमता से अधिक दाखिले होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन की आपात बैठक में प्रिंसिपल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ अविश्वास जताया गया।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय ने अतिरिक्त दाखिलों को गलती से हुआ दाखिला बताया है। इसके बावजूद प्रिंसिपल ने कॉलेज की वैधानिक समितियों की आपत्तियों को नजरअंदाज कर दाखिला प्रक्रिया पूरी कराई। एसोसिएशन के मुताबिक, स्टाफ सदस्यों ने समय रहते नियमों और विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों की जानकारी प्रिंसिपल को दी थी, लेकिन उनकी आपत्तियों पर ध्यान नहीं दिया गया। एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. रत्न लाल ने कहा कि ईसीए और स्पोर्ट्स कोटे के तहत नियमों के विपरीत दाखिले हुए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों के उल्लंघन के साथ किसी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की संभावना की जांच की मांग की। एसोसिएशन मामले की शिकायत कुलपति, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी करेगी।
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